मकर संक्रांति पर गंगा, यमुना, अदृश्य सरस्वती की लहरों से भक्ति के सागर का मिलन आस्था के अनंत भावों का साक्षी बना। सूर्य के उत्तरायण होने से पहले आधी रात को ही भक्तिभाव की त्रिवेणी में संतों, भक्तों और कल्पवासियों का कारवां डुबकी लगाने लगा। इस बार पुण्यकाल के लिहाज से रविवार को भी संक्रांति की डुबकी लगेगी। मेला प्रशासन ने पहले दिन देर शाम तक 14 लाख लोगों के स्नान का दावा किया। श्रद्धालुओं ने शुक्रवार की रात दो बजे के बाद से ही संगम में डुबकी लगानी शुरू कर दी। भोर में आस्था पथ पर भक्ति की लहरें हिलोरें मारने लगीं। भगवान सूर्य के उत्तरायण होने का लोगों ने इंतजार नहीं किया।
Makar Sankranti : संगम तट पर उमड़ा आस्था का रेला, श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी
माघ मेला प्रशासन के द्वारा बताया गया है कि मकर संक्रांति स्नान पर्व पर आज अपराहन दो बजे तक लगभग नौ लाख श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके है।
कोई लेटते हुए पहुंच रहा था तो कोई ढोल-नगाड़े के साथ नाचते-कीर्तन करते हुए। गंगा-यमुना के 16 घाटों पर स्नान की होड़ इसी तरह मची रही। सूरत से आई सुखमनी बेन ने पहली बार संगम में संक्रांति पर्व की डुबकी लगाकर घर, परिवार से लेकर पूरे समाज की उन्नति के लिए कामना की। इसी तरह गौतम बुद्ध नगर से बहू-बेटे के साथ आईं सुमित्रा सिंह डुबकी लगाने के बाद त्रिवेणी की पावन धारा को निहारती रहीं। उन्होंने पूरे परिवार की समृद्धि के लिए संकल्प लिया।
वह कहती हैं कि मां गंगा सबका कल्याण करती हैं। माघ में संक्रांति का स्नान पूरी काया को धन्य बना देता है। ओल्डजीटी, गंगोली शिवाला के अलावा त्रिवेणी मार्ग से लगे रामघाट पर भी संगम के रूप में पुण्य की डुबकी लगाई गई। त्रिवेणी, काली सड़क और लाल सड़क से लोग कतारबद्ध होकर झोला, गठरी लेकर संगम की ओर बढ़ते रहे। कोई बुजुर्ग माता -पिता को स्नान कराकर पुण्य बटोरने निकला तो कोई पत्नी-बच्चों को लेकर।
भीड़ में बिछुड़ने की चिंता की वजह से एक-दूसरे का हाथ थाम कर भी लोग चलते रहे, ताकि साथ न छूटने पाए। पौ फटने के साथ महावीर पांटून पुल से लेकर अकबर के किला स्थित वीआईपी घाट तक बनी सर्क्युलेटिंग एरिया स्नानार्थियों से खचाखच भरी रही। किसी के कपड़े खोते रहे तो किसी का झोला। लोग डुबकी लगाते, बिछड़ते और उसी घाट पर मिलते भी रहे।
प्वाइंटर
16 घाटों पर संतों-भक्तों ने लगाई पुण्य की डुबकी
155 सीसीटीवी कैमरों से मेला क्षेत्र की शुरू हुई निगरानी
10 स्थानों पर वाहनों की पार्किंग
05 पांटून पुलों से मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं ने किया प्रवेश
तीन हजार पुलिसकर्मी तैनात, पांच ड्रोन कैमरों से निगरानी
दूसरे स्नान पर्व मकर संक्रांति के मद्देनजर मेला क्षेत्र में तीन हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। तीन एएसपी समेत कुल 19 अफसरों के पर्यवेक्षण में फोर्स सुरक्षा व्यवस्था में तैनात की गई है। 155 सीसीटीवी कैमरों के अलावा कुल पांच ड्रोन कैमरों से भी नजर रखी जा रही है।
मेले में पीएसी की 10 कंपनियां पूर्व में ही तैनात थीं। मकर संक्रांति के लिए पांच अतिरिक्त कंपनियां भी एक दिन पहले ही आ गईं। इसके अलावा जोन के जनपदों में से 30 अतिरिक्त इंस्पेक्टर भी ड्यूटी में लगाए गए हैं। एसपी मेला सुरक्षा राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि सुरक्षा संबंधी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रिजर्व पुलिस लाइन माघ मेला के मानसरोवर सभागार में जवानों की ब्रीफिंग कर उन्हें दिशा निर्देश दिए गए। इस दौरान एडीजी जोन भानु भास्कर के अलावा पुलिस आयुक्त रमित शर्मा समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।
155 सीसीटीवी कैमरे पूूरे मेला क्षेत्र में लगाए गए हैं जिनके जरिए लाइव निगरानी की जा रही है। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से भी संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। अरैल, परेड, संगम, झूंसी में ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। जवानों को उनके ड्यूटी प्वाइंट पर रात में ही तैनात कर दिया गया है। इससे पहले ब्रीफिंग कर उन्हें दिशा-निर्देश दिए गए। जल पुलिस के साथ ही एसडीआरएफ को भी तैनात किया गया है।