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mahashivratri 2022 : संगमनगरी में सजे शिवालय, देवाधिदेव महादेव के जलाभिषेक की तैयारी पूरी
Tue, 01 Mar 2022 03:54 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 01 Mar 2022 03:54 AM IST
सार
यमुना तट स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर में रजत आभूषणों से शृंगार किया जाएगा। मंगलवार की भोर में चार बजे मंगला आरती होगी। इसी के साथ आम भक्तों के लिए दर्शन-पूजन आरंभ हो जाएगा।
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Mahashivratri 2022:
- फोटो : istock
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विस्तार
महाशिवरात्रि पर मंगलवार को देवाधिदेव के जलाभिषेक और दर्शन-पूजन के लिए संगमनगरी में शिवालय सज गए हैं। जलाभिषेक की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। कहीं पुष्पहार, मदार, धतूर के फूलों-पत्तियों से शृंगार झांकी सजाई जाएगी तो कहीं रजत आभूषणों से बाबा का शृंगार होगा। भोलेभक्त अपनी -अपनी कामनाओं को लेकर शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे। इस बार महाशिवरात्रि पर पंचग्रही योग शिव आराधना के लिए खास होगा।
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यमुना तट स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर में रजत आभूषणों से शृंगार किया जाएगा। मंगलवार की भोर में चार बजे मंगला आरती होगी। इसी के साथ आम भक्तों के लिए दर्शन-पूजन आरंभ हो जाएगा। दिन के 12 बजे भोग आरती होगी। इसके बाद रात 10 बजे शृंगार आरती की जाएगी। रंग-बिरंगी झालरों और फूलों से मंदिर को भव्य सजा दिया गया है।
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मंदिर के पुजारी श्रीधरानंद ने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि पर बाबा का चांदी के आभूषणों से शृंगार होगा। दिन भर भंडारा भी चलेगा। इसी तरह अरैल स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में भी फूलों-हरी पत्तियों से महादेव का शृंगार किया जाएगा। वहां महाशिवरात्रि पर दिन भर रुद्राभिषेक और आहुतियां होंगी।
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इस बार महाशिवरात्रि पर बार शिव आराधना का दुर्लभ योग है। धनिष्ठा नक्षत्र में परिघ योग रहेगा। धनिष्ठा के बाद शतभिषा नक्षत्र और परिघ के बाद शिवयोग मिलेगा। ग्रह संयोग के तहत 12वें भाव में मकर राशि में पंचग्रही योग रहेगा। कुंभ राशि में सूर्य और गुरु की युति इस आराधना पर्व को खास बनाएगी।
चतुर्थ भाव में राहु वृषभ राशि में, जबकि केतु 10वें भाव में वृश्चिक राशि में विराजमान रहेंगे। पहली मार्च को महाशिवरात्रि पर ग्रह-नक्षत्रों का ऐसा मिलन लंबे अरसे के बाद हो रहा है। ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेंद्र मिश्र का कहना है कि इस महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की आराधना से सुख-समृद्धि के द्वार खुलेंगे।
बाबा विश्वनाथ और सेमराध नाथ के जलाभिषेक के लिए निकले कांवड़िए
महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए सोमवार को कांवड़िए जल भरकर काशी के लिए रवाना हो गए। दशाश्वमेध घाट से कांवड़ियों ने जल भरा। यहां सविधि पूजा के बाद संकल्प लेकर वह शिव मंदिरों के लिए विदा हुए। सैकड़ों कांवरिए ज्ञानपुर के बाबा सेमराध नाथ, बाबा बूढ़ेनाथ और बाबा हरिहर नाथ के दरबारों में जलाभिषेक के लिए नंगे पांव रवाना हुए।