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लेखपालों की हड़ताल से 17 हजार से अधिक आवेदन लंबित
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More than 17 thousand applications pending due to strike by accountants
लेखपालों की हड़ताल से 17 हजार से अधिक आवेदन लंबित
0 अकेले सदर में प्रमाण पत्र के करीब पांच हजार आवेदन लाइन में
प्रयागराज। लेखपालों की हड़ताल की वजह जिले में 17 हजार से अधिक लोगों के काम अटक गए हैं। इन्हें आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के लिए भटकना पड़ रहा है। इनके अलावा जनसुनवाई, राजस्व, पैमाइस आदि से संबंबिधत काम भी ठप हो गए हैं।
आठ सूत्रीय मांग को लेकर लेखपाल 16 दिनों से हड़ताल पर हैं। जिले में कुल 617 लेखपाल हैं। इनमें से 15 लेखपाल ही हड़ताल में शामिल नहीं हैं। प्रशासन की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है। अफसरों का दावा है कि जल्द ही कुछ लेखपाल हड़ताल से अलग हो सकते हैं लेकिन ज्यादातर लेखपाल पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। इसकी वजह से अकेले सदर तहसील में ही आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के करीब पांच हजार आवेदन लंबित हैं। सबसे कम फूलपुर में करीब 700 आवेदन लंबित हैं। करछना में 2100, सोरांव में 2300, बारा में 1700, मेजा में 1800 से अधिक आवेदनों का सत्यापन नहीं हो पाया है। हंडिया और कोरांव में भी 1500 से अधिक आवेदन लंबित हैं। सीआरओ भानु प्रताप का कहना है कि हड़ताल की वजह से कई तरह के काम प्रभावित हुए हैं। वार्ता की जा रही है। जल्द ही लेखपालों के काम पर लौटने की उम्मीद है।
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आईजीआरएस के 1238 मामले डिफाल्टर
0 हड़ताल का असर मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, डीएम आदि के यहां हुई शिकायतों के निस्तारण पर भी पड़ा है। निस्तारण में देरी की वजह से 1238 शिकायतें डिफाल्टर की श्रेणी में शामिल हो गई हैं। आईजीआरएस की रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक 556 प्रकरण हंडिया में डिफाल्टर हुए हैं। फूलपुर में भी 211 प्रकरण डिफाल्टर की श्रेणी में शामिल हैं। मेजा में 123, बारा में 91, करछना में 88, कोरांव में 74, सोरांव में 73 तथा सदर में सबसे कम 22 मामले डिफाल्टर हैं।
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बर्खास्त लेखपालों की सूची होगी लंबी, भेजा नोटिस
प्रयागराज। बर्खास्त होने वाले लेखपालों की सूची और लंबी होने जा रही है। लेखपाल संघ जिला इकाई के 10 पदाधिकारियों की बर्खास्तगी का आदेश पहले ही जारी हो चुका है। अब हड़ताल की अगुवाई करने वाले तहसील स्तर के पदाधिकारियों को बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है। उन्हें चिह्ति करने के साथ नोटिस भेज दिया गया है। सीआरओ का कहना है कि यदि वे जल्द काम पर नहीं लौटे तो उन्हें बर्खास्त किया जाएगा।
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अड़े लेखपाल, सांसद को सौंपा ज्ञापन
0 कार्रवाइयों के बावजूद लेखपाल पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। बुधवार को क्रिसमस का अवकाश होने के बावजूद लेखपालों का बैठकों का दौर जारी रहा। इन बैठकों में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, कर्मचारी महासंघ, राजस्व संग्रह अमीन संघ, अटेवा पुरानी पेंशन बहाली मंच आदि कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हुए तथा लेखपालों के आंदोलन को समर्र्थन दिया। इसके अलावा लेखपाल संघ का प्रतिनिधिमंडल सांसद केशरी देवी पटेल के आवास पर पहुंचा और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सांसद के पुत्र पूर्व विधायक दीपक पटेल ने लिया। बैठक में शुक्रवार को लखनऊ में प्रस्तावित प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। बैठक और ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष राजकुमार सागर, राकेश चंद्र यादव, अवनीश पांडेय, रीना आर्या, अनूप कुमार आदि शामिल रहे।
