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Prayagraj Corona News: 2200 से अधिक कंटेनमेंट जोन, 10 हजार से अधिक की परीक्षा पर संकट
Fri, 04 Sep 2020 03:47 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 04 Sep 2020 03:47 PM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
प्रयागराज राज्य विश्वविद्यालय समेत अनेक भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले हजारों परीक्षार्थियों के सामने नया संकट खड़ा हो गया है। उनके परीक्षा से वंचित होने का भी खतरा मंडरा रहा है। जिले में 2200 से अधिक कंटोनमेंट जोन हैं। केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार ऐसे में क्षेत्र में रहने वाले विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। इससे करीब 10 हजार विद्यार्थियों के इन परीक्षाओं से वंचित होने का खतरा बन गया है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के स्नातक अंतिम वर्ष और परास्नातक अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों की ऑनलाइन परीक्षा होगी। वे घर से भी परीक्षा दे सकेंगे। ऐसे में उनके लिए तो राहत है लेकिन इसी महीने में राज्य विश्वविद्यालय की परीक्षाओं का भी कार्यक्रम भी घोषित हो चुका है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीसएस-मेंस, आरओ-एआरओ, नीट समेत कई परीक्षाएं इसी महीने प्रस्तावित हैं।
इसके विपरीत कोविड़-19 के बढ़ते संक्रमण के बीच जिले में ज्यादातर हिस्से कंटेनमेंट जोन में आ चुके हैं। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि जिले में करीब 3178 गांव हैं। वहीं 80 वार्ड हैं। इसके विपरीत जिले में 2200 से अधिक कंटेनमेंट जोन हो चुके हैं। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार इन क्षेत्रों के विद्यार्थी परीक्षा केंद्र पर नहीं जा सकेंगे। ऐसे में इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय को छोड़ दें तो अन्य संस्थाओं की परीक्षाओं में शामिल होने वाले कंटेनमेंट जोन के विद्यार्थियों का भविष्य अधर में है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के स्नातक अंतिम वर्ष और परास्नातक अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों की ऑनलाइन परीक्षा होगी। वे घर से भी परीक्षा दे सकेंगे। ऐसे में उनके लिए तो राहत है लेकिन इसी महीने में राज्य विश्वविद्यालय की परीक्षाओं का भी कार्यक्रम भी घोषित हो चुका है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीसएस-मेंस, आरओ-एआरओ, नीट समेत कई परीक्षाएं इसी महीने प्रस्तावित हैं।
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इसके विपरीत कोविड़-19 के बढ़ते संक्रमण के बीच जिले में ज्यादातर हिस्से कंटेनमेंट जोन में आ चुके हैं। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि जिले में करीब 3178 गांव हैं। वहीं 80 वार्ड हैं। इसके विपरीत जिले में 2200 से अधिक कंटेनमेंट जोन हो चुके हैं। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार इन क्षेत्रों के विद्यार्थी परीक्षा केंद्र पर नहीं जा सकेंगे। ऐसे में इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय को छोड़ दें तो अन्य संस्थाओं की परीक्षाओं में शामिल होने वाले कंटेनमेंट जोन के विद्यार्थियों का भविष्य अधर में है।
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