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नमामि गंगे, गंगा के नाम रही शाम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 21 Jan 2018 01:58 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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सांस्कृतिक केंद्र की ओर से माघ मेले में आयोजित सांस्कृतिक संध्या चलो मन गंगा यमुना तीर के तहत शनिवार की शाम पद्मभूषण सरोजा वैद्यनाथन की कला साधना के नाम रही। उनके सत्रह शिष्यों ने भरतनाट्यम माध्यम से नृत्य नाटिका ‘नमामि गंगे’ प्रस्तुत करके समां बांधा। मोदी की भूमिका में सरोजा जी के बेटे सीवी कामेश रहे जबकि अंकिता-गंगा, हिमांशु-भागीरथ और अमृत-शिव बने।
कुमार बादल एवं दल के लोकगीत गायन, संगीता राय एवं दल द्वारा लोकगीत,शीलू सिंह द्वारा आल्हा गायन के बाद हरियाणा के मनोज जाले एवं दल, गंगादेवी एवं दल,सत्यप्रिया पलाई एवं दल,शब्बीर एवं दल, आनन्द कुमार एवं दल ने बहुरंगी प्रस्तुतियों से मुग्ध किया। पहली पाली में राकेश यादव एवं सहयोगियों ने सुगम संगीत, जित्तू यादव एवं उनके सहयोगियों, अजय तिवारी एवं दल और पंचम लाल यादव एवं दल ने बिरहा सहित मनभावन प्रस्तुतियों से नाता जोड़ा। राकेश मिश्रा एवं दल ने पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किया। बतौर मुख्य अतिथि आकाशवाणी के कार्यक्रम प्रमुख मंजुल किशोर वर्मा ने पहल और प्रस्तुतियों को सराहा। कहा, केंद्र का कार्य उस पारस पत्थर जैसा है जो कलाकारों को सोना बनाता है। केंद्र निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर ने स्वागत किया।
सांस्कृतिक केंद्र के मंच पर दूरदर्शन इलाहाबाद ने भी सार्थक मौजूदगी दर्ज कराई। जागरूकता के उद्देश्य से नाटक ‘गंगा का दर्द’ के माध्यम से कलाकारों ने निर्मल गंगा का संदेश दिया। बाद में बाबूलाल भंवरा और मंजूलता ने लोकगीतों की प्रस्तुतियों से मुग्ध करते हुए तालियां बटोरीं। अशोक बेशरम ने संचालन किया। प्रस्तुतकर्ता हर्षित कुमार के साथ कार्यक्त्रस्म अधिशासी दीपक राय और सहायक प्रस्तुतकर्ता आसिफ इकबाल ने सहयोग किया। कार्यक्रम प्रमुख हर्षित कुमार, केंद्र अध्यक्ष एसपी जायसवाल, सांस्कृतिक केंद्र की कार्यक्रम अधिकारी कल्पना सहाय ने दीप जलाकर उद्घाटन किया। कार्यक्रम में न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी सहित अेनक विशिष्टजन मौजूद थे।
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कुमार बादल एवं दल के लोकगीत गायन, संगीता राय एवं दल द्वारा लोकगीत,शीलू सिंह द्वारा आल्हा गायन के बाद हरियाणा के मनोज जाले एवं दल, गंगादेवी एवं दल,सत्यप्रिया पलाई एवं दल,शब्बीर एवं दल, आनन्द कुमार एवं दल ने बहुरंगी प्रस्तुतियों से मुग्ध किया। पहली पाली में राकेश यादव एवं सहयोगियों ने सुगम संगीत, जित्तू यादव एवं उनके सहयोगियों, अजय तिवारी एवं दल और पंचम लाल यादव एवं दल ने बिरहा सहित मनभावन प्रस्तुतियों से नाता जोड़ा। राकेश मिश्रा एवं दल ने पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किया। बतौर मुख्य अतिथि आकाशवाणी के कार्यक्रम प्रमुख मंजुल किशोर वर्मा ने पहल और प्रस्तुतियों को सराहा। कहा, केंद्र का कार्य उस पारस पत्थर जैसा है जो कलाकारों को सोना बनाता है। केंद्र निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर ने स्वागत किया।
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सांस्कृतिक केंद्र के मंच पर दूरदर्शन इलाहाबाद ने भी सार्थक मौजूदगी दर्ज कराई। जागरूकता के उद्देश्य से नाटक ‘गंगा का दर्द’ के माध्यम से कलाकारों ने निर्मल गंगा का संदेश दिया। बाद में बाबूलाल भंवरा और मंजूलता ने लोकगीतों की प्रस्तुतियों से मुग्ध करते हुए तालियां बटोरीं। अशोक बेशरम ने संचालन किया। प्रस्तुतकर्ता हर्षित कुमार के साथ कार्यक्त्रस्म अधिशासी दीपक राय और सहायक प्रस्तुतकर्ता आसिफ इकबाल ने सहयोग किया। कार्यक्रम प्रमुख हर्षित कुमार, केंद्र अध्यक्ष एसपी जायसवाल, सांस्कृतिक केंद्र की कार्यक्रम अधिकारी कल्पना सहाय ने दीप जलाकर उद्घाटन किया। कार्यक्रम में न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी सहित अेनक विशिष्टजन मौजूद थे।
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