प्रयागराज हत्याकांड : फिंगर प्रिंट से खुलेंगे हत्या के राज, लैब में भेज जाएंगे सैंपल
जानकारों का कहना है कि घटना के दौरान मौजूद पांचों लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में कोई भी यह बताने वाला नहीं बचा है कि घटना किसने अंजाम दी। फिलहाल पुलिस की जांच पड़ताल और कार्रवाई आरोप, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और मौके से बरामद सुसाइड नोट पर टिकी है।
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खागलपुर हत्याकांड के 48 घंटे बाद भी अनसुलझे राज को खोलने के लिए पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लेने की तैयारी में है। इसके तहत मौके से बरामद फिंगर प्रिंट के नमूनों को जांच के लिए फोरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। यह वह नमूने हैं, जो घटना के बाद फोरेंसिक टीम ने कमरे के साथ ही कुर्सियों और हत्या में प्रयुक्त कटवासे से एकत्र किए हैं। इन सभी का मिलान लैब में कराया जाएगा और फिर रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारों का कहना है कि घटना के दौरान मौजूद पांचों लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में कोई भी यह बताने वाला नहीं बचा है कि घटना किसने अंजाम दी। फिलहाल पुलिस की जांच पड़ताल और कार्रवाई आरोप, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और मौके से बरामद सुसाइड नोट पर टिकी है। ऐसे में वैज्ञानिक साक्ष्य केस के खुलासे में काफी अहम रोल अदा कर सकते हैं। इनमें से सबसे अहम फिंगर प्रिंट हैं।
कटवासे और कुर्सी के हत्थे पर हैं अंगुलियों के निशान
पुलिस अफसरों का भी ऐसा ही मानना है। उनका कहना है कि मृतकों के फिंगर प्रिंट के नमूने एकत्र कर लिए गए हैं। अब नामजद आरोपियों और सुसाइड नोट में प्रताड़ना के आरोपी बनाए गए लोगों के फिंगर प्रिंट के नमूने लिए जाएंगे। इन सभी का मिलान मौके से बरामद कटवासे पर मिले फिंगर प्रिंट के नमूने से कराया जाएगा। इससे साफ हो जाएगा कि हत्या किसने की।
लिए जाएंगे लिखावट के नमूने
मृतक के परिजनों ने सुसाइड नोट की लिखावट को राहुल की ही लिखावट बताया है। लेकिन पुलिस ठोस साक्ष्य के लिए इसकी भी जांच कराएगी। इसके लिए सोमवार को मृतक की लिखावट के नमूने लिए जाएंगे। इसके बाद इसे और सुसाइड नोट को फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।