फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Murder committed without prior planning, in a fit of rage or quarrel is culpable homicide: High Court

बिना पूर्व योजना, अचानक आवेश-झगड़े में हुई हत्या गैर इरादतन हत्या है : हाईकोर्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 May 2026 02:43 AM IST
विज्ञापन
Murder committed without prior planning, in a fit of rage or quarrel is culpable homicide: High Court
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बिना किसी पूर्व योजना के अचानक झगड़े और आवेश में हुई हत्या गैर इरादतन के तहत आती है। इसी के साथ हाईकोर्ट ने आरोपियों की हत्या की सजा को घटाकर गैर इरादतन हत्या में परिवर्तित कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने महेश सिंह व अन्य की याचिका पर दिया।
विज्ञापन

मामले के मुताबिक, आठ जुलाई 2016 को आरोपी महेश सिंह व अन्य के खिलाफ शाहजहांपुर के रोजा थाने में हत्या के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई। अभियोजन के अनुसार पंचायत चुनाव के दौरान मृतक का आरोपियों के परिवार से संबंध बना था। मृतक ने आरोपियों को 1.5 लाख रुपये उधार दिए थे। पैसे वापस मांगने पर उसे घर बुलाया गया। जहां विवाद के दौरान आरोपियों ने गोली मारकर और धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। ट्रायल कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही एक लाख का जुर्माना लगाया था।
विज्ञापन

बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि अभियोजन की कहानी संदेह से परे साबित नहीं हुई है। घटना पूर्व नियोजित नहीं थी बल्कि अचानक विवाद के दौरान हुई। इसलिए यह मामला गैर इरादतन हत्या का बनता है। वहीं, शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से मृतक को बुलाकर सामूहिक रूप से उसकी हत्या की। प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान और चिकित्सीय साक्ष्य अभियोजन की कहानी की पुष्टि करते हैं। इसलिए ट्रायल कोर्ट का फैसला सही है और इसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोर्ट ने कहा कि साक्ष्यों के आधार पर साबित होता है कि घटना अचानक झगड़े और आवेश में हुई। इसमें पूर्वनियोजन का अभाव है। यह आपराधिक मानव वध का मामला है जो हत्या की श्रेणी में नहीं आता। कोर्ट ने आरोपियों को पहले से जेल में काटी गई सजा के आधार पर रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि, जुर्माना यथावत रखा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed