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माघ मेला: भूमि सुविधाओं के लिए एक हुए आचार्यबाड़ा के दोनों धड़े

Sun, 26 Dec 2021 09:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 26 Dec 2021 09:19 PM IST
सार

पिछले वर्ष अलग होकर गठित हुए दूसरे गुट के महामंत्री कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य पर अलग-अलग नाम से कई संस्थाएं बनाने और भूमि सुविधाएं बेचने का आरोप लगाया गया था, लेकिन विरोध के बावजूद उन सभी शिविरों के लिए भूमि आवंटित कर दी गई।

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Magh Mela: Both factions of Acharyabara united for land facilities
Prayagraj News : माघ मेले के लिए भूमि का आवंटन किया गया। - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

23 से अधिक फर्जी संस्थाओं के नाम भूमि आवंटित कराकर बेचने का आरोप लगाने वाले आचार्यबाड़ा के संतों ने रविवार को भूमि आवंटन के समय खामोशी अख्तियार कर ली। भूमि सुविधाओं के लिए आचार्यबाड़ा के दोनों विरोधी गुट एक साथ हो गए। दोनों गुटों के संतों की मौजूदगी में मेला प्रशासन ने भूमि आवंटित कर दी। इस बार 78 बीघे भूमि पर सेक्टर पांच में रामानुजनगर (आचार्यबाड़ा) बसेगा।

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आचार्यबाड़ा के संतों के शिविर इस बार बदरा- सोनौटी तक बसेंगे। सूरदास मार्ग तक स्वामी रामानुज नगर बसाने के लिए भूमि आवंटित कर दी गई। मेलाधिकारी शेषमणि पांडेय को फर्जी संस्थाओं की सूची सौंपकर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की मांग करने वाले रामानुजनगर प्रबंध समिति आचार्यवाड़ा के उपाध्यक्ष श्रीधराचार्य, कोषाध्यक्ष घनश्यामाचार्य और महामंत्री अखिलेशाचार्य रविवार को आवंटन के दौरान खामोश रहे।
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पिछले वर्ष अलग होकर गठित हुए दूसरे गुट के महामंत्री कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य पर अलग-अलग नाम से कई संस्थाएं बनाने और भूमि सुविधाएं बेचने का आरोप लगाया गया था, लेकिन विरोध के बावजूद उन सभी शिविरों के लिए भूमि आवंटित कर दी गई।

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सुविधाओं के लिए जारी विवाद फिलहाल थमा
दो धड़े में बंटे आचार्यबाड़ा के संतों में भूमि सुविधाओं को लेकर विवाद फिलहाल थम गया है। रविवार को रामानुजनगर प्रबंध समिति आचार्यवाड़ा के उपाध्यक्ष श्रीधराचार्य, कोषाध्यक्ष घनश्यामाचार्य और महामंत्री अखिलेशाचार्य के अलावा दूसरे धड़े के अच्युत प्रपन्नाचार्य और कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य समेत अन्य संतों की मौजूदगी में आपस सहमति के आधार पर भूमि आवंटन आरंभ हुआ।

इससे पहले मेलाधिकारी को दिए ज्ञापन में घनश्यामाचार्य ने कहा था कि अच्युत प्रपन्नाचार्य और कौशल शुक्ल (कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य) ने रामानुज नगर प्रबंध समिति में वर्ष 2014 में विवाद खड़ा कर दिया था। सहायक रजिस्ट्रार चिट्स फंड ने इस विवाद का निबटारा वर्ष 2020 में चुनाव कराकर खत्म करा दिया। इसके बाद इन संतों ने  अखिल भारतीय रामानुज वैष्णव समिति के नाम से अलग संस्था पंजीकृत करा ली।

आचार्यबाड़ा के संतों ने किया भूमि पूजन
संगम की रेती पर आचार्यबाड़ा के संतों ने निर्विघ्न माघ मेला कराने के लिए सविधि मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन किया। इस दौरान उपजिलाधिकारी मेला संत कुमार के अलावा कई अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। भूमि पूजन के साथ ही संतों ने अपने-अपने शिविरों की भूमि का समतलीकरण आरंभ करा दिया। अब शिविरों को बसाने का काम शुरू होगा। 

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