Prayagraj : माफिया अतीक की ‘मन्नत’ समेत 50 करोड़ की चार अन्य संपत्तियांं भी होगी सरकारी, सभी हो चुकी हैं कुर्क
इन चारों संपत्तियों को पूर्व में गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया जा चुका है। पुलिस आयुक्त कोर्ट से इन सभी संपत्तियों से संबंधित मामले गैंगस्टर न्यायालय में भेज दी गई हैं। इन चारों संपत्तियों को पिछले साल अलग-अलग तिथियों में कुर्क किया गया था।
विस्तार
माफिया अतीक अहमद की 50 करोड़ की चार अन्य संपत्तियां भी सरकार के पक्ष में निहित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इनमें नोएडा स्थित अतीक की ‘मन्नत’ नाम की आलीशान कोठी भी शामिल है। इन चारों संपत्तियों को पूर्व में गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया जा चुका है। पुलिस आयुक्त कोर्ट से इन सभी संपत्तियों से संबंधित मामले गैंगस्टर न्यायालय में भेज दी गई हैं। इन चारों संपत्तियों को पिछले साल अलग-अलग तिथियों में कुर्क किया गया था।
इनमें नोएडा में स्थित कोठी के साथ लखनऊ की जमीन व मकान और धूमनगंज के नसीरपुर सिलना स्थित लगभग 8700 वर्ग मीटर बेशकीमती जमीन शामिल है। कुर्क किए जाने के बाद कार्रवाई संबंधित आदेश संबंधित को तामीला कराया गया। सूत्रों का कहना है कि निर्धारित परिसीमा काल यानी तीन महीने के भीतर पुलिस आयुक्त न्यायालय में संबंधितों की ओर से संपत्तियों के अपराध से अर्जित न होने के संबंध में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। इसी क्रम में पुलिस आयुक्त न्यायालय ने अब इन संपत्तियों को निस्तारण के लिए गैंगस्टर कोर्ट में भेज दिया गया है।
कौन कौन सी हैं संपत्तियां
1-ग्रेटर नोएड गौतमबुद्ध नगर के ब्लॉक ए, सेक्टर 36 स्थित भूखंड संख्या 107 पर बनी ‘मन्नत’ नाम की कोठी।
2- धूमनगंज के नसीरपुर सिलना स्थित 8750 वर्ग मीटर जमीन।
3- लखनऊ के गोमती नगर विजयंत नगर 300 वर्ग मीटर भूमि पर बना मकान।
4- लखनऊ के भैंसोरा गांव में स्थित 0.8470 हेक्टेयर भूमि।
100 करोड़ की कुर्क संपत्ति के संबंध में कार्रवाई पूरी
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, माफिया अतीक अहमद की 200 करोड़ की संपत्ति गैंगस्टर एक्ट में कुर्क की जा चुकी है। यह संपत्ति अपराध से अर्जित मानी गई हैं। इनमें से 100 करोड़ की कुर्क संपत्ति को शासन में निहित कराने के क्रम में पुलिस की ओर से कार्रवाई पूरी कर ली गई है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही 50 करोड़ मूल्य की पूर्व में कुर्क संपत्ति को शासन के पक्ष में निहित करने के संबंध में आदेश आया है। खास बात यह है कि प्रयागराज में पुलिस कमिश्नरेट के गठन के बाद यह कार्रवाई अमल में लाई जा सकी है।