Mahakumbh : महाकुंभ में 51 दिनों में 270 से ज्यादा मोबाइल चोरी, विदेशी श्रद्धालु भी हुए शिकार
महाकुंभ मेले में 51 दिन के भीतर 270 से ज्यादा मोबाइल फोन चोरी हो चुके हैं। इनमें से ज्यादातर मामले में बरामदगी या गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मेले में होने वाली आपराधिक घटनाओं की एफआईआर मेला कोतवाली थाने में दर्ज की जा रही है।
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महाकुंभ मेले में 51 दिन के भीतर 270 से ज्यादा मोबाइल फोन चोरी हो चुके हैं। इनमें से ज्यादातर मामले में बरामदगी या गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मेले में होने वाली आपराधिक घटनाओं की एफआईआर मेला कोतवाली थाने में दर्ज की जा रही है। शनिवार दोपहर तक यहां 306 एफआईआर दर्ज की गई। यह आंकड़ा तीन जनवरी से 22 जनवरी तक का है। इनमें से 90 फीसदी मामले मोबाइल चोरी के हैं। इनमें दर्जनभर आईफोन हैं।
सबसे ज्यादा घटनाएं संगम घाट पर
मेला कोतवाली में दर्ज मामलों में चोरी की सबसे ज्यादा घटनाएं संगम घाट पर हुईं। यहां स्नान करने के दौरान श्रद्धालुओं के मोबाइल, पर्स आदि चुरा लिए गए। इसके बाद संगम घाट से त्रिवेणी मार्ग यानी वापसी वाले रास्ते पर चोरी की घटनाएं हुईं। साथ ही हनुमान मंदिर व त्रिवेणी रैंप के पास भी सामान चोरी का मामला सामने आया।
विदेशी श्रद्धालु भी हुए शिकार
चोर गिरोह की ओर से शिकार बनाए गए लोगों में देश के ही नहीं बल्कि विदेश से आने वाले श्रद्धालु पयर्टक भी रहे। ओमान से आईं दीप्ति वापोद्रा का पर्स 13 जनवरी को संगम घाट पर चोरी हो गया। जिसमें उनका मस्कट का आईडी कार्ड व आधार भी रखा था।
इसी तरह 14 जनवरी को यूएसए से आए पॉल माइकल बुचानन का बैग अरैल में चोरी हो गया। इसमें 1700 यूएस डॉलर, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, पासपोर्ट, लेंस के साथ ही डीएसएलआर कैमरा भी रखा था। अरैल घाट पर ही 29 जनवरी को रूस से आए कुर्सिन निकोले का पासपोर्ट, कपड़े व नकदी भरा बैग चोरी कर लिया गया।
मेला एसपी क्राइम चिरंजीव मुखर्जी ने बताया कि बहुत से मोबाइल बरामद कर संबंधित लोगों को वापस किए गए हैं। चोरी के बाद फोन स्विच ऑफ कर दिए जाते हैं। जैसे ही यह ऑन होते हैं, लोकेशन ट्रेस कर इन्हें रिकवर किया जाता है। पुलिस लगातार इस संबंध में काम कर रही है।