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MahaKumbh: 'लगता है मैं पिछले जन्म में भारतीय था...', महाकुंभ की दिव्यता से प्रभावित इटली के एमा ने कही ये बात
Mon, 13 Jan 2025 01:43 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 13 Jan 2025 01:43 PM IST
सार
इटली के एमा ने भी कहा कि वह भी कुंभ के इस बड़े आयोजन को पहली बार देख रहे हैं। कहा कि मेरे कई मित्र भारतीय हैं। मुझे भारतीय संस्कृति पसंद है।
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Mahakumbh 2025
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महाकुंभ का क्रेज भारत में ही नहीं यूरोप में भी है। यूरोप के इटली से आए तीन दोस्तों को ही देखें, वह भारतीय संस्कृति से इतना प्रभावित हुए कि संन्यासी का रूप धारण कर लिया। इन युवकों में से एक ने कहा कि उसे यहां आकर ऐसा एहसास हो रहा है कि जैसे पिछले जन्म में वह इंडियन ही था।
महाकुंभ मेले की भव्यता और दिव्यता को निहारने के लिए विदेशी सैलानी लगातार यहां पहुंच रहे हैं। इटली से आए ऐसे ही तीन युवक महाकुंभ की भव्यता से खासे प्रभावित हुए। इसमें से एक युवक पीटरों ने बातचीत में बताया कि मैं योगा का प्रैक्टिशनर हूं।
योग भारत से ही पूरे विश्व में फैला। इस वजह से मुझे भारतीय संस्कृति के बारे में कुछ-कुछ जानकारी है। महाकुंभ मेला सनातन धर्म का सबसे बड़ा आयोजन है। यह पहला अवसर है जब मैं मेला घूमने आया हूं।
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मेरे दोस्त यहां आने की योजना बना रहे थे तो मैं भी शामिल हो गया। इसी तरह एक अन्य युवक स्टीफेनी ने कहा कि मैं भी पहली बार कुंभ देख रहा हूं। रूस के रहने वाले मेरे कुछ साधु मित्रों ने मुझे कुंभ के बारे में बताया था। वे भारत में आकर नागा साधु बन चुके हैं।
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महाकुंभ मेले की भव्यता और दिव्यता को निहारने के लिए विदेशी सैलानी लगातार यहां पहुंच रहे हैं। इटली से आए ऐसे ही तीन युवक महाकुंभ की भव्यता से खासे प्रभावित हुए। इसमें से एक युवक पीटरों ने बातचीत में बताया कि मैं योगा का प्रैक्टिशनर हूं।
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योग भारत से ही पूरे विश्व में फैला। इस वजह से मुझे भारतीय संस्कृति के बारे में कुछ-कुछ जानकारी है। महाकुंभ मेला सनातन धर्म का सबसे बड़ा आयोजन है। यह पहला अवसर है जब मैं मेला घूमने आया हूं।
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मेरे दोस्त यहां आने की योजना बना रहे थे तो मैं भी शामिल हो गया। इसी तरह एक अन्य युवक स्टीफेनी ने कहा कि मैं भी पहली बार कुंभ देख रहा हूं। रूस के रहने वाले मेरे कुछ साधु मित्रों ने मुझे कुंभ के बारे में बताया था। वे भारत में आकर नागा साधु बन चुके हैं।
इसी तरह इटली के एमा ने भी कहा कि वह भी कुंभ के इस बड़े आयोजन को पहली बार देख रहे हैं। कहा कि मेरे कई मित्र भारतीय हैं। मुझे भारतीय संस्कृति पसंद है। लगता है कि इससे पहले के जन्म में में इंडियन था। भारत का संगीत, भजन, कीर्तन, सब कुछ मुझे काफी पसंद है।
गंगा स्नानकर तिलक लगा संगम की रेत पर निकलीं तुर्की से आईं पिनार
देश ही नहीं विदेश में भी महाकुंभ का क्रेज लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। यही कारण है कि तुर्की की रहने वाली पिनार महाकुंभ में पहली बार भारत की संस्कृति और परंपराओं से परिचित होने संगम पहुंची हैं। पिनार ने रविवार को संगम में गंगा स्नान कर तिलक लगाया और संगम की रेत पर निकल पड़ीं। उन्होंने बताया कि महाकुंभ के बारे में अपने दोस्तों से सुना था। इसके बाद से भारत आकर इसे देखने की इच्छा थी। उनका कहना है कि गंगा स्नान और संगम की रेत पर चलने का अनुभव बड़ा अविस्मरणीय है।
देश ही नहीं विदेश में भी महाकुंभ का क्रेज लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। यही कारण है कि तुर्की की रहने वाली पिनार महाकुंभ में पहली बार भारत की संस्कृति और परंपराओं से परिचित होने संगम पहुंची हैं। पिनार ने रविवार को संगम में गंगा स्नान कर तिलक लगाया और संगम की रेत पर निकल पड़ीं। उन्होंने बताया कि महाकुंभ के बारे में अपने दोस्तों से सुना था। इसके बाद से भारत आकर इसे देखने की इच्छा थी। उनका कहना है कि गंगा स्नान और संगम की रेत पर चलने का अनुभव बड़ा अविस्मरणीय है।