मेडिकल कॉन्फ्रेंस : व्यायाम करने व पौष्टिक आहार के सेवन से इंसान को मिलती है खुशी
महिलाओं को 40 की उम्र के बाद नियमित हेल्थ स्क्रीनिंग करवानी चाहिए। इसमें पल्स, ब्लड प्रेशर, शुगर, स्त्री रोग समस्याएं, लिवर -किडनी, थाइरायड, कैंसर, मैमोग्राफी की जांच सम्मिलित है। इसके आलावा एंटी एजिंग डाइट भी ले सकते हैं।
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उम्र बढ़ने के साथ लोगों में हृदय, रक्तचाप, शुगर, हड्डी, गठिया, आंख, थाइरायड की समस्या होने लगती है। इन सबसे बचाव के लिए सभी को छह स्वास्थ संबंधी सूत्रों को अपनाना चाहिए। इसमें संतुलित खान-पान के साथ सही वजन रखने, व्यायाम करने और मदिरा सेवन, धूम्रपान पर नियंत्रण करना चाहिए। इसके अलावा तनाव का स्तर कम करना और नियमित स्वास्थ की जांच कराना जरूरी है।
महिलाओं को 40 की उम्र के बाद नियमित हेल्थ स्क्रीनिंग करवानी चाहिए। इसमें पल्स, ब्लड प्रेशर, शुगर, स्त्री रोग समस्याएं, लिवर -किडनी, थाइरायड, कैंसर, मैमोग्राफी की जांच सम्मिलित है। इसके आलावा एंटी एजिंग डाइट भी ले सकते हैं। इसका उद्देश्य सिर्फ वजन कम करना, नहीं बल्कि सही पोषण देना होता है।
यह व्याख्यान शनिवार को इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के कन्वेंशन हाल में चल रही इंडियन मीनोपॉज सोसाइटी की 29वीं राष्ट्रीय कांफ्रेंस (आईएमएसकॉन-2024) के दूसरे दिन एंटी एजिंग प्रबंधन पर ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन व जीवन ज्योति हॉस्पिटल की निदेशक डॉ. वंदना बंसल ने कही।
डॉ. दुरु शाह ओरेशन जींस मीनोपॉज व वेदांत पर डॉ. रत्नाबली चक्रवर्ती ने व्याख्यान दिए। इनके अलावा डॉ. जयदीप मल्होत्रा, डॉ. सी अम्बुजा, डॉ. शोभना मोहनदास ने हॉर्मोन थेरेपी, मीनोपॉज की जटिलताएं व निदान पर चर्चा की। ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. शांति चौधरी, डॉ. अंजुला सहाय, डॉ. चित्रा पांडेय व डॉ. रागिनी मल्होत्रा ने मीनोपॉज से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण लक्षणों पर विशेष सत्र किया।
खुशी रहना जरूरी
खुश रहने के शरीर में हार्मोन होते हैं कि नहीं, इस विषय पर कई शोध हुए हैं। जिसमें पाया गया कि चार हार्मोन डोपामाइन, सेरोटोनिन, ऑक्सीटोसिन व एंडोर्फिस का शरीर में अलग-अलग रोल है। उदाहरण के तौर पर जब व्यायाम करते हैं, तो शरीर में दर्द होता है, इस दौरान डोपामाइन हार्मोन का स्राव होता है, जो पेन को कम करने का काम करता है। इसे पेन किलर भी कहा जाता है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह नियमित व्यायाम करें और पौष्टिक आहार का सेवन करें। ऐसा करने से उनके अंदर खुशी का संचार होगा। - डॉ. हारा प्रसाद पटनायक, कटक, ओडीशा
40 उम्र के बाद कैसे हो गर्भधारण
वर्तमान में अपना कैरियर बनाने के चक्कर में शादियां देर से हो रही हैं। जिसके कारण प्रगनेंसी की समस्या खड़ी हो रही है। जिसके निदान के लिए कई उपाय सामने आये हैं। जिसमें दवा के माध्यम से समस्या को दूर करना व पीआरपी (प्लेटलेट रिच प्लाज्मा) जिसमें ब्लड से प्लाज्मा को निकालकर ओवरी में इंजेक्ट किया जाता है। जिससे प्रगनेंसी होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। वहीं भारत सरकारी की नई गाइड लाइन के अनुसार अंडदान करके भी प्रेगनेंसी हो सकती है। जिसमें महिलाओं की 50 वर्ष व पुरूष की 55 वर्ष निर्धारित की गई है। - डॉ. ऋषिकेश पाई, ट्रस्टी, फिगो।
ओवरी में सिस्ट होने पर क्या करना है
पीरियड के दौरान अगर किसी भी कारण से अल्ट्रासाउंड किया जाता है और उसमें सिस्ट पांच सेंटीमीटर से कम है तो घबराने की जरूर नहीं है। वह समय के साथ अपने आप चली जाती है। मगर वही सिस्ट अगर कॉम्पलेक्स होती है, तो उसका इलाज जरूरी है। वहीं अगर महीना बंद हो जाता है और ओवरी में एक सेंटीमीटर भी सिस्ट है तो उसपर ध्यान देने की जरूरत है। हर सिस्ट कैंसर का कारण नहीं होती है। वहीं अगर महीना होने के दौरान पांच सेंटीमीटर से अधिक सिस्ट है, तो उसका भी इलाज जरूरी है। - डॉ. अमृता चौरसिया, विभागाध्यक्ष, स्त्री रोग विभाग, एमएलएन