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Magh Mela : अचला सप्तमी पर संगम स्नान के लिए उमड़ी भीड़, दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी

Sun, 25 Jan 2026 07:10 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 25 Jan 2026 07:10 PM IST
सार

Achala Saptami News : माघ मेले में रविवार को अचला सप्तमी पर श्रद्धालओं की भारी भीड़ उमड़ी। संगम पहुंचने के हर मार्ग पर भक्तों की भीड़ दिख रही है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के खासा इंतजाम हैं। मेला प्रशासन ने दावा किया कि रात आठ बजे तक दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई।

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Magh Mela Crowds of devotees gathered for the Sangam bath on Achala Saptami
अचला सप्तमी पर संगम स्नान करने के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

माघ मेले में रविवार को अचला सप्तमी पर श्रद्धालओं की भारी भीड़ उमड़ी। संगम पहुंचने के हर मार्ग पर भक्तों की भीड़ दिख रही है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के खासा इंतजाम हैं। मेले में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। घाट पर पुलिस, पैरामिलिट्री, पीएसी और सिविल डिफेंस लोग तैनात हैं। स्नान के बाद श्रद्धालु श्री बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। जगह-जगह भंडारे का आयोजन चल रहा है। रविवार छुट्टी का दिन होने के कारण बड़ी संख्या में स्थानीय लोगो भी पहुंचे हैं। इसके अलावा दूसरे जनपदों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मेला प्रशासन के  50 लाख के अनुमान से कहीं अधिक दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई।



दोपहर 12 बजे तक 50 लाख श्रद्धालु कर चुके थे स्नान

संगम नोज समेत माघ मेला के घाटों पर रात से ही दर्शनार्थियों की भीड़ से मेला गुलजार हो गया है। सूर्योदय का इंतजार किए बना श्रद्धालुओं ने भोर से ही डुबकी लगानी शुरू कर दी। जिस ओर से श्रद्धालु पहुंचे उधर के ही घाट पर स्नान किया। गंगा यमुना सरस्वती की जय घोष के साथ श्रद्धालुओं ने पूजन अर्चन किया। भीड़ की वजह से लोग एक दूसरे का हाथ पकड़ कर चल रहे हैं। राम नाम संकीर्तन करते करने वाली भजन मंडलीय श्रद्धालुओं में भक्ति भाव का संचार पैदा कर रही हैं। संगम में डुबकी के साथ दान और ध्यान में रमे लोग रेती पर जम गए हैं। मेला प्रशासन ने दोपहर 12 बजे तक 50 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने का दावा किया है। चौकस व्यवस्था के बीच संगम नोज समेत अन्य घाटों पर सुबह से ही  ध्यान पूजा की होड़ मची हुई है।


Magh Mela Crowds of devotees gathered for the Sangam bath on Achala Saptami
अचला सप्तमी पर संगम स्नान करने के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

मेला क्षेत्र नो व्हीकल जोन बना

अचला सप्तमी के पावन अवसर पर संगम सहित गंगा-यमुना के 24 से अधिक घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ है। मेला प्रशासन ने अनुमान जताया है कि इस दौरान 40 से 50 लाख श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। वसंत पंचमी पर आए लाखों श्रद्धालु अभी भी मेला क्षेत्र के शिविरों में ठहरे हुए हैं, जो अचला सप्तमी स्नान के बाद वापसी कर सकते हैं।

श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों की बढ़ती आवाजाही से भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन बनाने की व्यवस्था की है। मेलाधिकारी ऋषिराज के अनुसार अचला सप्तमी पर महाराष्ट्र, बिहार, नेपाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित प्रदेश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं। उन्होंने बताया कि 40 से 50 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

Magh Mela Crowds of devotees gathered for the Sangam bath on Achala Saptami
अचला सप्तमी पर संगम स्नान करने के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
अचला सप्तमी का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में सप्तमी तिथि का विशेष महत्व है। माघ मास की सप्तमी को अचला सप्तमी कहा जाता है। इस दिन सूर्यदेव की विधिवत पूजा की जाती है। 25 जनवरी को श्रद्धालु अचला सप्तमी का व्रत भी रखेंगे। शास्त्रों के अनुसार इस व्रत में मसूर की दाल, गाजर और किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ के सेवन की मनाही है। वहीं, शनिवार को भी संगम तट पर आस्था, विश्वास और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में पुण्य स्नान कर दीपदान किया। हालांकि, कोहरे व धुंध के कारण श्रद्धालुओं को सूर्यदेव के साफ दर्शन नहीं हो सके।
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Magh Mela Crowds of devotees gathered for the Sangam bath on Achala Saptami
अचला सप्तमी पर संगम स्नान करने के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

