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Mahakumbh : साल स्लीपर के भंडारण का पता नहीं, ठेका लेकर बैठ गए, जांच के लिए 20 सदस्यीय कमेटी गठित

Sun, 23 Jun 2024 12:38 PM IST
विनोद सिंह अनूप ओझा, प्रयागराज
अनूप ओझा, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 23 Jun 2024 12:38 PM IST
सार

संगम पर अगले साल लगने वाले महाकुंभ के पांटून पुलों के निर्माण के लिए 97 हजार से अधिक साल स्लीपर और साल एडिंग की आपूर्ति होनी है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने देश के वन निगमों से संपर्क साधा था। महाकुंभ में गंगा पर प्रस्तावित 30 पांटून पुलों और छह पुलियों के निर्माण पर 197 करोड़ खर्च होंगे।

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Mahakumbh storage of Sal sleeper sat down after taking the contract, committee formed for investigation
पांटून पुल। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक मेले के रूप में महाकुंभ बसाने के लिए गंगा पर बनने वाले पांटून पुलों के निर्माण के लिए लकड़ी के टेंडर में बड़ा खेल सामने आया है। साल स्लीपर की आपूर्ति ठेका लेने वाली छत्तीसगढ़ की नौ कंपनियां लकड़ी के भंडारण का झूठा शपथ पत्र देने के मामले में फंस गई हैं। छत्तीसगढ़ वन निगम इसकी जांच के लिए 20 सदस्यीय कमेटी गठित की है।

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इस महाकुंभ के पांटून पुलों के निर्माण के लिए 97 हजार से अधिक साल स्लीपर और साल एडिंग की आपूर्ति होनी है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने देश के वन निगमों से संपर्क साधा था। महाकुंभ में गंगा पर प्रस्तावित 30 पांटून पुलों और छह पुलियों के निर्माण पर 197 करोड़ खर्च होंगे। साल स्लीपर की खरीद की शुरुआती प्रक्रिया इस बार विवादों में घिरने की वजह से टेंडर में देरी भी हुई है।

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चार हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बसने वाले महाकुंभ में पांटून पुलों के निर्माण के लिए साल स्लीपर की आपूर्ति का ठेका लेने वाली फर्मों के भंडारण का रायपुर के वन परिक्षेत्राधिकारी ने जांच शुरू करा दी है।हाल में ही टेंडर में छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश और पंजाब की 12 फर्मों ने हिस्सा लिया था। वित्तीय बिड खोली जा चुकी है। इसमें पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता की ओर से 11 कंपनियों को योग्य ठहराया जा चुका है।
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इस बीच कोलकाता के अभय गुहा, लिलुहा हावड़ा निवासी विजय केडिया ने वन परिक्षेत्राधिकारी रायपुर (छत्तीसगढ़) को पत्र भेजकर शिकायत की है कि छत्तीसगढ़ की जिन कंपनियों ने महाकुंभ में साल स्लीपर की आपूर्ति का टेंडर लिया है, उनके पास पर्याप्त लकड़ी का भंडारण ही नहीं है। इतना ही नहीं, उन फर्मों के बारे में झूठा शपथ पत्र महाकुंभ के टेंडर में लगाने की बात कही है।

इसकी जांच के बाद वन परिक्षेत्र रायपुर के परिक्षेत्र अधिकारी छत्तीसगढ़ की 26 कंपनियों वन परिक्षेत्र अधिकारी ने टिंबर एसोसिएशन रायपुर के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा है कि इन कंपनियों ने भंडारण के संबंध में भौतिक सत्यापन संबंधी रिपोर्ट का एक पक्षीय नोटरी कराई है, जो अनुचित है। नोटरी कराए जाते समय न तो उनके कार्यालय को सूचना दी गई और ना ही कार्यालय प्रमुख से सहमति ली गई। यह संबंधित टिंबर मार्ट और आरा मशीन मालिकों की ओर से छत्तीसगढ़ काष्ठ चिरान अधिनियम के प्रवाधानों के विरुद्ध कार्य किया गया है। इससे अवमानना परिलक्षित हुई है।

नए सिरे से कंपनियों के स्टॉक का होगा सत्यापन
 

साल स्लीपर के भंडारण की गलत जानकारी देने की शिकायत पर रायपुर के सहायक परिक्षेत्र अधिकारी ललित कुमार साहू, वनपाल, कार्यालय के अन्य कर्मचारियों ने स्टॉक मापन कर सत्यापन शुरू कर दिया है। इससे आरा मशीन मालिकों और टिंबर मार्ट कंपनियों में अफरातफरी मच गई है। वन परिक्षेत्र अधिकारी ने कहा है कि मौके पर पहुंचकर सभी टिंबर मार्ट कंपनियों के स्टॉक का मापन कराया जाना अनिवार्य समझा जा रहा है। यदि पहले के मापन और मौजूदा मापन में विषमताएं पाई गईं तो वन अपराध कायम कर न्यायालयीय कार्रवाई की जाएगी।

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