{"_id":"6ad13a19400c6e9c6f0c663d","slug":"market-for-sarees-livens-up-as-navratri-begins-allahabad-news-c-3-ald1024-998317-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: नवरात्र शुरू होते ही साड़ियों के बाजार में बढ़ी रौनक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: नवरात्र शुरू होते ही साड़ियों के बाजार में बढ़ी रौनक
विज्ञापन
साडी कारोबारी योगेश अग्रवाल
दशहरा, दिवाली और तीज जैसे त्योहारों को देखते हुए साड़ियों के बाजार में नवरात्र शुरू होते ही रौनक बढ़ने लगी है। त्योहारों के साथ शादी-विवाह का सीजन भी कारोबारियों की उम्मीदें बढ़ा रहा है। दुकानदारों ने ग्राहकों की पसंद और बजट को ध्यान में रखते हुए बनारसी, सिल्क, कांजीवरम, डिजाइनर और कम कीमत वाली साड़ियों की विभिन्न रेंज तैयार की है।
कारोबारियों के अनुसार, बाजार में ग्राहकों का रुझान एक ओर पारंपरिक बनारसी और सिल्क साड़ियों की तरफ है, वहीं दूसरी ओर हल्की, आकर्षक डिजाइन वाली और किफायती साड़ियों की मांग भी बनी हुई है। हालांकि, महंगाई के कारण कपड़े, रंगाई, बुनाई, परिवहन और थोक खरीद की लागत बढ़ने से कारोबारियों के सामने मुनाफा बनाए रखने की चुनौती है।
ग्राहक भी खरीदारी से पहले कीमतों की तुलना कर रहे हैं और अपने बजट के अनुसार विकल्प चुन रहे हैं। ऑनलाइन खरीदारी, बदलते फैशन और बड़ी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा ने पारंपरिक दुकानदारों की चुनौतियां बढ़ाई हैं। ऐसे में कारोबारी नई डिजाइन, गुणवत्ता और उचित कीमत के जरिये ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।
विज्ञापन
अखिल भारतीय व्यापारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल के अनुसार, इस साल कारोबार संतोषजनक है। बनारसी और डिजाइनर साड़ियों की मांग बहुत है, सस्ती साड़ियों की मांग भी बढ़ी है। चौक घंटाघर के सावंरिया साड़ीज योगेश अग्रवाल बताते हैं कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष व्यापार कम हुआ है। बाजार ऑनलाइन से प्रभावित हुआ है। अब तो सिर्फ शादी-विवाह और त्योहार के भरोसे ही व्यापार निर्भर हो गया है।
सिविल लाइन उमंग साड़ी के संचालक उमंग ग्रोवर कहते हैं कि त्योहारी सीजन में अच्छी बिक्री की उम्मीद है। हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में कारोबार में कितनी वृद्धि या गिरावट होगी, यह ग्राहकों की खरीदारी, बाजार की मांग और वास्तविक बिक्री के आंकड़ों से स्पष्ट होगा।
सिविल लाइंस सोना क्रिएटिव बुटीक की आरती शर्मा कहती हैं कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार ऑनलाइन शॉपिंग का चलन बढ़ने से साड़ियों के कारोबार में कुछ सुस्ती है। ग्राहक असली हथकरघा साड़ियों के बजाय सस्ती नकली और मिलती-जुलती डिजाइन वाली साड़ियों को अधिक पसंद कर रहे हैं।
विज्ञापन
कारोबारियों के अनुसार, बाजार में ग्राहकों का रुझान एक ओर पारंपरिक बनारसी और सिल्क साड़ियों की तरफ है, वहीं दूसरी ओर हल्की, आकर्षक डिजाइन वाली और किफायती साड़ियों की मांग भी बनी हुई है। हालांकि, महंगाई के कारण कपड़े, रंगाई, बुनाई, परिवहन और थोक खरीद की लागत बढ़ने से कारोबारियों के सामने मुनाफा बनाए रखने की चुनौती है।
विज्ञापन
ग्राहक भी खरीदारी से पहले कीमतों की तुलना कर रहे हैं और अपने बजट के अनुसार विकल्प चुन रहे हैं। ऑनलाइन खरीदारी, बदलते फैशन और बड़ी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा ने पारंपरिक दुकानदारों की चुनौतियां बढ़ाई हैं। ऐसे में कारोबारी नई डिजाइन, गुणवत्ता और उचित कीमत के जरिये ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।
विज्ञापन
अखिल भारतीय व्यापारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल के अनुसार, इस साल कारोबार संतोषजनक है। बनारसी और डिजाइनर साड़ियों की मांग बहुत है, सस्ती साड़ियों की मांग भी बढ़ी है। चौक घंटाघर के सावंरिया साड़ीज योगेश अग्रवाल बताते हैं कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष व्यापार कम हुआ है। बाजार ऑनलाइन से प्रभावित हुआ है। अब तो सिर्फ शादी-विवाह और त्योहार के भरोसे ही व्यापार निर्भर हो गया है।
सिविल लाइन उमंग साड़ी के संचालक उमंग ग्रोवर कहते हैं कि त्योहारी सीजन में अच्छी बिक्री की उम्मीद है। हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में कारोबार में कितनी वृद्धि या गिरावट होगी, यह ग्राहकों की खरीदारी, बाजार की मांग और वास्तविक बिक्री के आंकड़ों से स्पष्ट होगा।
सिविल लाइंस सोना क्रिएटिव बुटीक की आरती शर्मा कहती हैं कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार ऑनलाइन शॉपिंग का चलन बढ़ने से साड़ियों के कारोबार में कुछ सुस्ती है। ग्राहक असली हथकरघा साड़ियों के बजाय सस्ती नकली और मिलती-जुलती डिजाइन वाली साड़ियों को अधिक पसंद कर रहे हैं।