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माघ मेलाः कर्नल ने मौके पर पहुंचकर दिया आश्ववासन
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Magh Mela: Colonel assured on arrival on the spot
- फोटो : ALDCOMPACT
प्रयागराज। संगम क्षेत्र में सेना की ओर से की गई कार्रवाई के विरोध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री, मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त आदि को संबोधित ज्ञापन और चौबीस घंटे के भीतर पुन: उसी स्थान पर तख्त नहीं रखाए जाने पर बेमियादी अनशन की चेतावनी के बाद शुक्रवार को सेना के अफसरों ने तीर्थपुरोहितों की सुध ली। कर्नल दास ने घटनास्थल पर पहुंचकर मौजूद तीर्थपुरोहितों से बातचीत की।
इस बीच तीर्थपुरोहितों का एक प्रतिनिधि मंडल माघ मेला अधिकारी से वार्ता कर रहा था। साथी तीर्थपुरोहितों के संदेश पर सभी तीर्थपुरोहित घटनास्थल पर वार्ता के लिए पहुंचे। तीर्थपुरोहितों के मुताबिक बातचीत के दौरान कर्नल दास ने तीर्थपुरोहितों की शिकायत के साथ ही उनके दावों को भी सुना और संबंधित प्रपत्र भी देेखे। बाद में उन्होंने उच्च अधिकारियों से वार्ता करके मामले के निस्तारण का भरोसा दिलाया। हालांकि इस बीच उन्होंने तीर्थपुरोहितों से किसी भी तरह का स्थायी या अस्थायी निर्माण न करने के लिए भी कहा। वैसे उन्होंने आश्वस्त भी किया कि इस दौरान सेना की ओर से सामान हटाने जैसी कोई भी कार्रर्वाई नहीं की जाएगी।
तीर्थपुरोहितों का कहना है कि सेना की पहल के बाद शनिवार को सेना के उच्च अधिकारियों से एक बात फिर बातचीत की जाएगी। सेना के रुख के मुताबिक ही तीर्थपुरोहितों की ओर से धरना-प्रदर्शन या बेमियादी अनशन के बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा। बता दें, चौबीस घंटे के भीतर मामले का निस्तारण न होने पर तीर्थपुरोहितों ने बेमियादी अनशन की चेतावनी दी थी। बातचीत के दौरान राजेंद्र पालीवाल, अजय पांडेय, राजेश तिवारी, संतोष भारद्वाज, मनोज कड़ाही, गौरव पांडेय, अमित पांडेय, डब्बू प्रोहा सहित बड़ी संख्या में तीर्थपुरोहित मौजूद थे।
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इस बीच तीर्थपुरोहितों का एक प्रतिनिधि मंडल माघ मेला अधिकारी से वार्ता कर रहा था। साथी तीर्थपुरोहितों के संदेश पर सभी तीर्थपुरोहित घटनास्थल पर वार्ता के लिए पहुंचे। तीर्थपुरोहितों के मुताबिक बातचीत के दौरान कर्नल दास ने तीर्थपुरोहितों की शिकायत के साथ ही उनके दावों को भी सुना और संबंधित प्रपत्र भी देेखे। बाद में उन्होंने उच्च अधिकारियों से वार्ता करके मामले के निस्तारण का भरोसा दिलाया। हालांकि इस बीच उन्होंने तीर्थपुरोहितों से किसी भी तरह का स्थायी या अस्थायी निर्माण न करने के लिए भी कहा। वैसे उन्होंने आश्वस्त भी किया कि इस दौरान सेना की ओर से सामान हटाने जैसी कोई भी कार्रर्वाई नहीं की जाएगी।
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तीर्थपुरोहितों का कहना है कि सेना की पहल के बाद शनिवार को सेना के उच्च अधिकारियों से एक बात फिर बातचीत की जाएगी। सेना के रुख के मुताबिक ही तीर्थपुरोहितों की ओर से धरना-प्रदर्शन या बेमियादी अनशन के बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा। बता दें, चौबीस घंटे के भीतर मामले का निस्तारण न होने पर तीर्थपुरोहितों ने बेमियादी अनशन की चेतावनी दी थी। बातचीत के दौरान राजेंद्र पालीवाल, अजय पांडेय, राजेश तिवारी, संतोष भारद्वाज, मनोज कड़ाही, गौरव पांडेय, अमित पांडेय, डब्बू प्रोहा सहित बड़ी संख्या में तीर्थपुरोहित मौजूद थे।
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