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माघ मेला : रेती पर बसेंगे साकेतवासी, मोक्षगामी संतों-पुरोहितों के नाम भूमि आवंटित

Tue, 04 Jan 2022 04:12 AM IST
विनोद सिंह अनूप ओझा, प्रयागराज
अनूप ओझा, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 04 Jan 2022 04:12 AM IST
सार

माघ मेले में महीने भर तपस्या के लिए आने वाले संतों और कल्पवासियों के नाम पर भूमि सुविधाएं हड़पने के लिए बडे़ पैमाने पर खेल किया गया है। गंगा, यमुना और विलुप्त सरस्वती के संगम पर समूहों में बसने वाली तीन बड़ी धार्मिक संस्थाएं पिछले माघ मेले में दो फाड़ हो चुकी हैं।

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Magh Mela: Saket residents will settle on the sand, land allotted in the name of Mokshagami saints and priests
Prayagraj News : माघ मेला। - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

संगम की रेती पर माघ मेले में इस बार साकेतवासी साधु-संतों के भी शिविर लगेंगे। शिवधाम सिधार चुके दर्जनों संतों के नाम से इस बार भूमि आवंटित की गई है। ऐसा भी नहीं कि किसी एक आध्यात्मिक संस्था में ऐसा हुआ हो। मेले में समूहों में बसने वाले आचार्यबाड़ा, दंडीबाड़ा और खाक चौक में सौ बीघे से अधिक भूमि ऐसे संतों के नाम आवंटित की गई है, जिन्हें पिछले वर्षों में मोक्ष मिल चुका है।

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माघ मेले में महीने भर तपस्या के लिए आने वाले संतों और कल्पवासियों के नाम पर भूमि सुविधाएं हड़पने के लिए बडे़ पैमाने पर खेल किया गया है। गंगा, यमुना और विलुप्त सरस्वती के संगम पर समूहों में बसने वाली तीन बड़ी धार्मिक संस्थाएं पिछले माघ मेले में दो फाड़ हो चुकी हैं। भूमि सुविधाओं के लिए खाक चौक, आचार्यबाड़ा और दंडीबाड़ा के दोनों धड़ों में खींचतान नई बात नहीं है, लेकिन इस बार भूमि वितरण से पहले सुलह कर मोक्षप्राप्त करने वाले संतों की भूमि सुविधाएं हथिया ली गई हैं।

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उत्तराधिकारियों से मांगे गए दस्तावेज
खाक चौक में महामंडलेश्वर कपिल देव दास नागा कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में साकेतवासी हो गए। उनके उत्तराधिकारी का पट्टाभिषेक नहीं हो सका है। लेकिन, इस बार के मेले में कपिलदेव दास नागा के नाम से ही भूमि आवंटित हुई है। खाक चौक में ऐसे करीब 25 संत हैं, जिन्हें शिवलोक मिलने के बाद भी रेती पर जमीन मिल रही है।

इसी तरह दंडीबाड़ा में भी 15 से अधिक साकेतवासी संतों के नाम भूमि आंवटित कराकर शिष्यों सुविधाएं हासिल करने और शिष्यों को बसाने की शिकायतें हैं। उधर, आचार्यबाड़ा में भी साकेतवासी संतों के नाम पर भूमि आवंटित की गई है। इतना ही नहीं समूहों में कल्पवासियों को बसाने वाली तीर्थपुरोहितों की सबसे बड़ी संस्था प्रयागवाल सभा में भी 30 बीघे से अधिक भूमि मृतकों के ही नाम है। इन साकेतवासी तीर्थपुरोहितों की जगह पर अभी तक वरासत नहीं हो सकी है।

साकेतवासी हो चुके संतों के उत्तराधिकारियों से इकरारनामा या पुरानी सुविधा पर्चियों के कागज मांगे गए हैं। इसी मेले के दौरान मेला प्रशासन के साथ बैठक कर खाक चौक के सभी साकेतवासी संतों के स्थान पर उत्तराधिकारियों का नाम दर्ज करा दिया जाएगा। महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा- महामंत्री , खाक चौक व्यवस्था समिति।

सात-आठ वर्ष पहले नश्वर शरीर का परित्याग कर चुके दर्जन भर से अधिक तीर्थपुरोहितों के स्थान पर अभी वरासत नहीं हो सकी है। इस वजह से अभी तक दिवंगतों के नाम से ही भूमि आवंटित हो रही है। प्रधान तीर्थपुरोहित डॉ. प्रकाश चंद्र मिश्र, अध्यक्ष, प्रयागवाल सभा।

डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा आज करेंगे माघ मेला के सबसे बड़े अन्नक्षेत्र के लिए कराहा पूजन
डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा मंगलवार को माघ मेले में दोपहर दो बजेे सबसे बड़े अन्नक्षेत्र के लिए कराहा पूजन करेंगे। परेड स्थित ओम नम: शिवाय के अन्नक्षेत्र के लिए सविधि मंत्रोच्चार के साथ कराह पूजन किया जाएगा। इस अन्नक्षेत्र में माघ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए 12 जनवरी से भंडारा शुरू हो जाएगा, जो माघी पूर्णिमा तक चलेगा। ओम नम: शिवाय आश्रम की ओर माघ मेला क्षेत्र में परेड और संगम मार्ग पर अन्नक्षेत्र का संचालन किया जाएगा।

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