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गाजीपुर के एमएलसी विशाल सिंह चंचल को मिली वाई श्रेणी सुरक्षा हटाने की याचिका पर 26 को सुनवाई
Tue, 24 Nov 2020 07:35 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 24 Nov 2020 07:35 PM IST
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शपथ लेते एमएलसी विशाल सिंह चंचल
- फोटो : अमर उजाला
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गाजीपुर के एमएलसी विशाल सिंह चंचल द्वारा अपनी वाई श्रेणी की सुरक्षा का दुरुपयोग किए जाने के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर अब हाईकोर्ट में 26 नवंबर को सुनवाई होगी। प्रदेश सरकार की ओर से याचिका का विरोध करते हुए इसे खारिज करने की मांग की गई है।
अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल का कहना था कि याची स्वयं आपराधिक प्रवृत्ति का है और उसके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं ।कहा गया कि याची ने खुद एमएलसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है । ऐसे में याची व एमएलसी में व्यक्तिगत रंजिश है और इस नाते जनहित याचिका दायर की गई है । कहा गया कि याची की तरफ से जनहित याचिका पोषणीय नहीं है।
मामले की सुनवाई कर रही चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर व जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने अपर महाधिवक्ता से कहा कि वह यह सारे तथ्य हलफनामा के साथ रिकार्ड पर लाएं ।याचिका वाराणसी निवासी राकेश न्यायिक ने दायर की है। उसका कहना है कि एमएलसी वाई श्रेणी की सुरक्षा का दुरुपयोग कर रहे हैं ।वह आपराधिक प्रकृति के व्यक्ति हैं।
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इससे पूर्व कोर्ट ने सोमवार को याचिका पर सुनवाई कर पहले इस मामले में पूरे प्रदेश में लोगों को दी जा रही सुरक्षा से संबंधित सभी जानकारियां उपलब्ध कराने का आदेश दिया, मगर अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल द्वारा आदेश के बाद केस मेंशन कर उनका पक्ष सुनने का अनुरोध करने के बाद कोर्ट ने आदेश के अमल पर फिलहाल रोक कलगा दी थी।
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अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल का कहना था कि याची स्वयं आपराधिक प्रवृत्ति का है और उसके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं ।कहा गया कि याची ने खुद एमएलसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है । ऐसे में याची व एमएलसी में व्यक्तिगत रंजिश है और इस नाते जनहित याचिका दायर की गई है । कहा गया कि याची की तरफ से जनहित याचिका पोषणीय नहीं है।
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मामले की सुनवाई कर रही चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर व जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने अपर महाधिवक्ता से कहा कि वह यह सारे तथ्य हलफनामा के साथ रिकार्ड पर लाएं ।याचिका वाराणसी निवासी राकेश न्यायिक ने दायर की है। उसका कहना है कि एमएलसी वाई श्रेणी की सुरक्षा का दुरुपयोग कर रहे हैं ।वह आपराधिक प्रकृति के व्यक्ति हैं।
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इससे पूर्व कोर्ट ने सोमवार को याचिका पर सुनवाई कर पहले इस मामले में पूरे प्रदेश में लोगों को दी जा रही सुरक्षा से संबंधित सभी जानकारियां उपलब्ध कराने का आदेश दिया, मगर अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल द्वारा आदेश के बाद केस मेंशन कर उनका पक्ष सुनने का अनुरोध करने के बाद कोर्ट ने आदेश के अमल पर फिलहाल रोक कलगा दी थी।