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Prayagraj : बरामद 1300 जाली नोटों में ज्यादातर पर एक ही नंबर, मदरसे में तीन दिन पहले पकड़ी गई थी फैक्टरी
Sat, 31 Aug 2024 05:21 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 31 Aug 2024 05:21 PM IST
सार
सरगना जाहिर ने भले ही बताया है कि उसने मदरसे में कमरा किराये पर लिया था, हालांकि सच यह है कि उसके खाने-पीने और रहने का इंतजाम मौलवी तफसीरुल करता था। उधर, मौलवी से पूछताछ में यह बात सामने आई कि उसने कई बार अफजल और शाहिद को नकली नोट देकर बाजार से खाने-पीने का सामान मंगवाया था।
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मदरसे में चल रही थी नकली नोट बनाने की फैक्टरी।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
मदरसे में नकली नोट की छापने के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि गिरोह के बदमाशों के कब्जे से बरामद 1300 नोटों में ज्यादातर पर एक ही नंबर थे। सूत्रों के मुताबिक, एक सूचना पर पुलिस ने सिविल लाइंस में पहलवान जूस वाली गली में खड़े संदिग्ध करेली निवासी अफजल और शाहिद की तलाशी ली। इस दौरान अफजल के पास नोटों की तीन और शाहिद के पास दो गड्डियां मिलीं। पुलिस गड्डियों को खोलकर देखा तो इन सभी नोटों पर एक ही नंबर 979331 पड़ा था। दोनों आरोपियों को थाने लाकर पूछताछ की गई तो पता चला कि सरगना व मौलवी इस खेल के कर्ताधर्ता है।
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मौलवी करता था खाने-पीने व रहने का इंतजाम
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सरगना जाहिर ने भले ही बताया है कि उसने मदरसे में कमरा किराये पर लिया था, हालांकि सच यह है कि उसके खाने-पीने और रहने का इंतजाम मौलवी तफसीरुल करता था। उधर, मौलवी से पूछताछ में यह बात सामने आई कि उसने कई बार अफजल और शाहिद को नकली नोट देकर बाजार से खाने-पीने का सामान मंगवाया था।
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कमरे में बाहर से लगा देता था ताला
मदरसे में प्रथम तल के जिस कमरे में नकली नोट तैयार किए जाते थे, उस पर अक्सर बाहर से ताला लगा रहता था। सुबह बच्चों की पढ़ाई के वक्त मौलवी खुद ही कमरे में ताला लगा देता था जबकि सरगना जाहिर मौजूद नकली नोट तैयार करता था। बच्चों के जाने के बाद मौलवी भी इसी काम में लग जाता था।
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