कुंभ मेले में अखाड़े के महामंडलेश्वर ने सेक्टर दफ्तर पर की तोड़फोड़, काटा बवाल
कुंभनगर की भूमि पर अवैध कब्जा हटाने का नोटिस जारी होने के बाद शुक्रवार की शाम सेक्टर-15 के मजिस्ट्रेट कार्यालय पर आवाहन अखाड़े के साधु-संतों ने जमकर तोड़फोड़ की। सेक्टर कार्यालय का गेट, शीशे और कई गमले तोड़ कर चूर कर डाले। मजिस्ट्रेट से अभद्रता के साथ ही वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को वाहन से कुचलने की कोशिश की गई। जानकारी मिलने के बाद दूसरे सेक्टर के मजिस्ट्रेट फोर्स के साथ पहुंचे, लेकिन उत्पात मचाने वालों के आगे किसी का काबू नहीं चल सका।
इस घटना के बाद मेला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस मामले में आवाहन अखाड़े के महामंडलेश्वर प्रबोधानंद गिरि समेत 25 से अधिक अनुयायियों के खिलाफ सेक्टर मजिस्ट्रेट ने कल्पवासी थाने में तहरीर दी है। देर रात कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने अफसरों से घटनाक्रम की जानकारी ली। इस मामले में मेला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है।
सेक्टर-15 में प्रयागवाल तीर्थ पुरोहितों, अन्य संस्थाओं के लिए आवंटित जमीनों के अलावा सरकारी भूमि पर श्रीपंच दशनाम अवाहन अखाड़े के साधु-संतों की ओर से किया गया अवैध कब्जा हटाने की कोशिश पर बवाल खड़ा हो गया। आरोप है कि आवाहन अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद ने अपने शिष्यों के साथ सेक्टर कार्यालय पर तोड़फोड़ की। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने इससे पहले आवाहन अखाड़े के महंत सत्यगिरि महाराज के अलावा अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि और महामंत्री हरि गिरि को पत्र लिखकर करीब 15 बीघा भूमि पर किया गया अवैध कब्जा हटाने का आग्रह किया था।
उप मेलाधिकारी राजीव राय ने बताया कि कब्जा छोड़ने का नोटिस जारी होने के बाद महामंडलेश्वर ने अपने शिष्यों के साथ सेक्टर कार्यालय में तोड़फोड़ कर दहशत का माहौल पैदा कर दिया। मजिस्ट्रेट के साथ बदसलूकी करने के साथ ही वहां मौजूद होमगार्ड को वाहन से कुचलने का प्रयास किया। इस घटना को लेकर मेला प्रशासन गंभीर हो गया है। रात 11:30 बजे कुंभ मेलाधिकारी ने इस घटनाक्रम पर बैठक बुलाई और बवाल करने वाले महामंडलेश्वर व उनके शिष्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।
सुविधा के लिए स्टोर पर संस्थाओं ने काटा बवाल
कुंभ मेला में सुविधा के लिए शुक्रवार को संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने टेंट आपूर्तिकर्ता कंपनी के स्टोर पर जमकर हंगामा मचाया। वहां ठेकेदार के कर्मचारियों से धक्कामुक्की होने पर काम ठप कर दिया गया। बवाल बढ़ने पर आपूर्तिकर्ता कंपनी के प्रबंधक ने कुंभ मेलाधिकारी को फोन पर हालात की जानकारी दी। कुछ देर बाद पुलिस पहुंची लेकिन, सुविधा पर्ची लेकर वहां पहुंचे लोग कुछ सुनने के लिए तैयार नहीं थे। अंतत: पुलिस की मौजूदगी में किसी तरह सामानों की निकासी शुरू कराई जा सकी।
सुविधा को लेकर कुंभ मेला क्षेत्र में शिविर लगाने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधियों में गुस्सा बढ़ने लगा है। शुक्रवार की सुबह काली सड़क पर स्थित टेंट आपूर्तिकर्ता कंपनी लल्लूजी एंड संस के स्टोर पर तीन सौ से अधिक संस्थाओं ने जमकर बवाल काटा। इस दौरान शोर-शाराबा और धक्कामुक्की होने से स्थिति चिंताजनक हो गई। अंतत: कर्मी सामानों की निकासी से पीछे हट गए। स्टोर पर बवाल की सूचना कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद को दी गई। मेलाधिकारी के निर्देश पर पहुंची पुलिस ने संस्थाओं के प्रतिनिधियों को समझाने-बुझाने की कोशिश की, लेकिन वह सुनने के लिए तैयार नहीं थे।
घंटों किचकिच के बाद वहां से सामान लदे वाहनों की निकासी शुरू हो सकी। टेंट आपूर्तिकर्ता कंपनी के प्रबंधक विश्वनाथ मिश्र का कहना था कि पहले नवंबर में ही सुविधा पर्ची जारी होती थी। इस बार जनवरी में एक साथ अधिक मात्रा में सुविधा पर्ची जारी कर दी गई है। इससे बदइंतजामी फैल गई है। इस संबंध में मेला प्रशासन को पत्र भी भेजा जा चुका है, लेकिन स्थिति जस की तस है। मिश्रा ने बताया कि शनिवार के लिए भी तीन सौ सुविधा पर्चियां लगी हैं। अगर पुलिस की मदद नहीं मिली तो बवाल होने से इंकार नहीं किया जा सकता।