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अगले पांच वर्ष में पांच करोड़ से अधिक एससी अभ्यर्थियों को मिलेगा छात्रवृत्ति का लाभ
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More than five crore SC candidates will get scholarship benefits in next five years
प्रयागराज। केंद्र सरकार द्वार अगले पांच वर्ष में पांच करोड़ से अधिक अनुसूचित जाति के छात्रों को उनकी पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसके लिए सरकार द्वारा 590.48 करोड़ रुपये के कुल निवेश का अनुमोदन किया गया है। रविवार को यह बातें मंझनपुर से भाजपा विधायक लाल बहादुर ने सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में दी।
भाजपा महानगर अध्यक्ष गणेश केसरवानी एवं अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में लाल बहादुर ने कहा कि अनुसूचित जाति के छात्रों की दशमोत्तर शिक्षा प्राप्त करने की राह में आने वाली बाधा को हटाते हुए संबंधित छात्रों के लिए छात्रवृत्ति (पीएमएस-एससी) की योजना को बड़े क्रांतिकारी परिवर्तनों के साथ गत 23 दिसंबर 2020 से अगले 5 वर्ष के लिए लागू किया है। इस योजना में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 590.48 करोड़ रुपए के कुल निवेश का अनुमोदन किया है। इसमें केंद्र सरकार 60 फीसदी और राज्य सरकार 40 फीसदी का अनुदान देगी।
दसवीं के बाद अनुसूचित जाति के बच्चों का प्रदेश स्तर पर सकल पंजीकरण (जीईआर) अनुपात 20 फीसदी है, जो कि राष्ट्रीय अनुपात 27 फीसदी से नीचे है। इसे अब राष्ट्रीय अनुपात के बराबर पर लाना है। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के खाते में डीबीटी मोड के माध्यम से पैसे डाले जाएंगे।
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भाजपा महानगर अध्यक्ष गणेश केसरवानी एवं अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में लाल बहादुर ने कहा कि अनुसूचित जाति के छात्रों की दशमोत्तर शिक्षा प्राप्त करने की राह में आने वाली बाधा को हटाते हुए संबंधित छात्रों के लिए छात्रवृत्ति (पीएमएस-एससी) की योजना को बड़े क्रांतिकारी परिवर्तनों के साथ गत 23 दिसंबर 2020 से अगले 5 वर्ष के लिए लागू किया है। इस योजना में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 590.48 करोड़ रुपए के कुल निवेश का अनुमोदन किया है। इसमें केंद्र सरकार 60 फीसदी और राज्य सरकार 40 फीसदी का अनुदान देगी।
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दसवीं के बाद अनुसूचित जाति के बच्चों का प्रदेश स्तर पर सकल पंजीकरण (जीईआर) अनुपात 20 फीसदी है, जो कि राष्ट्रीय अनुपात 27 फीसदी से नीचे है। इसे अब राष्ट्रीय अनुपात के बराबर पर लाना है। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के खाते में डीबीटी मोड के माध्यम से पैसे डाले जाएंगे।
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