Mahakumbh : तीन प्रमुख स्नान पर्वों पर बड़े हनुमान मंदिर के भीतर नहीं मिल सकेगा प्रवेश, बाहर से होंगे दर्शन
मकर संक्रांति (14 जनवरी) सहित प्रमुख स्नान पर्वों पर बड़े हनुमान मंदिर के भीतर प्रवेश नहीं मिल सकेगा। श्रद्धालुओं को बाहर से ही दर्शन पूजन करना होगा। अत्यधिक भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन से विचार विमर्श के बाद मंदिर के महंत बलबीर गिरी की ओर से यह निर्णय लिया गया है।
विस्तार
मुख्य स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए बंधवा स्थित लेटे हनुमान मंदिर प्रबंध समिति ने बड़ा निर्णय लिया है। मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या व बसंत पंचमी पर मंदिर के गर्भ ग्रह में जाकर दर्शन पर रोक लगा दी है। पौष पूर्णिमा समेत अन्य तीन मुख्य स्नान पर्वों पर दर्शन पहले की तरह ही होंगे।
मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी, मौनी अमावस्या 29 जनवरी व बसंत पंचमी का मुख्य स्नान पर्व तीन फरवरी को होगा। इन पर्वों पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। जिसका प्रबंधन पुलिस प्रशासन ही नहीं बल्कि मंदिर प्रबंधन के लिए भी बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
मंदिर के महंत बलबीर गिरि ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए फैसला किया गया है कि तीन मुख्य स्नान पर्वों पर मंदिर के भीतर गर्भ ग्रह में जाकर दर्शन पर प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान श्रद्धालु शिखर दर्शन ही कर सकेंगे। इसमें श्रद्धालु मंदिर की ओर मुख करके हनुमान जी का ध्यान कर मंदिर के शिखर का दर्शन करेंगे।
जिन तीन मुख्य स्नान पर्वों पर मंदिर के भीतर जाकर दर्शन प्रतिबंधित होगा, इनमें मंदिर के भीतर अनुष्ठान किया जाएगा। महंत के अनुसार, अन्य तीन मुख्य स्नान पर्व और सामान्य दिनों में दर्शन यथावत किया जा सकेगा। डीआईजी मेला वैभव कृष्ण ने बताया कि 14 जनवरी, 29 जनवरी और तीन फरवरी को श्रद्धालुओं को मंदिर कॉरिडोर के भीतर जाने की भी अनुमति नहीं होगी।
अक्षयवट दर्शन पर पहले ही लगाई जा चुकी है रोक
मुख्य स्नान पर्वों पर अक्षयवट दर्शन पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका है। सुरक्षा की दृष्टि से यह निर्णय लिया गया है। अफसरों के अनुसार यह व्यवस्था सभी मुख्य स्नान पर्वों पर लागू रहेगी।