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फोरेंसिक जांच के लिए भेजी गई पिस्टल-मोबाइल
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Mahant Ashish Giri Murder case
- फोटो : CITY DESK
निरंजनी अखाड़े के सचिव की मौत का मामला
प्रयागराज। दारागंज में निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत आशीष गिरि की संदिग्ध हाल में मौत के मामले में पुलिस ने एक कदम आगे बढ़ाया है। शुक्रवार को उनके कमरे से मिली पिस्टल व मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए लखनऊ स्थित लैब भेज दिए गए। इसके अलावा अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है।
पिथौरागढ़ निवासी महंत आशीष गिरि की 17 नवंबर की सुबह संदिग्ध हाल में मोरी रोड स्थित अखाड़े के आश्रम में गोली लगने से मौत हो गई थी। कमरे के बिस्तर पर मृत पड़े मिले महंत के हथेली में फंसी पिस्टल व मौके से बरामद खोखे के आधार पर पुलिस ने इसे खुदकुशी बताया। हालांकि घटनास्थल के हालात से खुदकुशी की थ्योरी पर सवाल भी उठे। शुक्रवार को पुलिस ने मौके से बरामद पिस्टल व मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए लखनऊ स्थित लैब मेें भेज दिए। जानकारों का कहना है कि पिस्टल पर फिंगर प्रिंट का मिलान महंत की अंगुलियों के निशान से किया जाएगा। इससे यह साफ हो जाएगा कि मामला खुदकुशी का या फिर कुछ और है। इसके अलावा मोबाइल से यह पता चल सकेगा कि घटना से पहले महंत की किससे बात हुई। दारागंज एसओ आशुतोष तिवारी ने बताया कि महंत के कमरे से बरामद मोबाइल, पिस्टल फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
कहीं लटक न जाए मामला
पुलिस पिस्टल व मोबाइल फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कह रही है। हालांकि जानकारों का कहना है कि यह इतना भी आसान नहीं। दरअसल फोरेंसिक रिपोर्ट आने में अक्सर काफी वक्त लगता है। पूर्व में भी कई मामलों में महीनों बीत जाने के बाद भी फोेरेंसिक रिपोर्ट अब तक नहीं आने की वजह से मामला अटका हुआ है। धूमनगंज में प्रिंसिपल व उनकी पत्नी की मौत का मामला भी इनमें से एक है। ऐसे मेें आशंका इस बात की भी है कि फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की बात कहकर पुलिस अपना पल्ला झाड़ने में लगी हो।
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प्रयागराज। दारागंज में निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत आशीष गिरि की संदिग्ध हाल में मौत के मामले में पुलिस ने एक कदम आगे बढ़ाया है। शुक्रवार को उनके कमरे से मिली पिस्टल व मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए लखनऊ स्थित लैब भेज दिए गए। इसके अलावा अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है।
पिथौरागढ़ निवासी महंत आशीष गिरि की 17 नवंबर की सुबह संदिग्ध हाल में मोरी रोड स्थित अखाड़े के आश्रम में गोली लगने से मौत हो गई थी। कमरे के बिस्तर पर मृत पड़े मिले महंत के हथेली में फंसी पिस्टल व मौके से बरामद खोखे के आधार पर पुलिस ने इसे खुदकुशी बताया। हालांकि घटनास्थल के हालात से खुदकुशी की थ्योरी पर सवाल भी उठे। शुक्रवार को पुलिस ने मौके से बरामद पिस्टल व मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए लखनऊ स्थित लैब मेें भेज दिए। जानकारों का कहना है कि पिस्टल पर फिंगर प्रिंट का मिलान महंत की अंगुलियों के निशान से किया जाएगा। इससे यह साफ हो जाएगा कि मामला खुदकुशी का या फिर कुछ और है। इसके अलावा मोबाइल से यह पता चल सकेगा कि घटना से पहले महंत की किससे बात हुई। दारागंज एसओ आशुतोष तिवारी ने बताया कि महंत के कमरे से बरामद मोबाइल, पिस्टल फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
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कहीं लटक न जाए मामला
पुलिस पिस्टल व मोबाइल फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कह रही है। हालांकि जानकारों का कहना है कि यह इतना भी आसान नहीं। दरअसल फोरेंसिक रिपोर्ट आने में अक्सर काफी वक्त लगता है। पूर्व में भी कई मामलों में महीनों बीत जाने के बाद भी फोेरेंसिक रिपोर्ट अब तक नहीं आने की वजह से मामला अटका हुआ है। धूमनगंज में प्रिंसिपल व उनकी पत्नी की मौत का मामला भी इनमें से एक है। ऐसे मेें आशंका इस बात की भी है कि फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की बात कहकर पुलिस अपना पल्ला झाड़ने में लगी हो।

दारागंज स्थित पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव महंत आशीष गिरि (फाइल)।- फोटो : CITY DESK
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