Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Mahakumbh 2025: Controversy over placing the model on the chariot during Peshwai

Mahakumbh 2025 : पेशवाई के दौरान मॉडल को रथ पर बैठाने को लेकर विवाद, धर्म और प्रदर्शन पर छिड़ी बहस

Thu, 16 Jan 2025 02:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 16 Jan 2025 02:10 AM IST
सार

शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा है कि यह बिल्कुल भी उचित नहीं है। इससे समाज में गलत संदेश फैलता है। धर्म को प्रदर्शन का हिस्सा बनाना खतरनाक है। साधु-संतों को इससे बचना चाहिए, नहीं तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

विज्ञापन
Mahakumbh 2025: Controversy over placing the model on the chariot during Peshwai
हर्षा रिछारिया, file - फोटो : इंस्टाग्राम-@host_harsha

विस्तार

महाकुंभ में पेशवाई के दौरान मॉडल को रथ पर बैठाने को लेकर विवाद छिड़ गया है। शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा है कि यह बिल्कुल भी उचित नहीं है। इससे समाज में गलत संदेश फैलता है। धर्म को प्रदर्शन का हिस्सा बनाना खतरनाक है। साधु-संतों को इससे बचना चाहिए, नहीं तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
विज्ञापन


 महाकुंभ में निरंजनी अखाड़े की पेशवाई निकली थी। उस समय 30 साल की हर्षा रिछारिया संतों के साथ रथ पर बैठी नजर आई थीं। इसके बाद विवाद शुरू हो गया। काली सेना के प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप ने उनके आचरण पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कुंभ का आयोजन ज्ञान और आध्यात्मिकता फैलाने के लिए किया जाता है।
विज्ञापन


इसे मॉडलों द्वारा प्रचार कार्यक्रम के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। कुंभ के दौरान भगवा वस्त्र पहने रिछारिया की तस्वीरें विभिन्न मीडिया में प्रसारित हुई थीं, लेकिन बाद में हर्षा ने कथित तौर पर स्पष्ट किया था कि वह 'संन्यासिन' नहीं थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने इस मुद्दे को ज्यादा तवज्जो न देते हुए कहा कि भगवा कपड़े पहनना कोई अपराध नहीं है और युवती ने निरंजनी अखाड़े के एक महामंडलेश्वर से 'मंत्र दीक्षा' ली थी।

बुधवार को हिंदी में एक फेसबुक पोस्ट में स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि आज, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी जी के साथ निरंजनी अखाड़े में 'भोजन प्रसाद' के दौरान मैंने कहा कि कुंभ का आयोजन मॉडल दिखाने के लिए नहीं किया जाता है। कुंभ 'जप' (जाप), 'तप' (तप) और 'ज्ञान' (ज्ञान) के प्रवाह के लिए है। इसीलिए कृपया इस अनुचित कृत्य के खिलाफ कार्रवाई करें।


वहीं, महंत रवींद्र पुरी ने रिछारिया को हर्षिता बताया और कहा कि वह निरंजनी अखाड़े के एक महामंडलेश्वर से 'दीक्षा' लेने आई थीं। वह एक मॉडल हैं और सोशल मीडिया पर छाई रहती हैं। उसने रामनामी कपड़ा पहना हुआ था। हमारी परंपरा है कि जब भी सनातन का कोई कार्यक्रम होता है, तो हमारे युवा भगवा कपड़े पहनते हैं। यह कोई अपराध नहीं है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed