महाकुंभ क्षेत्र मेें स्थित लल्लू जी एंड टेंट कपनी के गोदाम में शनिवार सुबह भीषण आग लग गई। इसमें 10 लाख के बांस-बल्ली, रजाई-गद्दा, फर्नीचर व अन्य सामान के साथ तीन वाहन जलकर राख हो गए। आग बुझाने में मुख्य अग्निशमन अधिकारी समेत पांच अफसर-कर्मचारी आंशिक रूप से झुलस गए। सुबह सात बजे भड़की आग पर पूरी तरह काबू पाने में लगभग 10 घंटे का समय लग गया। आग कैसे लगी, इसका पता नहीं चल सका।
सीएफओ डॉ. राजीव पांडेय ने बताया कि सुबह सात बजे के करीब सूचना मिली कि परेड मैदान में काली सड़क पर शास्त्री ब्रिज के पास स्थित लल्लू जी एंड टेंट कंपनी के गोदाम में आग लग गई है। वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि तब तक पूरे गोदाम में आग फैल चुकी थी। वहां भारी मात्रा में बांस-बल्ली के साथ ही रजाई-गद्दा, फर्नीचर के साथ ही प्लाई स्टोर किया गया था। यही वजह रही कि आग बहुत तेजी से फैलती चली गई। पता चला कि भीतर टेंट कंपनी के 20 कर्मचारी हैं। ऐसे में सबसे पहले अग्निशमन के जवानों ने जान पर खेलकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
2 of 10
लल्लूजी टेंट हाउस के गोदाम में लगी भीषण आग।
- फोटो : अमर उजाला।
इसके बाद जनपद के सभी फायर स्टेशनों के साथ सेना के भी फायर टेंडर मंगवाने के साथ नगर निगम की स्प्रिंकलर गाड़ियां भी मंगवाकर तीन ओर से पानी की बौछार कर आग बुझाने का काम शुरू किया गया। आग की चपेट में आने से भीतर रखे छह गैस सिलिंडर भी फटे। लगातार 10 घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद शाम पांच बजे के करीब आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
3 of 10
टेंट हाउस के गोदाम में आग लग गई।
- फोटो : अमर उजाला।
आग बुझाने के दौरान उनके साथ ही एफएसओ सिविल लाइंस राजेश चौरसिया, एफएसओ नैनी महंतू के अलावा फायरमैन इंद्रीजीत व प्रदीप कुमार यादव मामूली रूप से झुलस गए। सभी का प्राथमिक उपचार कराया गया। घटना में 10 लाख रुपये के नुकसान की आशंका है।
4 of 10
टेंट गोदाम में लगी भीषण आग।
- फोटो : अमर उजाला।
सीएफओ ने बताया कि आग कैसे लगी, इस बाबत मौके पर मौजूद कर्मचारी भी कुछ बता नहीं पाए। विस्तृत जांच पड़ताल के बाद ही कारण का पता चल सकेगा। इसकी जांच के लिए एफएसओ सिविल लाइंस के नेतृत्व में पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। उधर मौके पर डीसीपी नगर अभिषेक भारती, एडीसीपी अभिजीत कुमार भी पहुंचे और राहत कार्य का जायजा लिया।
5 of 10
टेंट के गोदाम में लगी भीषण आग।
- फोटो : अमर उजाला।
वाराणसी में स्थित है मुख्य कार्यालय
लल्लू जी एंड टेंट कंपनी के मालिक मुदित अग्रवाल हैं और इसका मुख्य कार्यालय वाराणसी में स्थित है। कंपनी को महाकुंभ में बांस-बल्ली, रजाई-गद्दे के साथ ही फर्नीचर व लकड़ी आदि के अन्य सामान की आपूर्ति का ठेका मिला था। महाकुंभ के समापन के बाद से कंपनी का सामान परेड मैदान स्थित अस्थायी गोदाम में स्टोर किया गया था। यहां से सामान वाराणसी स्थित मुख्य गोदाम में भेजा जाना था। कंपनी के मालिक मुदित अग्रवाल से संपर्क नहीं हो सका। उधर मैनेजर मनोज ने कहा कि मालिक बाहर रहते हैं। आग कैसे लगी, इस बारे में वह कुछ नहीं जानते।