{"_id":"60297f9c6218f6410c174fae","slug":"mahant-hari-giri-said-akhada-parisad-has-no-differences-with-all-the-three-ani","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीनों वैरागी अणियों से अखाड़ा परिषद का मतभेद नहीं: महंत हरि गिरि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीनों वैरागी अणियों से अखाड़ा परिषद का मतभेद नहीं: महंत हरि गिरि
Mon, 15 Feb 2021 01:23 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 15 Feb 2021 01:23 AM IST
विज्ञापन
prayagraj news : हरि गिरी।
- फोटो : prayagraj
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से तीनों वैरागी अणियों के अलग होने के दावे को रविवार को परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि तीनों वैरागी अखाड़ों में से किसी के भी जिम्मेदार प्रतिनिधि या महंत ने अभी तक परिषद से अलग होने की बात नहीं कही है। ऐसे में किसी के भी बयान जारी कर देने से इसे तूल नहीं दिया जाना चाहिए। शनिवार को दिगंबर अणि अखाड़े के प्रतिनिधि बाबा हठयोगी दिगंबर ने तीनों वैरागी अणियों के परिषद से अलग होने का दावा किया था।
हरिद्वार कुंभ के तहत तीनों वैरागी अखाड़ों में किसी तरह का काम न होने से नाराजगी है। कहा जा रहा है कि इससे खफा तीनों अणियों ने अखाड़ा परिषद से अलग होने की चेतावनी दी थी। रविवार को अखाड़ा परिषद महामंत्री महंत हरि गिरि ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि किसी संगठन या पदाधिकारी पर उंगली उठाने का आधार होना चाहिए। अखाड़ा परिषद एक है और एक ही रहेगा। उन्होंने कहा कि जबतक तीनों अणियों के महंत या प्रमुख इस मसले पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं देते, तबतक इस तरह की बात नहीं की जानी चाहिए।
विज्ञापन
हरिद्वार कुंभ के तहत तीनों वैरागी अखाड़ों में किसी तरह का काम न होने से नाराजगी है। कहा जा रहा है कि इससे खफा तीनों अणियों ने अखाड़ा परिषद से अलग होने की चेतावनी दी थी। रविवार को अखाड़ा परिषद महामंत्री महंत हरि गिरि ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि किसी संगठन या पदाधिकारी पर उंगली उठाने का आधार होना चाहिए। अखाड़ा परिषद एक है और एक ही रहेगा। उन्होंने कहा कि जबतक तीनों अणियों के महंत या प्रमुख इस मसले पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं देते, तबतक इस तरह की बात नहीं की जानी चाहिए।
विज्ञापन