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एमएचआरडी ने रोका अनुदान, नहीं मिला वेतन
Fri, 08 Feb 2019 01:28 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 08 Feb 2019 01:28 AM IST
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की ओर से अनुदान न मिल पाने के कारण इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन फंस गया है। इविवि को दो माह से अनुदान नहीं मिला है। हालांकि अगले सप्ताह अनुदान मिलने के आसार हैं और इसके बाद शिक्षकों एवं कर्मचारियों को वेतन मिलने का रास्ता भी साफ हो जाएगा।
दरअसल, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी विश्वविद्यालयों में पब्लिक फंड मैनजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) अनिवार्य कर दिया है। भुगतान केवल पीएफएमएस के माध्यम से ही होना है। तमाम केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने इसे पूरी तरह से नहीं अपनाया है। हालांकि इविवि में पीएफएमएस के माध्यम से ही भुगतान हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि एमएचआरडी ने सभी विश्वविद्यालयों से जवाब तलब किया था। मंत्रालय ने दिसंबर और जनवरी माह में विश्वविद्यालयों के लिए यूजीसी को अनुदान भी नहीं दिया। साथ ही सभी विश्वविद्यालयों से भुगतान प्रक्रिया संबंधी रिपोर्ट भी तलब कर ली गई।
इविवि की ओर से 15 दिन पहले एमएचआरडी को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है कि भुगतान केवल पीएफएमएस के माध्यम से हो रहा है। दिसंबर में अनुदान न मिलने पर इविवि प्रशासन ने दूसरे मद से तकरीबन 12 करोड़ रुपये वेतन में बांटे। जनवरी में भी अनुदान नहीं आया और इस बार इविवि के पास धनराशि भी नहीं थी, सो कर्मचारियों और शिक्षकों को अब तक जनवरी का वेतन नहीं मिला है। हालांकि इविवि प्रशासन की ओर से मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है और सप्ताह भर में राहत मिलने की संभावना है।
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दरअसल, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी विश्वविद्यालयों में पब्लिक फंड मैनजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) अनिवार्य कर दिया है। भुगतान केवल पीएफएमएस के माध्यम से ही होना है। तमाम केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने इसे पूरी तरह से नहीं अपनाया है। हालांकि इविवि में पीएफएमएस के माध्यम से ही भुगतान हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि एमएचआरडी ने सभी विश्वविद्यालयों से जवाब तलब किया था। मंत्रालय ने दिसंबर और जनवरी माह में विश्वविद्यालयों के लिए यूजीसी को अनुदान भी नहीं दिया। साथ ही सभी विश्वविद्यालयों से भुगतान प्रक्रिया संबंधी रिपोर्ट भी तलब कर ली गई।
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इविवि की ओर से 15 दिन पहले एमएचआरडी को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है कि भुगतान केवल पीएफएमएस के माध्यम से हो रहा है। दिसंबर में अनुदान न मिलने पर इविवि प्रशासन ने दूसरे मद से तकरीबन 12 करोड़ रुपये वेतन में बांटे। जनवरी में भी अनुदान नहीं आया और इस बार इविवि के पास धनराशि भी नहीं थी, सो कर्मचारियों और शिक्षकों को अब तक जनवरी का वेतन नहीं मिला है। हालांकि इविवि प्रशासन की ओर से मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है और सप्ताह भर में राहत मिलने की संभावना है।
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