Dhanteras : धनतेरस पर आज पांच महायोगों का मिलन, कुबेर संग पधारेंगी महालक्ष्मी
धनतेरस पर शुक्रवार को पांच महायोगों का मिलन होगा। शुभ योग के साथ अमृत योग की युति इस धनतेरस को बेहद खास बनाएगी। इस महासंयोग के बीच धन कुबेर के संग महालक्ष्मी भक्तों के द्वार पधारेंगी।
कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि में धनतेरस पर महालक्ष्मी की कृपा बरसने वाली है। इस बार हस्त नक्षत्र के साथ स्थिर योग, आयुष्मान योग, प्रीति योग, इंद्र योग, शुक्र और चंद्रमा के संयोग से कलात्मक योग का मिलन हो रहा है। योगों के मिलन की इस युति से अमृत काल के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग भी बनेगा। ऐसे में धनकुबेर के साथ महालक्ष्मी का आगमन हर किसी के लिए शुभदायी होगा। घरों में महालक्ष्मी के पदचिह्न उकेरने के साथ ही फूलों और रंगों से रंगोलियों, अल्पनाओं की सजावट की तैयारियां भी की गई हैं।
मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के समय कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को ही भगवान धनवंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेंद्र मिश्र के मुताबिक भगवान धनवंतरि को भगवान विष्णु का भी अवतार माना जाता है। आरोग्य के देवता के रूप में भगवान विष्णु ने धनवंतरि का अवतार लिया था।
माना जाता है कि धनतेरस का पर्व धन, धान्य, समृद्धि के अलावा स्वास्थ्य, आरोग्यता का भी प्रतीक है। इसलिए इस दिन धन-धान्य की कामना से लक्ष्मी और कुबेर के साथ आरोग्य के लिए भगवान धनवंतरि की पूजा की जाती है। धनतेरस के बाद शनिवार को हनुमान जयंती होगी। इसी तरह 12 नवंबर को दीपावली पर संगमनगरी दीपमालाओं से जगमगाएगी। 13 नवंबर पितृ अमावस यानी पितृ पूजा और 14 नवंबर को गोवर्धन पूजा होगी। 15 नवंबर 2023 को भैया दूज का पर्व मनाया जाएगा।
धनतेरस पूजन का शुभ मुहूर्त
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ : शुक्रवार दोपहर 12:38 से शनिवार की दोपहर 1:59 तक त्रयोदशी रहेगी।
पूजा मुहूर्त – शाम 05:17 बजे से रात 07: 57 तक रहेगा।
धनतेरस पर इन वस्तुओं को खरीदने से बचें
एल्यूमिनियम, लोहे की वस्तुएं, नुकीली या धारदार वस्तुएं, प्लास्टिक का सामान, कांच के बर्तन, काले रंग की वस्तुएं।