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नैनी सेंट्रल जेलः 100 से अधिक शातिर बंदियों की बदली गई बैरक

Sun, 07 Jul 2019 01:12 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jul 2019 01:12 AM IST
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Naini Central Jail: More than 100 Vicious Barracks Changed Barracks
Naini Central Jail: More than 100 Vicious Barracks Changed Barracks
सेंट्रल जेल नैनी: 100 से अधिक शातिर बंदियों की बदली गई बैरक
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सर्किल पांच के बैरक चार बनी सभी 28 कोठरियों को कराया जा रहा सील
छापेमारी के दौरान इसी बैरक में मिले थे सबसे ज्यादा प्रतिबंधित सामान
इस बैरक की कोठरियों में रखे गए थे चर्चित पांच माफियाओं के सभी शार्गिद
नैनी। केंद्रीय कारागार नैनी के सर्किल नंबर पांच की बैरक नंबर चार की अंग्रेजों के जमाने में बनी सभी 28 कोठरियों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। अब इन कोठरियों में कोई भी कैदी नहीं रहेगा। यह फैसला यहां रहने वाले अपराधियों द्वारा प्रतिबंधित वस्तुओं का लगातार इस्तेमाल करने की शिकायत करने पर लिया गया बताया जा रहा था। इन कोठरियों में अब तक पांच बड़े माफियाओं के सौ शागिर्द कैद थे। जिन्हें अब सर्किल की अन्य अलग-अलग बैरकों में ट्रांसफर कर दिया गया है। जिसमें इस बात का खास ख्याल रखा गया है कि उन्हें बंद कोठरी के बजाय खुली बैरकों में रखा जाए, जिससे उनकी हर गतिविधि पर जेल के बंदीरक्षक और बैरक एवं सर्किल इंचार्ज नजर रख सकें।
गौरतलब है कि ब्रिटिश शासन काल मेें बनाए गए केंद्रीय कारागार, नैनी देश की पांच सबसे बड़ी जेलों में चौथे नंबर पर है। यहां पर करीब 3900 कैदी बंद है। जिनमें पाकिस्तानी, बांग्लादेशी समेत एक दर्जन आतंकवादी भी शामिल हैं। जेल के सर्किल नंबर 01, 02 और 05 के अलग-अलग बैरकों में 28-28 कोठरियां बनवाई गईं थीं। ब्रिटिश शासन काल में जेल के अंदर दंडित करने के लिए लोगों को इन कोठरियों में बंद कर दिया जाता था। ये कोठरियां चारों तरफ से पैंक हैं। स्वतंत्रता के बाद इन कोठरियों में एक के बजाय दो से चार तक की संख्या में शातिर अपराधियों को बंद किया जाने लगा था।
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चूंकि ये कोठरियां चारों तरफ से बंद हैं, इसलिए इनमें कैद होने वाले अपराधियों की अंदर की गतिविधियों पर हर समय नजर रखने में जेल प्रशासन को दिक्कत होती थी। इसलिए इससे पहले बैरक सर्किल नंबर दो की कोठरियों को पहले ही बंद करा दिया गया था। बाकि दो सर्किलों की कोठरियों में कैदियों को रखा जाता था। सर्किल नंबर पांच के बैरक नंबर चार में बनी कोठरियों में प्रयागराज समेत प्रदेश के पांच बड़े माफियाओं के शार्गिदों को कैदिया गया था, जिनकी संख्या तकरीबन 100 थी। पिछले दिनों फोटो वायरल होने से लेकर छापेमारी के दौरान मोबाइल समेत अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की बरामदगी सबसे ज्यादा सर्किल पांच के बैरक छह में ही हुई थी।
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जिसके बाद से जेल अफसरों के कान खड़े हो गए थे। इसी वजह से सर्किल पांच के बैरक चार की सभी 28 कोठरियों को खाली कराकर यहां रहने वाले बंदियों के अन्य बैरकों में ट्रांसफर कर दिया गया। यहां की कोठरियों को पूरी तरह से सील पैक कराया जा रहा है। जेल प्रशासन अगले कुछ दिनों में सर्किल एक की भी कोठरियों को खाली कराकर सील करने की तैयारी में है।
बैरक नंबर चार में फिर मिला एक मोबाइल हैंडसेट
नैनी (ब्यूरो)। केंद्रीय कारागार नैनी के सर्किल नंबर पांच के बैरक नंबर चार में खाली कराई गई कोठरियों के दरवाजे बंद करने के दौरान शुक्रवार को जीओ कंपनी का एक मोबाइल बरामद हुआ। जेल वार्डर सजय कुमार के अनुसार बैरक नंबर चार की कोठरियों में मरम्मत का कार्य चल रहा है। उसी दौरान शनिवार को सुबह 10.30 बजे के करीब मोबाइल बरामद हुआ। हालांकि वहां कोई कैदी नहीं रहता है। इस संबंध में संजय कुमार नैनी कोतवाली में प्रिजंस एक्ट 1884 की धारा 42 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। जिसमें बताया गया है कि बरामद मोबाइल में सिम नहीं था।

सर्किल पांच की बैरक चार में बनी कोठरियों में 100 से ज्यादा बंदी बंद थे। इन सभी को बाहर अन्य बैरिकों में ट्रांसफर कर दिया गया है और इन कोठरियों को सील कराया जा रहा है। यहां बंद रहने वाले बंदियों को खुली बैरकों में रखा गया है, ताकि इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
हरिबक्श सिंह
वरिष्ठ जेल अधीक्षक
केंद्रीय कारागार, नैनी।
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