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प्रयागराज : मेजा में छोटे अपराधों के निस्तारण के लिए चलेगी मुंसिफ अदालत

Sun, 07 Aug 2022 12:09 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 07 Aug 2022 12:09 AM IST
सार

सीजेएम के आदेश के बाद कई दिनों से आंदोलनरत जिला अधिवक्ता संघ ने अपनी हड़ताल स्थगित कर दी है। इससे सोमवार से जिला कचहरी में सामान्य दिनों की तरह ही कामकाज हो सकेगा। 

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Munsif court will run for disposal of minor crimes in Meja
Prayagraj News : जिला न्यायालय प्रयागराज। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

यमुनापार के चार थानों के मामलों की सुनवाई के लिए स्थानांतरित की गईं मुंसिफ अदालतों के फैसले को फिलहाल वापस ले लिया गया है। अब केवल मेजा में मुंसिफ अदालत चलाई जाएगी। वह भी ग्राम न्यायालय के अनुसूची के भाग एक व दो से जुड़े मामलों की। इस संबंध में शनिवार को सीजेएम की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। 

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सीजेएम के आदेश के बाद कई दिनों से आंदोलनरत जिला अधिवक्ता संघ ने अपनी हड़ताल स्थगित कर दी है। इससे सोमवार से जिला कचहरी में सामान्य दिनों की तरह ही कामकाज हो सकेगा।  आदेश के मुताबिक केवल मेजा थाने के मामलों की सुनवाई वह भी ग्राम न्यायालय की अनुसूची के भाग एक और दो में वर्णित मामलों की होगी। बाकी कोरांव, खीरी, मांडा के मामलों की सुनवाई पहले की भांति जिला न्यायालय में की जाएगी। जिला अधिवक्ता संघ केमहामंत्री विद्या वारिधि मिश्र ने बताया कि इस संबंध में सीजेएम की ओर से आदेश जारी होने केबाद हड़ताल स्थगित कर दी गई है। सोमवार को फिर से न्यायिक कार्य किए जाएंगे।

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इसके पूर्व तालाबंदी की वजह से जिला न्यायालय का कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया था। हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश डॉ. केजे ठाकर के हस्तक्षेप और इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव एसडी सिंह जादौन के सहयोग से जिला बार और बेंच के बीच उठे गतिरोध को दूर किया गया। जिला अधिवक्ता संघ की ओर से तर्क दिया गया कि मुंसिफ अदालताें की स्थापना में ग्राम न्यायालय के कानून का पालन नहीं किया गया। कहा गया कि कानून के मुताबिक ग्राम न्यायालयों का संचालन करने के लिए अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। वह न्यायालय मोबाइल होगा।


जिला न्यायालय से वहां कोई स्थानांतरण या वहां तैनात मजिस्ट्रेटों को नहीं भेजा जाएगा। आरोप था कि आननफानन में मुंसिफ कोर्टों को वहां स्थानांतरित कर दिया गया। बार ने इसे गलत बताया। बार के इन तर्कों को देखते हुए प्रशासनिक न्यायाधीश ने इन समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया। इसके बाद जिला अधिवक्ता संघ ने तालाबंदी की हड़ताल वापस ली थी और शनिवार को मामले में सीजेएम का आदेश जारी होने के बाद हड़ताल पूरी तरह से स्थगित कर दी।

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