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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Mauni Amavasya: On Mauni, a dip will be taken in four rare yogas including Budhaditya and Mahalakshmi

Mauni Amavasya : आज बुधादित्य व महालक्ष्मी समेत चार दुर्लभ योगों में लगेगी डुबकी, बन रहा है अद्भुत संयोग

Sun, 18 Jan 2026 01:21 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 18 Jan 2026 01:21 AM IST
सार

माघ महीने में संगम तट पर कल्पवास नहीं कर पाने वाले यदि मौनी अमावस्या के दिन स्नान कर लें तो एक महीने के कल्पवास का पुण्य फल प्राप्त हो जाता है। इस बार मौनी पर बुधादित्य, महालक्ष्मी, भौमादित्य और नारायण योगों में डुबकी लगेगी।

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Mauni Amavasya: On Mauni, a dip will be taken in four rare yogas including Budhaditya and Mahalakshmi
संगम तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

माघ महीने में संगम तट पर कल्पवास नहीं कर पाने वाले यदि मौनी अमावस्या के दिन स्नान कर लें तो एक महीने के कल्पवास का पुण्य फल प्राप्त हो जाता है। इस बार मौनी पर बुधादित्य, महालक्ष्मी, भौमादित्य और नारायण योगों में डुबकी लगेगी। रविवार को पूरे दिन मंगल, बुध,शुक्र तथा चंद्रमा का भी योग शुभ फलदायी होगा। ऐसी भी मान्यता है मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत धारण करते हुए त्रिवेणी में पश्चिम वाहिनी गंगा में स्नान करने से तथा दान करने से अनंत फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्य दिवाकर त्रिपाठी के मुताबिक स्नान पर्वों पर सबसे अधिक पुण्य प्रदान करने वाले मौनी अमावस्या को ही माना जाता है। इस दिन पितरों के निमित्त दान करने का भी विधान है।

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माघ कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि का आरंभ 17 जनवरी शनिवार की रात 11:53 बजे के बाद से आरंभ होगा जो 18 जनवरी रविवार को रात में 1:08 बजे तक व्याप्त होगा। ऐसी स्थिति में 18 जनवरी दिन रविवार को सूर्योदय पूर्व ब्रह्म मुहूर्त में ही अमावस्या के स्नान-दान का शुभ मुहूर्त आरंभ हो जाएगा जो दिन पुण्यदायी रहेगा। माघ कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि को मौनी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन पवित्र सरोवर में स्नान दान एवं पितरों के प्रतिष्ठा तर्पण करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है तथा पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। प्रयागराज की पावन संगम तट व गंगा के दशाश्वमेध समेत अन्य घाट तथा पश्चिम वाहिनी गंगा में स्नान करने से तथा दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
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रविवार सुबह दिन में 10:29 बजे तक पूर्वाषाढा नक्षत्र व्याप्त रहेगा। उसके बाद उत्तराषाढा नक्षत्र आरंभ हो जाएगा। हर्षण नामक योग सूर्योदय से लेकर रात में 9:45 बजे तक व्याप्त रहेगा तथा शुभ नमक औदायिक योग व्याप्त रहेगा। इस दिन चंद्रमा दोपहर बाद दिन में 4:53 बजे के बाद मकर राशि में प्रवेश करेगा। ज्योतिषाचार्य इस प्रकार मकर राशि में मंगल, बुध, शुक्र, तथा सूर्य के साथ चंद्रमा का भी योग हो जाएगा जो की परम शुभकारक योग होगा क्योंकि मंगल सूर्य के साथ भौमादित्य योग बनेगा। सूर्य व बुध के साथ बुधादित्य योग बनेगा तथा चंद्रमा मंगल के योग से महालक्ष्मी योग का भी निर्माण होगा। और शुक्र के साथ होने से लक्ष्मी नारायण योग का भी निर्माण होगा इस प्रकार इस बार मौनी अमावस्या के दिन अनेकों राजयोगों का निर्माण हो रहा है। दिन भर स्नान व दान का लाभ मिलेगा।

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