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गलत सूचना के चलते छूटी प्रवेश परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 27 May 2016 01:32 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय की ओर से हुई प्रवेश परीक्षा में लगातार दूसरे दिन अव्यवस्था का आलम रहा। विवि की ओर से दूसरे दिन पहली पाली में बीकॉम एवं दूसरी पाली में बीएफए-बीपीए की प्रवेश परीक्षा हुई। विवि की ओर से गलत जानकारी भेजे जाने के कारण बड़ी संख्या में प्रवेशार्थियों की परीक्षा छूट गई। परीक्षा छूटने से अभिभावकों एवं छात्रों में विवि की व्यवस्था को लेकर गुस्सा एवं असंतोष दिखाई पड़ा। प्रवेश परीक्षा से एक दिन पहले तक परीक्षार्थियों को अलग-अलग परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिए जाने से भ्रम की स्थिति बनी है। बड़ी संख्या में परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र खोजने के लिए परेशान रहे।
परीक्षा से एक दिन पहले परीक्षार्थियों के मोबाइल पर केंद्र बदले जाने की सूचना का एसएमएस भेजे जाने के बाद असमंजस में छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक परेशान रहे। गलत सूचना भेजे जाने के कारण दूसरे जिले से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने इलाहाबाद सहित दूसरे शहर चले गए। इस कारण से परीक्षा छूट गई। परीक्षार्थी केंद्रों पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि इस केंद्र पर उनकी परीक्षा नहीं है। इससे परेशान होकर अभिभावकों एवं छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।
इविवि प्रवेश समिति के निदेशक प्रो. बीएन सिंह का दावा है कि बुधवार रात में छात्रों के मोबाइल पर दोबारा मैसेज भेजकर उन्हें सूचित कर दिया गया था कि प्रवेश पत्र पर जो केंद्र आवंटित है, उसी पर परीक्षा देनी है। इसी कारण से बीकॉम प्रवेश परीक्षा में 85 फीसदी एवं बीएफए-बीपीए प्रवेश परीक्षा में 89 फीसदी उपस्थिति रही। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों को यह भी मैसेज दिया गया था कि वह किसी भी केंद्र पर सचूना देकर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इसके लिए परीक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों को जानकारी दे दी गई थी।
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इविवि छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने प्रवेश परीक्षा में विवि की व्यवस्था को पूरी तरह से विफल बताया है। उनका कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई है। उनका कहना है कि अभी कुछ दिन पहले ऑनलाइन के साथ आफलाइन प्रवेश परीक्षा कराने के लिए आमरण अनशन चल रहा था, इस दौरान कुलपति के कुछ समर्थक डिजिटल इंडिया का नारा देकर ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का समर्थन कर रहे थे। उनसे सवाल है कि आखिर में प्रवेश परीक्षा के दौरान छात्रों को गलत मैसेज कैसे चले गए। वह कुलपति को शुक्रवार को ज्ञापन सौंपकर प्रवेश परीक्षा से वंचित छात्रों की दोबारा परीक्षा की मांग करेंगी। उन्होंने कहा कि पुन: प्रवेश परीक्षा नहीं कराए जाने पर आंदोलन होगा।
इविवि प्रवेश परीक्षा कोर कमेटी की शुक्रवार को बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में गलत एसएमएस भेजे जाने के मामले जिम्मेदारी तय की जाएगी। कोर कमेटी अपनी रिपोर्ट कुलपति को भेजेगी। इविवि प्रवेश परीक्षा के दौरान सभी जिम्मेदार अधिकारी छुट्टी पर हैं। कुलपति प्रो. आरएल हांगलू प्रवेश परीक्षा के एक दिन पहले से ही अवकाश पर हैं। इसके साथ प्रवेश परीक्षा समिति के अध्यक्ष प्रो. आरके सिंह भी ठीक स्नातक प्रवेश परीक्षा के दौरान छुट्टी पर चले गए। इसी के साथ ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के दौरान आईसीटी सेल के चेयरमैन प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय का अवकाश पर जाना चर्चा में रहा। इसी के साथ विवि के एक अन्य पदाधिकारी के अवकाश पर होने की चर्चा है।
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परीक्षा से एक दिन पहले परीक्षार्थियों के मोबाइल पर केंद्र बदले जाने की सूचना का एसएमएस भेजे जाने के बाद असमंजस में छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक परेशान रहे। गलत सूचना भेजे जाने के कारण दूसरे जिले से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने इलाहाबाद सहित दूसरे शहर चले गए। इस कारण से परीक्षा छूट गई। परीक्षार्थी केंद्रों पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि इस केंद्र पर उनकी परीक्षा नहीं है। इससे परेशान होकर अभिभावकों एवं छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।
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इविवि प्रवेश समिति के निदेशक प्रो. बीएन सिंह का दावा है कि बुधवार रात में छात्रों के मोबाइल पर दोबारा मैसेज भेजकर उन्हें सूचित कर दिया गया था कि प्रवेश पत्र पर जो केंद्र आवंटित है, उसी पर परीक्षा देनी है। इसी कारण से बीकॉम प्रवेश परीक्षा में 85 फीसदी एवं बीएफए-बीपीए प्रवेश परीक्षा में 89 फीसदी उपस्थिति रही। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों को यह भी मैसेज दिया गया था कि वह किसी भी केंद्र पर सचूना देकर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इसके लिए परीक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों को जानकारी दे दी गई थी।
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इविवि छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने प्रवेश परीक्षा में विवि की व्यवस्था को पूरी तरह से विफल बताया है। उनका कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई है। उनका कहना है कि अभी कुछ दिन पहले ऑनलाइन के साथ आफलाइन प्रवेश परीक्षा कराने के लिए आमरण अनशन चल रहा था, इस दौरान कुलपति के कुछ समर्थक डिजिटल इंडिया का नारा देकर ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का समर्थन कर रहे थे। उनसे सवाल है कि आखिर में प्रवेश परीक्षा के दौरान छात्रों को गलत मैसेज कैसे चले गए। वह कुलपति को शुक्रवार को ज्ञापन सौंपकर प्रवेश परीक्षा से वंचित छात्रों की दोबारा परीक्षा की मांग करेंगी। उन्होंने कहा कि पुन: प्रवेश परीक्षा नहीं कराए जाने पर आंदोलन होगा।
इविवि प्रवेश परीक्षा कोर कमेटी की शुक्रवार को बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में गलत एसएमएस भेजे जाने के मामले जिम्मेदारी तय की जाएगी। कोर कमेटी अपनी रिपोर्ट कुलपति को भेजेगी। इविवि प्रवेश परीक्षा के दौरान सभी जिम्मेदार अधिकारी छुट्टी पर हैं। कुलपति प्रो. आरएल हांगलू प्रवेश परीक्षा के एक दिन पहले से ही अवकाश पर हैं। इसके साथ प्रवेश परीक्षा समिति के अध्यक्ष प्रो. आरके सिंह भी ठीक स्नातक प्रवेश परीक्षा के दौरान छुट्टी पर चले गए। इसी के साथ ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के दौरान आईसीटी सेल के चेयरमैन प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय का अवकाश पर जाना चर्चा में रहा। इसी के साथ विवि के एक अन्य पदाधिकारी के अवकाश पर होने की चर्चा है।