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अधिवक्ता के परिजनों पर टूटा गम का पहाड़, परिजन सदमे में
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Mountain of gum broken on family of lawyer, family in shock
- फोटो : CITY DESK
झूंसी। हाईकोर्ट अधिवक्ता अमूल्यरत्न श्रीवास्तव के असमय देहांत से परिजनों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। तकरीबन 57 वर्षीय अधिवक्ता अमूल्य रत्न श्रीवास्तव पिछले कई साल से झूंसी में किराए पर मकान लेकर परिवार के साथ रह रहे थे। इस वक्त वह झूंसी रोडवेज वर्कशाप के पास मकान बनवा रहे थे। इसी बीच बृहस्पतिवार को कोर्ट में बहस के दौरान हार्ट अटैक से हुई उनकी मौत से परिजनों में कोहराम मचा रहा।
मूलत: पडरौना कुशीनगर निवासी हाईकोर्ट अधिवक्ता अमूल्य रत्न श्रीवास्तव अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियों से भरा पूरा पविार छोड़ गए हैं। उनका बड़ा बेटा कुणाल कंचन श्रीवास्तव बैंक ऑफ बड़ौदा में कार्यरत है। इस वक्त वह गुजरात के अहमदाबाद में नियुक्त है। दीपावली की छुट्टी के दौरान वह घर पर आया था। दूसरा बेटा केतन कंचन फिनलैंड में मोबाइल कंपनी में अफसर है। बेटी शिल्पी कंचन श्रीवास्तव भी अधिवक्ता है। छोटी बेटी शिवानी कंचन बीटेक कर रही है।
कुणाल ने बताया कि दोपहर में पापा के जूनियर अधिवक्ता सुनील का फोन आया कि कोर्ट में बहस के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा है। अस्पताल लेकर जा रहे हैं। सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया। दोनों बेटे मां निहारिका श्रीवास्तव के साथ रोते-बिलखते अस्पताल पहुंचे। वहां अधिवक्ता के मौत की जानकारी होने पर परिजन रोने-बिलखने लगे। शाम को अधिवक्ता के शव का अंतिम संस्कार झूंसी के छतनाग घाट पर किया गया। मुखाग्नि छोटे बेटे केतन ने दिया। अधिवक्ता के निधन की सूचना मिलने पर हाईकोर्ट बार के पूर्व महासचिव अशोक सिंह पहले छतनाग घाट और बाद में उनके आवास पर भी पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। उन्हें हर संभव मदद का भी भरोसा दिलाया। अंतिम संस्कार के मौके पर अधिवक्ता देवदयाल यादव, योगेश सिंह, मुकेश, देवेंद्र यादव, अखिलानंद, मंजेश, यश जादौन, एसी तिवारी समेत भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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मूलत: पडरौना कुशीनगर निवासी हाईकोर्ट अधिवक्ता अमूल्य रत्न श्रीवास्तव अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियों से भरा पूरा पविार छोड़ गए हैं। उनका बड़ा बेटा कुणाल कंचन श्रीवास्तव बैंक ऑफ बड़ौदा में कार्यरत है। इस वक्त वह गुजरात के अहमदाबाद में नियुक्त है। दीपावली की छुट्टी के दौरान वह घर पर आया था। दूसरा बेटा केतन कंचन फिनलैंड में मोबाइल कंपनी में अफसर है। बेटी शिल्पी कंचन श्रीवास्तव भी अधिवक्ता है। छोटी बेटी शिवानी कंचन बीटेक कर रही है।
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कुणाल ने बताया कि दोपहर में पापा के जूनियर अधिवक्ता सुनील का फोन आया कि कोर्ट में बहस के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा है। अस्पताल लेकर जा रहे हैं। सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया। दोनों बेटे मां निहारिका श्रीवास्तव के साथ रोते-बिलखते अस्पताल पहुंचे। वहां अधिवक्ता के मौत की जानकारी होने पर परिजन रोने-बिलखने लगे। शाम को अधिवक्ता के शव का अंतिम संस्कार झूंसी के छतनाग घाट पर किया गया। मुखाग्नि छोटे बेटे केतन ने दिया। अधिवक्ता के निधन की सूचना मिलने पर हाईकोर्ट बार के पूर्व महासचिव अशोक सिंह पहले छतनाग घाट और बाद में उनके आवास पर भी पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। उन्हें हर संभव मदद का भी भरोसा दिलाया। अंतिम संस्कार के मौके पर अधिवक्ता देवदयाल यादव, योगेश सिंह, मुकेश, देवेंद्र यादव, अखिलानंद, मंजेश, यश जादौन, एसी तिवारी समेत भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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