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0 अकेले सदर में प्रमाण पत्र के करीब पांच हजार आवेदन लाइन में
प्रयागराज। लेखपालों की हड़ताल की वजह जिले में 17 हजार से अधिक लोगों के काम अटक गए हैं। इन्हें आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के लिए भटकना पड़ रहा है। इनके अलावा जनसुनवाई, राजस्व, पैमाइस आदि से संबंबिधत काम भी ठप हो गए हैं।
आठ सूत्रीय मांग को लेकर लेखपाल 16 दिनों से हड़ताल पर हैं। जिले में कुल 617 लेखपाल हैं। इनमें से 15 लेखपाल ही हड़ताल में शामिल नहीं हैं। प्रशासन की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है। अफसरों का दावा है कि जल्द ही कुछ लेखपाल हड़ताल से अलग हो सकते हैं लेकिन ज्यादातर लेखपाल पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। इसकी वजह से अकेले सदर तहसील में ही आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के करीब पांच हजार आवेदन लंबित हैं। सबसे कम फूलपुर में करीब 700 आवेदन लंबित हैं। करछना में 2100, सोरांव में 2300, बारा में 1700, मेजा में 1800 से अधिक आवेदनों का सत्यापन नहीं हो पाया है। हंडिया और कोरांव में भी 1500 से अधिक आवेदन लंबित हैं। सीआरओ भानु प्रताप का कहना है कि हड़ताल की वजह से कई तरह के काम प्रभावित हुए हैं। वार्ता की जा रही है। जल्द ही लेखपालों के काम पर लौटने की उम्मीद है।
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आईजीआरएस के 1238 मामले डिफाल्टर
0 हड़ताल का असर मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, डीएम आदि के यहां हुई शिकायतों के निस्तारण पर भी पड़ा है। निस्तारण में देरी की वजह से 1238 शिकायतें डिफाल्टर की श्रेणी में शामिल हो गई हैं। आईजीआरएस की रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक 556 प्रकरण हंडिया में डिफाल्टर हुए हैं। फूलपुर में भी 211 प्रकरण डिफाल्टर की श्रेणी में शामिल हैं। मेजा में 123, बारा में 91, करछना में 88, कोरांव में 74, सोरांव में 73 तथा सदर में सबसे कम 22 मामले डिफाल्टर हैं।
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बर्खास्त लेखपालों की सूची होगी लंबी, भेजा नोटिस
प्रयागराज। बर्खास्त होने वाले लेखपालों की सूची और लंबी होने जा रही है। लेखपाल संघ जिला इकाई के 10 पदाधिकारियों की बर्खास्तगी का आदेश पहले ही जारी हो चुका है। अब हड़ताल की अगुवाई करने वाले तहसील स्तर के पदाधिकारियों को बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है। उन्हें चिह्ति करने के साथ नोटिस भेज दिया गया है। सीआरओ का कहना है कि यदि वे जल्द काम पर नहीं लौटे तो उन्हें बर्खास्त किया जाएगा।
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अड़े लेखपाल, सांसद को सौंपा ज्ञापन
0 कार्रवाइयों के बावजूद लेखपाल पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। बुधवार को क्रिसमस का अवकाश होने के बावजूद लेखपालों का बैठकों का दौर जारी रहा। इन बैठकों में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, कर्मचारी महासंघ, राजस्व संग्रह अमीन संघ, अटेवा पुरानी पेंशन बहाली मंच आदि कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हुए तथा लेखपालों के आंदोलन को समर्र्थन दिया। इसके अलावा लेखपाल संघ का प्रतिनिधिमंडल सांसद केशरी देवी पटेल के आवास पर पहुंचा और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सांसद के पुत्र पूर्व विधायक दीपक पटेल ने लिया। बैठक में शुक्रवार को लखनऊ में प्रस्तावित प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। बैठक और ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष राजकुमार सागर, राकेश चंद्र यादव, अवनीश पांडेय, रीना आर्या, अनूप कुमार आदि शामिल रहे।