महंत नरेंद्र गिरि केस : कोर्ट ने सीबीआई से पूछा - जब अदालत ने कमरा सील करने का कोई आदेश नहीं दिया तो खुलवाने के लिए क्यों दे
महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु के बाद जांच कर रही सीबीआई टीम ने जिस कमरे में महंत ने फांसी लगाई थी और महंत जिस कमरे में रहते थे, वह कमरा जिससे कागजात सबूतों को इकठ्ठा करने के बाद सीबीआई ने सील कर दिया था।
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महंत नरेंद्र गिरी का सील कमरा को खुलवाने की सुनवाई के दौरान जिला जज नलिन कुमार श्रीवास्तव ने सीबीआई के रवैये पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। जिला जज ने कहा कि जब कमरे से अब कुछ रिकवरी नहीं करनी है। सील करने के लिए अदालत ने कोई आदेश नहीं दिया था, तो खुलवाने की अनुमति कैसे दे सकता है?
महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु के बाद जांच कर रही सीबीआई टीम ने जिस कमरे में महंत ने फांसी लगाई थी और महंत जिस कमरे में रहते थे, वह कमरा जिससे कागजात सबूतों को इकठ्ठा करने के बाद सीबीआई ने सील कर दिया था। वसीयत से महंत बनने के बाद बलवीर गिरी की ओर से जिला प्रशासन को पत्र लिखकर उसे खुलवाने की मांग की गई थी।
जिला प्रशासन ने सीबीआई को पत्र भेज दिया।
महंत के कमरे से मिले थे चार शस्त्र कारतूस
सीबीआई ने जवाब दिया कि कमरा खुलवाने के लिए कोर्ट का ऑर्डर लाएं। मामले के सुनवाई के दौरान सीबीआई की जांच कर रही टीम के सदस्य एस के नेगी के साथ सीबीआई के अधिवक्ता कोर्ट में मौजूद थे। सीबीआई टीम के सदस्य नेगी ने कोर्ट को बताया कि महंत के कमरे से चार शस्त्र कारतूस और लाइसेंस और कुछ पेन ड्राइव बरामद किया गया था। शस्त्र लाइसेंस एडीएम सिटी की मौजूदगी में पुलिस को सुपुर्द किया गया और पेनड्राइव बतौर सबूत के तौर पर संकलन करके कोर्ट में पेश किया गया। अब उस कमरे से किसी प्रकार की कोई रिकवरी नहीं करनी है।
कोर्ट ने कहा कि कमरा आठ महीने से बंद है। इसे खोलने में क्या आपत्ति है? सीबीआई की ओर से जवाब आया कि इसमें कोई आपत्ति नहीं है। जिला जज ने पूछा कि जांच केदौरान केस डायरी में कमरा बंद करने का जिक्त्रस् क्यों नहीं किया? जिस पर सीबीआई की ओर से कोई जवाब नही दिया गया। जिला जज ने नाराजगी जताते हुए कहा तब आपने क्यों जवाब दिया मठ का बंद कमरा खुलवाने का आर्डर कोर्ट से ले आइए। मौजूदा महंत का छह महीने से कोर्ट में कमरा खुलवाने के लिए प्रार्थना पत्र विचाराधीन है।