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Prayagraj : धौंस जमाने को आईएएस-आईपीएस व मंत्रियों का भी लिया नाम, पुलिस को व्हाट्सएप पर मिले साक्ष्य
Sun, 08 Sep 2024 06:03 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 08 Sep 2024 06:03 PM IST
सार
सिविल लाइंस पुलिस ने एक दिन पहले शिवकुटी के गोविंदपुर निवासी आशीष त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। गर्ल्स हाईस्कूल की प्रधानाचार्य की ओर से तहरीर देकर आरोप लगाया गया था कि उसने खुद को आईबी अधिकारी बताकर स्कूल में एडमिशन के लिए दबाव बनाया।
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आशीष त्रिपाठी।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
सिविल लाइंस में आईबी अफसर बनकर एडमिशन का दबाव बनाने वाले आरोपी के बारे में कई अन्य खुलासे हुए हैं। पता चला है कि उसने खुद के बारे में झूठ बोलने के साथ-साथ कई आईएएस-आईपीएस व मंत्रियों तक का नाम लिया था। उसकी ओर से एडमिशन के संबंध में भेजे गए व्हाट्सएप मैसेज से इसकी पुष्टि हुई है।
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सिविल लाइंस पुलिस ने एक दिन पहले शिवकुटी के गोविंदपुर निवासी आशीष त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। गर्ल्स हाईस्कूल की प्रधानाचार्य की ओर से तहरीर देकर आरोप लगाया गया था कि उसने खुद को आईबी अधिकारी बताकर स्कूल में एडमिशन के लिए दबाव बनाया। इसके बाद ही पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
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यह भी बात सामने आई है कि उसने खुद को आईबी अधिकारी तो बताया ही, बड़े पदों पर तैनात कई आईएएस-आईपीएस को भी अपना करीबी बताया। कुछ मंत्रियों का नाम लेकर भी दबाव बनाने की कोशिश की। उसने व्हाट्सएप मैसेज में इन नामों का जिक्र किया, जो एडमिशन के संबंध में आरोपी की ओर से भेजे गए। प्रधानाचार्य की ओर से पुलिस को कुछ व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट भी सौंपे गए हैं।
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प्रभारी सिविल लाइंस रामाश्रय यादव ने बताया कि व्हाट्सएप चैट में आरोपी ने कई लाेगों के नाम लेकर भी धौंस जमाने की कोशिश की। एसीपी सिविल लाइंस श्वेताभ पांडेय ने बताया कि जांच पड़ताल की जा रही है।