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Prayagraj News: भीड़ से सारे अनुमान, एक साथ लागू करने पड़े चार इमरजेंसी प्लान
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महाकुंभ नगर। अनुमान करीब दो करोड़ श्रद्धालुओं का था। माना जा रहा था कि इसमें 50 लाख ज्यादा या कम हो सकते हैं। इसी आधार पर भीड़ प्रबंधन की योजनाएं बनाई गई थीं। हालांकि, मकर संक्रांति पर मेला क्षेत्र में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने पुलिस प्रशासन के सारे अनुमान ध्वस्त कर दिए। दबाव कुछ इस कदर बढ़ा कि एक नहीं, बल्कि चार-चार इमरजेंसी प्लान लागू करने पड़े, तब जाकर हालात काबू में हुए।
भीड़ के दबाव को देखते हुए डीआईजी मेला वैभव कृष्ण ने आपात योजना लागू करने का निर्णय लिया। इसके बाद एक-एक कर चार आपात योजनाएं लागू की गईं। इसी का नतीजा रहा कि 3.50 करोड़ श्रद्धालुओं को न सिर्फ सुरक्षित तरीके से स्नान कराया गया, बल्कि उन्हें उनके गंतव्य की ओर भी सकुशल रवाना किया गया।
ये थे इमरजेंसी प्लान
1- स्कीम 2 (दशाश्वमेध मंदिर की तरफ से अत्यधिक भीड़ की दशा मे गंगोली शिवाला पीपा पुल )
दशाश्वमेध मंदिर की तरफ भीड़ का दबाव अत्यधिक होने पर दारागंज, अलोपीबाग, बाघंबरी मार्ग, अल्लापुर से ओल्ड जीटी दारागंज मार्ग होकर आने वाले व बक्शी बांध से बक्शी बांध पुलिस चौकी होकर निराला मार्ग व कच्ची सड़क से ओल्ड जीटी दारागंज मार्ग पर आने वाले श्रद्धालुओं को गंगामूर्ति तिराहा पर बैरियर लगाया गया।इसके बाद बाएं मोड़कर रिवरफ्रंट से दशाश्वमेध मंदिर की तरफ न भेजकर पीपापुल संख्या 13, गंगोली शिवालय के माध्यम से झूंसी क्षेत्र के सेक्टर 5 में बने स्नान घाटों पर भेजा गया।
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2-स्कीम 3
(दशाश्वमेध मंदिर की तरफ भीड़ के अत्यधिक दबाव की दशा में बजरंग दास मार्ग)
संगम क्षेत्र में भीड़ का अत्यधिक दबाव बढ़ने पर दशाश्वमेध मंदिर की ओर अत्यधिक भीड़ की दशा में सेक्टर- 6 से 10 होकर संगम की ओर आने वाले श्रद्धालुओं को गंगेश्वर बजरंगदास चौराहा, अनंतमाधव बजरंगदास चौराहा, नागवासुकि बजरंगदास चौराहा व बिंदु माधव बजरंगदास चौराहा पर बैरियर लगाकर बाएं मोड़कर उसी क्षेत्र में बने स्नानघाटों पर स्नान कराया गया।
3-स्कीम 5
जवाहर लाल नेहरू मार्ग से आने वाले समस्त पैदल तीर्थ यात्रियों को बालसन चौराहे से आगे इंदु स्कैनिंग तिराहे से बाएं कर्नलगंज इंटर कॉलेज की ओर मोड़कर तमन्ना हॉस्पिटल चौराहे से बक्शी बांध आरओबी की ओर मोड़ा गया। फिर बक्शी बांध से नागवासुकि रैंप से उतारकार नागवासुकि मंदिर के पीछे बने पांटून पुल से झूंसी की ओर भेजा गया।
4-स्कीम 6
एमजी मार्ग से सीएमपी होकर मेला में जाने वाली भीड़ को एसआरएन अस्पताल से पूर्व बांए पन्ना लाल रोड पर डायवर्ट कर कंपनीबाग गेट नंबर पांच के सामने से सीवाई चिंतामणि रोड से सरस्वती हार्ट केयर, थाना जार्जटाउन चौराहे से दाहिने सीएमपी होकर संगम मेला क्षेत्र भेजा गया।
:::कोट
