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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Mahakumbh 2025 Many volunteers engaged in beautifying walls of the Kumbh area

Mahakumbh 2025: बहुत कुछ कहती हैं संगम नगरी की दीवारें, कुछ और भी बोलें इसकी तैयारी में 'आरती'

Wed, 22 Jan 2025 09:56 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला, महाकुंभ नगर
अमर उजाला, महाकुंभ नगर Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Wed, 22 Jan 2025 09:56 PM IST
सार

किसी दीवार पर राम की कहानी। किसी दीवार पर समुंद्र मंथन की गाथा। पूरी संगम नगरी इस समय रंगों और कथाओं को बताने और दर्शाने को बेताब नजर आती है। महर्षियों के शंखनाद को दिखातीं पेंटिंग और त्रिवेणी घाट की पवित्रता बताती दीवारों ने मानो जिद ठान रखी है कि वो आपको उसी युग का अहसास कराएंगी। 

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Mahakumbh 2025 Many volunteers engaged in beautifying walls of the Kumbh area
महाकुंभ 2025 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जब आप संगम नगरी में होते हैं तो आपको कई जगह ऐसे बच्चे दिख जाते है जो अभी भी संगम नगरी की दीवारों को सुंदर बनाने में लगे हुए हैं। सड़क पर चलते हुए मेरी मुलाकात एक बच्ची से हुई। जब मैं उसके पास गया तो वह बड़ी तल्लीनता से अपने काम को करती नजर आई। मैंने उससे पूछा बेटा आपका नाम क्या है तो उसने बताया आरती। उसके साथ कई और बच्चे भी थे जो इस काम में लगे हुए थे। उन्होंने बताया कि वो इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में फाइन आर्ट की छात्राएं हैं। आरती उन सबके साथ तो थी लेकिन वह फाइन आर्ट की छात्रा नहीं थी, उसे बस इस काम को करना अच्छा लगता है। अन्य बच्चों में जया, दीपिका और उनका एक साथी अखिलेश भी था।

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Mahakumbh 2025 Many volunteers engaged in beautifying walls of the Kumbh area
महाकुंभ 2025 - फोटो : अमर उजाला

आरती बात करते हुए जितनी उत्साहित नजर आई उससे उसके काम करने की क्षमता का भी अंदाजा लग गया। उसने बताया कि उसे ये काम करना पसंद है और इससे कुछ पैसे भी मिल जाते हैं जो घर के काम आ जाते हैं। मैंने पूछा आपको इस काम के किस प्रकार से पैसे मिलते हैं? इस पर आरती का कहना था कि हमें तो ठेकेदार ने यह काम दिया है। हमें 15 रुपये प्रति स्क्वायर फीट के हिसाब से पैसे मिलते हैं। मैंने उससे अगला सवाल किया कि वो दिनभर में कितने रुपये का काम कर लेती है। इस पर उसका उत्तर था लगभग 1000 रुपये तक का। इसके साथ ही उसने बताया कि वो प्रयागराज की ही रहने वाली है। उसे कुंभ का मेला बहुत अच्छा लगता है। मैंने उससे पूछा कि यह जो कलर आपको दिए गए हैं ये कहां से आते हैं? इस पर आरती का कहना था कि ये उन्हें ठेकेदार देते हैं। ये ऐसे कलर हैं कि इनको एक दो साल तक कुछ नहीं होगा।

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Mahakumbh 2025 Many volunteers engaged in beautifying walls of the Kumbh area
महाकुंभ 2025 - फोटो : अमर उजाला

प्रयागराज में इस समय देशभर से आए कलाकार दिन-रात सनातन धर्म से जुड़े प्रतीकों को दीवारों पर उकेर रहे हैं। 10 लाख स्क्वायर फीट से भी बड़े क्षेत्र में महाकुंभ-2025 के लिए पेंटिंग्स तैयार की जा रही हैं। फाइन आर्ट्स के स्टूडेंट्स के अलावा कुछ मूक-बधिर युवा भी दीवारों को रंगीन बनाने का काम कर रहे हैं। जब आप प्रयागराज में आते हैं तो भगवान नटराज की विभिन्न मुद्राएं भी आपको नजर आ जाएंगी। वर्ष 2019 में अर्द्ध कुंभ के दौरान भी हजारों छात्रों, आम नागरिकों और पेंटर्स ने 8 घंटे तक लगातार वॉल पेंटिंग पर हाथों के रंग-बिरंगे छाप से 'जय गंगे' थीम की पेंटिंग बनाई थी, जो गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ था।

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