पांटून पुलों की व्यवस्था

परेड से झूंसी जाने के लिए : पांटून पुल संख्या- तीन, पांच और सात

झूंसी से परेड आने के लिए : पांटून पुल संख्या- चार और छह

पार्किंग की व्यवस्था

प्लॉट नंबर-17 पार्किंग :
श्रद्धालु अपने वाहनों को पार्क कर पैदल काली मार्ग से अपर संगम मार्ग, संगम स्नान घाट, हनुमान घाट व रामघाट पर जा सकेंगे। स्नान के बाद श्रद्धालु अक्षयवट खड़ंजा मार्ग से त्रिवेणी वापसी मार्ग होते हुए पार्किंग स्थल तक पहुंच सकेंगे।

गल्ला मंडी पार्किंग : श्रद्धालु अपने वाहनों को पार्क कर पैदल काली-दो मार्ग से मोरी रैंप, किलाघाट मार्ग पहुंचकर काली उत्तरी घाट, मोरी घाट, शिवाला घाट व दशाश्वमेध घाट जा सकेंगे। इसके बाद गंगा मूर्ति चौराहा से ओल्ड जीटी रोड थाना दारागंज के सामने से या रिवर फ्रंट मार्ग से लौट सकेंगे।

नागवासुकि पार्किंग : श्रद्धालु अपने वाहनों को पार्क कर पैदल रिवर फ्रंट मार्ग या अन्य रास्ते से नागवासुकि स्नान घाट पर जा सकेंगे। इसके बाद रिवर फ्रंट मार्ग से पार्किंग में पहुंचकर अपने वाहनों से गंतव्य को वापस जा सकेंगे।

ओल्ड जीटी कछार पार्किंग : श्रद्धालु अपने वाहनों को पार्क कर पैदल नागवासुकि मार्ग से पांटून पुल नंबर-चार, पांच पश्चिमी के मध्य बने स्नान घाट पर जा सकेंगे। इसके बाद ओल्ड जीटी मार्ग, ओल्ड जीटी कछार पार्किंग से वापस जा सकेंगे।

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Magh Mela Crowds of devotees gathered for the Sangam bath on Achala Saptami
अचला सप्तमी पर संगम स्नान करने के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

टीकरमाफी महुआबाग पार्किंग : श्रद्धालु अपने वाहनों को पार्क कर पैदल महुआबाग पार्किंग से जीटी रोड, टीकरमाफी से त्रिवेणी मार्ग पांटून पुल नंबर-दो व तीन से स्नान घाट पर जा सकेंगे। इसके बाद काली मार्ग, टीकरमाफी, जीटी रोड से महुआबाग पार्किंग लौट सकेंगे।

सोहम आश्रम पार्किंग : श्रद्धालु अपने वाहनों को पार्क कर पैदल रिवरफ्रंट, अक्षयवट मार्ग, पांटून पुल एक के दक्षिणी ऐरावत स्नान घाट पर जा सकेंगे। इसके बाद महावीर मार्ग, रिवरफ्रंट से झूंसी मार्ग पर सोहम आश्रम पार्किंग लौट सकेंगे।

देवरख कछार पार्किंग : श्रद्धालु अपने वाहनों को पार्क कर पैदल सोमेश्वर महादेव रैंप मार्ग से सोमेश्वर महादेव स्नान घाट पर जा सकेंगे। इसके बाद उसी मार्ग से देवरख कछार पार्किंग या संबंधित पार्किंग में पहुंच सकेंगे।

गजिया पार्किंग : श्रद्धालु अपने वाहनों को पार्क कर पैदल अरैल घाट मार्ग से फलाहारी बाबा आश्रम के सामने से बांध रोड, अरैल घाट, चक्रमाधव घाट व अन्य स्नान घाटों पर जा सकेंगे। इसके बाद अरैल बांध रोड पहुंचकर सच्चा बाबा आश्रम से वापस जा सकेंगे।

नवप्रयागम पार्किंग : श्रद्धालु अपने वाहनों को पार्क कर पैदल नवप्रयागम अप्रोच मार्ग से अरैल बांध रोड, अरैल घाट, चक्रमाधव घाट व अन्य स्नान घाटों पर जा सकेंगे। इसके बाद संकट मोचन मार्ग, नवप्रयागम अप्रोच मार्ग से नवप्रयागम पार्किंग लौट सकेंगे।

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