नियम बदलने से राज्य विवि के कई छात्र फेल
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प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में नियमों में परिवर्तन से सैकड़ों की संख्या में बैक पेपर देने वाले छात्र फेल कर दिए गए हैं। मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्र और उनके अभिभावक राज्य विश्वविद्यालय पहुंचे और राहत की मांग की। छात्रों ने इस बात पर आपत्ति भी दर्ज कराई कि पुराने छात्रों पर नया नियम क्यों लागू किया जा रहा है। छात्रों की बात सुनने के बाद कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने उन्हें आश्वासन दिया कि मामला परीक्षा समिति के समक्ष रखा जाएगा और अगर नियमों के राहत मिल सकती है तो दी जाएगी।
राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2016-17 में हुई थी। उस वक्त राज्य विश्वविद्यालय का अपना कोई ऑर्डिनेंस नहीं था। सबकुछ कानपुर विश्वविद्यालय के ऑर्डिनेंस के अनुरूप चलता रहा। वर्ष 2017-18 में ऑर्डिनेंस में संशोधन किया गया लेकिन यह केवल कागजी था। दरअसल, इसमें कोई विशेष परिवर्तन ही नहीं हुआ। कानपुर विश्वविद्यालय के ऑर्डिनेंस में शामिल नियम ऐसे थे कि कोई छात्र बैक पेपर में भले ही फेल हो जाए लेकिन उसे अगले सेमेस्टर में प्रवेश दे दिया जाता है। सत्र 2018-19 में राज्य विश्वविद्यालय में नया नियम बनाया और इसे लागू भी कर दिया, जिसके तहत बैक पेपर में फेल होने वाले अभ्यर्थी को अगले सेमेस्टर में प्रवेश नहीं दिया सकता।
यह नियम लागू होने के कारण पांचवें सेमेस्टर के जिन छात्रों ने तीसरे सेमेस्टर में बैक पेपर दिया था और बैक पेपर में फेल हो गए, उन्हें पूरी तरह से फेल कर दिया गया। इससे छात्रों को एक से डेढ़ वर्ष खराब हो रहा है। अभिभावक परेशान हैं कि इतना शुल्क देकर बच्चों को पढ़ाया और राज्य विवि एक नया नियम लागू करके उन्हें फेल कर रहा है। इस मसले को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्र एवं अभिभावक राज्य विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने कुलपति से राहत की मांग की। कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि उन्होंने मामले को परीक्षा समिति में ले जाने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा समिति इसकी समीक्षा करेगी और अपने स्तर से निर्णय लेगी। अगर नियमों के तहत राहत दी जा सकती है तो इस पर भी निर्णय लिया जाएगा।