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Maha Kumbh 2025: मोरारी बापू बोले- मानस गंगा में गोता लगाने से जीवन का होता है उद्धार, सिद्धि का होता है लाभ
Sat, 25 Jan 2025 03:55 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: Digvijay Singh
Updated Sat, 25 Jan 2025 03:55 PM IST
सार
परमार्थ निकेतन में मानस कथा में मोरारी बापू ने कहा कि मानस, वेद, गीता-ग्रंथ सब यहीं पर रहेंगे। लेकिन, साधु चले जाएंगे। इसलिए उनके साथ बैठना ही महाकुंभ का वास्तविक प्रसाद है।
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मोरारी बापू
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
परमार्थ निकेतन में मानस कथा में मोरारी बापू ने कहा कि मानस, वेद, गीता-ग्रंथ सब यहीं पर रहेंगे। लेकिन, साधु चले जाएंगे। इसलिए उनके साथ बैठना ही महाकुंभ का वास्तविक प्रसाद है। उन्होंने कहा कि पद, प्रतिष्ठा और प्रसिद्धि पूज्य संतों के आशीर्वाद से ही प्राप्त होती है। गंगा जी में जितनी बार गोता लगाओ, उतना ही फायदा है। मानस गंगा में गोता लगाने से तो जीवन का उद्धार हो जाता है। उन्होंने कहा कि सिद्धि का लाभ होता है। लेकिन, शुभ तो विश्व कल्याण करता है। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बापू ने अहिल्या जी की दिव्य कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि रामायण विचारक और सुधारक दोनों को जन्म देती है।
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कन्या है तो कल है और गंगा है तो जल है: चिदानंद
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि कन्या है तो कल है और गंगा है तो जल है। ये दोनों हमारे भारत के भविष्य और समग्र विश्व की पवित्रता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यदि हम कन्याओं को बचाने की दिशा में कदम नहीं उठाएंगे तो आने वाली पीढ़ियों को किस तरह से बचाएंगे। स्वामी ने कहा कि अब हमें प्रतिस्पर्धा की नहीं, श्रद्धा की आवश्यकता है। क्योंकि, केवल प्रतिस्पर्धा बिखराव पैदा करती है और श्रद्धा सहयोग को जन्म देती है।
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स्वामी चिदानंद सरस्वती और मोरारी बापू ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर स्वागत किया। इस मौके पर स्वामी संतोष दास (सतुआ बाबा), साध्वी भगवती सरस्वती रहीं।
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