प्रयागराज : नैनी का नाम अब अटल बिहारी वाजपेयी नगर, नगर निगम सदन में प्रस्ताव पर लगी मुहर
सदन की बैठक में बम्हरौली एयरपोर्ट का नाम पं. दीन दयाल उपाध्याय और नैनी में स्थित लेप्रोसी मिशन चौराहे का नाम अब श्याम प्रसाद मुखर्जी के नाम करने पर सहमति बनी। इसी के साथ सदन में नगर निगम के मूल आय-व्यय के 8.17 अरब के बजट को मंजूरी दी गई। जिसके तहत इस वित्तीय वर्ष में शहर में वेडिंग जोन बनाने, महिला मार्केट बनाने करने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य होंगे।
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नैनी अब अटल बिहारी बाजपेयी नगर के नाम से जाना जाएगा। सोमवार को नगर निगम सदन की बैठक में नैनी का नाम बदलने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई। सदन की बैठक में कई अन्य चौराहों और सड़कों का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इसमें बम्हरौली एयरपोर्ट का नाम पं. दीन दयाल उपाध्याय और लेप्रोसी मिशन चौराहे का नाम श्याम प्रसाद मुखर्जी के नाम करने पर सहमति बनी। इसी के साथ सदन में नगर निगम के मूल आय-व्यय के 8.17 अरब के बजट को मंजूरी दी गई। जिसके तहत इस वित्तीय वर्ष में शहर में वेडिंग जोन बनाने, महिला मार्केट बनाने करने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य होंगे।
महापौर अभिलाषा गुप्ता ने रखा प्रस्ताव
नगर निगम सदन की बैठक में नैनी का नाम अटल बिहारी बाजजेयी नगर करने का प्रस्ताव महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने रखा। महापौर ने सदन को बताया कि अप्रैल में इसका प्रस्ताव मिला था। उसके बाद निगम की कमेटी के सामने यह रखा गया और वहां से पास होने के बाद इसे सदन के पटल पर इसे रखा गया है। महापौर के प्रस्ताव रखने के बाद सदन ने इसे पूर्ण बहुमत से पास करते हुए इस पर मुहर लगा दी। इसके अलावा नैनी के प्रमुख चौराहे लेप्रोसी मिशन का भी नाम बदल दिया गया है।
यह अब श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहे के नाम से जाना जाएगा। यह प्रस्ताव भी सदन में ध्वनिमत से पास कर दिया गया। इसी क्रम में बम्हरौली एयरपोर्ट का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा गया। इसे भी सदन की मंजूरी मिल गई। एयरपोर्ट का नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय एयरपोर्ट कर दिया गया है। वहीं कई अन्य प्रमुख सड़कों और चौराहों के नाम बदलने को प्रस्ताव सदन में मंजूरी दी गई। महापौर ने बताया कि नैनी के नाम बदलने के प्रस्ताव को शासन के पास भेजा गया था। जिसके बाद शासन ने सदन में इसका फैसला करने का निर्देश दिया था।
ईएसएसएल का अनुबंध खत्म, निगम खुद कराएगा बिजली से जुड़े कार्य
नगर निगम की सीमा के अंतर्गत बिजली से जुड़े कार्य मसलन, खंभे, स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम देखने वाली एजेंसी ईएसएसएल का अनुबंध खत्म कर दिया गया है। सदन की बैठक में इस पर सहमति बनी। अब नगर निगम स्वयं यह कार्य करेगा। अभी तक ईएसएसएल को टेंडर देकर खंभों और स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का कार्य कराता था।