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संतों में महाभारत : अखाड़ा परिषद के दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर लगाया जानलेवा हमले का आरोप, दी तहरीर

Fri, 08 Nov 2024 01:20 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 08 Nov 2024 01:20 PM IST
सार

मले के बाद निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष महंत राजेंद्र दास ने जहां एक धड़े के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी, महामंत्री हरि गिरि और जूना अखाड़े के अध्यक्ष महंत प्रेम गिरि समेत 20-25 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की तहरीर दी है।

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Mahabharata among saints: Both groups of Akhara Parishad accused each other of deadly attack
मेला प्राधिकरण की बैठक में भिड़े अखाड़ा परिषद के संत। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मेला प्राधिकरण कार्यालय में मारपीट के बाद अखाड़ा परिषद के दोनों धड़े के संतों ने एक-दूसरे पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। हमले के बाद निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष महंत राजेंद्र दास ने जहां एक धड़े के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी, महामंत्री हरि गिरि और जूना अखाड़े के अध्यक्ष महंत प्रेम गिरि समेत 20-25 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की तहरीर दी है, वहीं देर शाम अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी और जूना अखाड़े के अध्यक्ष प्रेम गिरि ने भी राजेंद्र दास और उनके समर्थकों के खिलाफ मेलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया और दोषियों के खिलाफ एफआईआर की गुहार लगाई।

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महंत राजेंद्र दास ने अपनी तहरीर में लिखा है कि दोपहर दो बजे मेला कार्यालय में भूमि अवलोकन के लिए बुलाया गया था। बैठक से पहले ही जूना अखाड़े के महंत हरि गिरि, महंत प्रेम गिरि और निरंजनी अखाड़े के रवींद्र पुरी ने अपने समर्थकों के साथ उन पर जानलेवा हमला कर दिया। मारपीट के बाद उनको जान से मारने की धमकी भी दी गई। हमले की यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है।

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महंत राजेंद्र दास पर हमले के विरोध में पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी, पंचायती अखाड़ा शंभू अटल, पंचायती अखाड़ा निर्मल, पंच निर्मोही अनि, पंच दिगंबर अनि और पंच निर्वाणी अनि के प्रतिनिधियों ने एक साथ मेलाधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षरित पत्र दिया। इसमें छह अखाड़े के पदाधिकारियों ने राजेंद्र दास पर हमला करने वाले संतों पर एफआईआर लिखकर कार्रवाई करने की बात कही है।

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साथ ही मेला प्रशासन को चेताया है कि अगर एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह मेला प्रशासन की ओर से बुलाई गई किसी भी बैठक और कुंभ में हिस्सा नहीं लेंगे। उधर, शाम को अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी और जूना अखाड़े के अध्यक्ष महंत प्रेम गिरि ने भी मेलाधिकारी को अलग-अलग शिकायती पत्र दिया। प्रेम गिरि ने अपनी शिकायत में कहा है कि भूमि आवंटन से पहले मेला कार्यालय में पूजापाठ और देवताओं स्तुति चल रही थी। महादेव की भी स्तुति हो रही थी।

उसी समय पीछे से निर्मोही अखाड़े के राजेंद्र दास कई साधुओं को लेकर आए और शोर मचाते हुए पूजा पाठ में व्यवधान पैदा करने लगे। मना करने पर राजेंद्र दास ने अपने वैरागी परंपरा के समर्थकों के साथ मेरे और महंत रवींद्र पुरी और महंत हरि गिरि पर जानलेवा हमला कर दिया। कपड़े फाड़ डाले और धमकी देने लगे कि हनुमान गढ़ी और चित्रकूट से हजारों साधुओं को बुलाकर इन सबको ठिकाने लगा देंगे।

इसी तरह अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने अपनी तहरीर में राजेंद्र दास पर हमला करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। वह महंत प्रेम गिरि पर भी टूट पड़े । किसी तरह जान बचाकर वहां से भागना पड़ा। उन्होंने कहा है कि राजेंद्र दास इससे पहले हरिद्वार कुंभ में भी अपर मेलाधिकारी पर हमला कर चुके हैं। उज्जैन कुंभ में भी उन्होंने मारपीट और विवाद पैदा किया था।

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