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बारिश में बिगड़ा मेला, कम हुआ श्रद्धालुओं का रेला
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Tue, 27 Jan 2015 11:10 PM IST
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तीन दिन से हो रही बारिश ने मेले का स्वरूप और मिजाज दोनों बिगाड़ दिया। श्रद्धालुओं का रेला कम हो ही गया है, संतों का भी आश्रमों की ओर प्रस्थान शुरू हो गया है। मेले की रौनक पूर्णिमा स्नान से पहले ही कम होने लगी है। घाटों और मेला क्षेत्र की सड़कों पर भी अव्यवस्था का आलम है। जगह-जगह कीचड़ हो जाने से फिसलन बढ़ गई हैं तो शिविरों में भी बारिश का पानी घुस जाने से सबकुछ अस्त-व्यस्त हो गया है। कल्पवासियों के शिविरों में रखे तमाम सामान भीगकर नष्ट हो गए हैं। तमाम श्रद्धालुओं को अब मेला छोड़कर लौटना पड़ रहा है। मेला क्षेत्र के दंडीबाड़ा, आचार्यबाड़ा, खाक गंगोली शिवाला मार्ग, तुुलसी मार्ग महावीर मार्ग सहित पूरे मेले में ें जगह-जगह कीचड़ हो गया।
कल्पवासियों के शिविर टपकने से उनका सारा सामान भीग गया। कल्पवास के आखिरी दिनों में होने वाले अनुष्ठान पूजा व भंडारा करने की तैयारी पर पानी फिर गया। सबसे खराब स्थिति तीर्थपुरोहितों के यहां रहने वालों की रही। गाटा मार्गों पर स्थिति बदतर रही। कल्पवासी पीने के पानी के लिए तरसते रहे। बिजली गुल रहने से शिविरों में अंधेरा रहा। संगम सहित गंगा के विभिन्न घाटों पर घाटों में फिसलन व चकर्ड प्लेट के नीचे से जमीन धसने से श्रद्धालु चुटहिल हुए। पुरीपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती, दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम सहित कई संत महंत पूर्णिमा स्नान से पहले ही मेला क्षेत्र से विदा हो गए। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के मेला प्रभारी स्वामी सहजानंद ब्रह्मचारी के मुताबिक अगर बारिश थमी नहीं तो शिविरों में इक्का दुक्का ही लोग नजर आएंगे
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कल्पवासियों के शिविर टपकने से उनका सारा सामान भीग गया। कल्पवास के आखिरी दिनों में होने वाले अनुष्ठान पूजा व भंडारा करने की तैयारी पर पानी फिर गया। सबसे खराब स्थिति तीर्थपुरोहितों के यहां रहने वालों की रही। गाटा मार्गों पर स्थिति बदतर रही। कल्पवासी पीने के पानी के लिए तरसते रहे। बिजली गुल रहने से शिविरों में अंधेरा रहा। संगम सहित गंगा के विभिन्न घाटों पर घाटों में फिसलन व चकर्ड प्लेट के नीचे से जमीन धसने से श्रद्धालु चुटहिल हुए। पुरीपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती, दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम सहित कई संत महंत पूर्णिमा स्नान से पहले ही मेला क्षेत्र से विदा हो गए। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के मेला प्रभारी स्वामी सहजानंद ब्रह्मचारी के मुताबिक अगर बारिश थमी नहीं तो शिविरों में इक्का दुक्का ही लोग नजर आएंगे
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