संगम तट पर बुधवार को माघ मेले के पांचवें स्नान पर्व माघी पूर्णिमा पर पुण्य की डुबकी लगाने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मौसम साफ होने की वजह से शहरियों की भी भीड़ निकली और शिविरों से कल्पवासी भी।
माघी पूर्णिमा : गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी
माघ मेले के पांचवें प्रमुख स्नान माघी पूर्णिमा पर बुधवार को पौ फटते ही लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य संगम के अमृत जल में पुण्य की डुबकी लगाई। हर-हर महादेव और हर-हर गंगे के उद्घघोष से पूरा मेला क्षेत्र गुंजायमान हो रहा है।
स्नान के बाद की मां गंगा की आराधना
माघ मेला क्षेत्र के सभी नौ स्नान घाटों पर माघी पूर्णिमा की डुबकी लगती रही। कहीं महिलाएं समूहों में स्नान के बाद दीपदान, आरती केे साथ मंगलगीत गाती रहीं तो कहीं दूर-दराज के इलाकों से आए श्रद्धालु मां गंगा की आराधना के साथ तिलक-त्रिपुंड लगाकर निहाल होते रहे।
बहुएं स्नान के बाद परिवार के बड़े-बुजर्गों का आशीष लेती रहीं तो बच्चों के दीर्घायु के लिए पुरोहितों की चौकियों पर मां गंगा और वेणी माधव से मनौती की जाती रही। वहीं पर स्नान पर्व के लोकोत्सव में ढोल-नगाढ़े भी बजते रहे और उन्हीं घाटों के आसपास रेती पर चूल्हे जलाकर पूरी-खीर का भोग भी लगता रहा।
मां गंगा के तट पर कामनाओं के दीप आंचल फैलाकर इसी तरह जलाए जाते रहे। संगम केे अलावा कल्पवासी शिविरों में सत्यनारायण भगवान की कथाएं भी होती रहीं और यज्ञ-अनुष्ठानों की पूर्णाहुति भी होती रही। कहीं ढोल-मंजीरे पर भजनानंदियों की टोलियां झूमती रहीं तो कहीं अन्नक्षेत्रों में भोग-प्रसाद ग्रहण करने के लिए भीड़ लगी रही।
माघी पूर्णिमा पर रहा बसों का संकट, लगानी पड़ीं सिटी बसें
माघी पूर्णिमा स्नान के बाद कल्पवासियों और आम श्रद्धालुओं की भीड़ और चुनाव ड्यूटी में बसों को लगा दिए जाने की वजह से बुधवार को सिविल लाइंस बस स्टेशन पर बसों का संकट दिन भर बना रहा। कम बसों की आवाजाही से यात्रियों को खासी परेशानी हुई।
इस दौरान रोडवेज ने सिटी बसों का संचालन प्रयागराज से प्रतापगढ़, जौनपुर आदि रूट पर तो किया लेकिन यात्रियों की भीड़ के आगे यह इंतजाम नाकाफी साबित हुआ। देर शाम तक सिविल लाइंस बस स्टेशन पर यात्री बसों के इंतजार में बैठे रहे।
200 बसों को चुनाव ड्यूटी में भेजा गया
रोडवेज के प्रयागराज रीजन द्वारा तकरीबन 200 बसों को चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया है। इस वजह से पिछले कई दिनों से प्रयागराज रीजन में बसों का संकट है। माघी पूर्णिमा स्नान के बाद संगम तीरे कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं की वापसी शुरू हो जाती है, इस वजह से बुधवार को बस स्टेशन पर मौनी अमावस्या के बाद अब तक की सर्वाधिक भीड़ उमड़ी। भीड़ की वजह से बस स्टेशन पर बसों का संकट खड़ा हो गया।
प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, फैजाबाद, वाराणसी, बस्ती रूट पर जाने वाली बसें कम पड़ जाने की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। बसें न होने की वजह से दिन में तीन बजे के आसपास यात्रियों ने खूब शोरशराबा भी किया। इसके बाद अनुबंधित और सिटी बसों को प्रतापगढ़, वाराणसी, गोंडा, बस्ती आदि रूट पर भेजा गया।
रोडवेज का दावा है कि देर शाम तक 600 से ज्यादा बसों का संचालन किया जा चुका था। क्षेत्रीय प्र्रबंधक टीकेएस बिसेन ने बताया कि दोपहर में कुछ समय के लिए संकट आया था, लेकिन बाद में सिटी बसों को लगाने से काफी भीड़ यहां से निकल गई।
रामबाग से चली एक स्पेशल, दो ट्रेनों में जोड़े गए अतिरिक्त कोच
प्रयागराज रामबाग से बनारस के लिए रेलवे ने माघी पूर्णिमा के मौके पर एक स्पेशल ट्रेन सुबह आठ बजे चलाई। हालांकि यहां से दोपहर में एक और स्पेशल ट्रेन चलाई जानी थी लेकिन भीड़ न होने की वजह से उसे नहीं चलाया गया। उधर, प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन से अयोध्या के लिए गई सरयू एक्सप्रेस में चार एवं जौनपुर पैसेंजर में तीन अतिरिक्त कोच जोड़े गए।
यहां से चलने वाली अन्य ट्रेनों में भी यात्रियों की काफी भीड़ गई। स्टेशन प्रबंधक अवधेश मणि पाठक ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह अगर भीड़ हुई तो जौनपुर पैसेंजर में अतिरिक्त कोच जोड़ दिए जाएंगे। वहीं, प्रयागराज जंक्शन में सिर्फ रूटीन ट्रेनों में ही यात्रियों की भीड़ रही। यहां से मेला स्पेशल ट्रेन को चलाने की नौबत नहीं आई।