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माघ मेला : संगम की रेती पर कम नहीं हो रहीं मुसीबतें, जप, तप ध्यान बीच में छोड़ सैकड़ों कल्पवासी घर लौटे

Sun, 23 Jan 2022 10:34 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 23 Jan 2022 10:34 PM IST
सार

मानिक चंद्र और इंद्रावती ही नहीं पौष पूर्णिमा पर शालिग्राम की स्थापना कर शिविरों में जौ उगाने और कथा-सत्संग में रमने वाले ऐसे दर्जनों कल्पवासी संगम की रेती छोड़कर घर चले गए हैं।

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Magh Mela: The troubles are not decreasing on the sands of Sangam, leaving the chanting
Prayagraj News : बाढ़ और कटान के चलते उजड़े शिविर। - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

जौनपुर के मुंगराबादशाहपुर से कल्पवास के लिए आए मानिक चंद्र मिश्र शिविर जलमग्न होने और सामान बर्बाद होने के बाद अपने घर लौट गए। उनकी मानें तो उनकी स्मृतियों में पिछले 40 साल के दौरान ऐसा कभी नहीं हुआ था, जब गंगा की धारा शिविरों में घुस गई हो। इसी तरह मिर्जापुर से आईं इंद्रावती और ज्ञानपुर के लल्ला मिश्रा को भी संकल्प बीच में ही छोड़कर घर जाना पड़ा।

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मानिक चंद्र और इंद्रावती ही नहीं पौष पूर्णिमा पर शालिग्राम की स्थापना कर शिविरों में जौ उगाने और कथा-सत्संग में रमने वाले ऐसे दर्जनों कल्पवासी संगम की रेती छोड़कर घर चले गए हैं। इनके अलावा सैकड़ों ऐसे भी कल्पवासी हैं जो तकलीफों का सामना करने की वजह से शिविरों को छोड़ने का मन बना रहे हैं। समस्याओं के अंबार से घिरे कल्पवासियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है।

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Magh Mela: The troubles are not decreasing on the sands of Sangam, leaving the chanting
Prayagraj News : बाढ़ और अव्यवस्था से परेशान होकर कल्पवासी घर लौटने की तैयारी में। - फोटो : प्रयागराज

तैयारी में जुटा मेला प्रशासन
रेती छोड़कर अब कल्पवासी घरों को लौटने लगे हैं। पानी, दलदल से परेशान होकर साधु -संतों का जप, तप, ध्यान टूटने लगा है। रविवार को त्रिवेणी मार्ग के किनारे सेक्टर तीन के मजिस्ट्रेट प्रेम सिंह दर्जनों श्रमिकों की मदद से दलदल पर बालू पटवाते रहे। उनकी मानें तो मेलाक्षेत्र में मौजूदा समय 20 से अधिक स्थानों पर कटान हो रही है। मुहआ की टेरी झंडा निशान वाले संतोश कुमार पंडा के शिविर से भी कई कल्पवासी जा चुके हैैं। वहां अभी पानी से घिरे कई शिविर किसी भी समय जलमग्न हो सकते हैं।

Magh Mela: The troubles are not decreasing on the sands of Sangam, leaving the chanting
Prayagraj News : माघ मेले में हो रहे कटान को रोकने में जुटा मेला प्रशासन। - फोटो : प्रयागराज
सुविधाओं के लिए भटक रहे कल्पवासी

इससे लगे तीर्थपुरोहित राजा पंडा के 35 से अधिक शिविर प्रभावित हुए हैं। गंग द्वीप से हटाई गई संस्थाओं को नए सिरे से बसाने के लिए पीडब्ल्यूडी को जहां गाटा मार्गों का निर्माण करना पड़ रहा है, वहीं बिजली के तार खींचने के साथ ही शौचालयों की सुविधा मुहैया कराने की भी मशक्कत की जा रही है। पेयजल लाइनेें भी फिर से बिछाई जा रही हैं, वहीं नए क्षेत्रों में जहां पानी नहीं है, वहां समतलीकरण भी कराया जा रहा है, ताकि मुश्किलें कम की जा सके।


मेला क्षेत्र में कटान और पानी की वजह से बड़े हिस्से में सीपेज हो रहा है। सीपेज की वजह से हजारों शिविरों में पानी भरा है और कल्पवासी कष्ट का सामना करना रहे हैं।  परेशान होकर कई कल्पवासी शिविरों से जा चुके हैं। हालात नहीं संभले तो तट पर बसे सैकड़ों कल्पवासियों को भी मेला क्षेत्र से जाना पड़ सकता है। डॉ. प्रकाश चंद्र मिश्र, अध्यक्ष-प्रयागवाल सभा।
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