भीड़ अनुमान से भी ज्यादा थी। इसे देखते हुए ही चार इमरजेंसी प्लान लागू करने पड़े। इसका फायदा यह हुआ कि इतनी बड़ी संख्या में मेला क्षेत्र के भीतर श्रद्धालुओं के पहुंचने के बाद भी यातायात में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आई। श्रद्धालुओं को सकुशल स्नान कराकर वापस भेजा जा सका।
वैभव कृष्ण, डीआईजी मेला
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भीड़ के दबाव को देखते हुए डीआईजी मेला वैभव कृष्ण ने आपात योजना लागू करने का निर्णय लिया। इसके बाद एक-एक कर चार आपात योजनाएं लागू की गईं। इसी का नतीजा रहा कि 3.50 करोड़ श्रद्धालुओं को न सिर्फ सुरक्षित तरीके से स्नान कराया गया, बल्कि उन्हें उनके गंतव्य की ओर भी सकुशल रवाना किया गया।
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ये थे इमरजेंसी प्लान
1- स्कीम 2 (दशाश्वमेध मंदिर की तरफ से अत्यधिक भीड़ की दशा मे गंगोली शिवाला पीपा पुल )
दशाश्वमेध मंदिर की तरफ भीड़ का दबाव अत्यधिक होने पर दारागंज, अलोपीबाग, बाघंबरी मार्ग, अल्लापुर से ओल्ड जीटी दारागंज मार्ग होकर आने वाले व बक्शी बांध से बक्शी बांध पुलिस चौकी होकर निराला मार्ग व कच्ची सड़क से ओल्ड जीटी दारागंज मार्ग पर आने वाले श्रद्धालुओं को गंगामूर्ति तिराहा पर बैरियर लगाया गया।इसके बाद बाएं मोड़कर रिवरफ्रंट से दशाश्वमेध मंदिर की तरफ न भेजकर पीपापुल संख्या 13, गंगोली शिवालय के माध्यम से झूंसी क्षेत्र के सेक्टर 5 में बने स्नान घाटों पर भेजा गया।
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2-स्कीम 3
(दशाश्वमेध मंदिर की तरफ भीड़ के अत्यधिक दबाव की दशा में बजरंग दास मार्ग)
संगम क्षेत्र में भीड़ का अत्यधिक दबाव बढ़ने पर दशाश्वमेध मंदिर की ओर अत्यधिक भीड़ की दशा में सेक्टर- 6 से 10 होकर संगम की ओर आने वाले श्रद्धालुओं को गंगेश्वर बजरंगदास चौराहा, अनंतमाधव बजरंगदास चौराहा, नागवासुकि बजरंगदास चौराहा व बिंदु माधव बजरंगदास चौराहा पर बैरियर लगाकर बाएं मोड़कर उसी क्षेत्र में बने स्नानघाटों पर स्नान कराया गया।
3-स्कीम 5
जवाहर लाल नेहरू मार्ग से आने वाले समस्त पैदल तीर्थ यात्रियों को बालसन चौराहे से आगे इंदु स्कैनिंग तिराहे से बाएं कर्नलगंज इंटर कॉलेज की ओर मोड़कर तमन्ना हॉस्पिटल चौराहे से बक्शी बांध आरओबी की ओर मोड़ा गया। फिर बक्शी बांध से नागवासुकि रैंप से उतारकार नागवासुकि मंदिर के पीछे बने पांटून पुल से झूंसी की ओर भेजा गया।
4-स्कीम 6
एमजी मार्ग से सीएमपी होकर मेला में जाने वाली भीड़ को एसआरएन अस्पताल से पूर्व बांए पन्ना लाल रोड पर डायवर्ट कर कंपनीबाग गेट नंबर पांच के सामने से सीवाई चिंतामणि रोड से सरस्वती हार्ट केयर, थाना जार्जटाउन चौराहे से दाहिने सीएमपी होकर संगम मेला क्षेत्र भेजा गया।
:::कोट
भीड़ अनुमान से भी ज्यादा थी। इसे देखते हुए ही चार इमरजेंसी प्लान लागू करने पड़े। इसका फायदा यह हुआ कि इतनी बड़ी संख्या में मेला क्षेत्र के भीतर श्रद्धालुओं के पहुंचने के बाद भी यातायात में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आई। श्रद्धालुओं को सकुशल स्नान कराकर वापस भेजा जा सका।
वैभव कृष्ण, डीआईजी मेला