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Prayagraj: माफिया अतीक का गुर्गा फहद राहत पाने के योग्य नहीं, हाईकोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार
Wed, 15 Mar 2023 09:56 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 15 Mar 2023 09:56 AM IST
सार
कोर्ट ने कहा है कि तथ्यों और परिस्थितियों को देखकर ऐसा लगता है कि याची आदतन अपराधी है और माफिया गैंग का सक्रिय सदस्य है। उसके खिलाफ नौ आपराधिक मामले हैं। वह अन्य अभियुक्तों के साथ नामित है। इस लिहाज से उसे जमानत देने का आधार नहीं बन रहा है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करेली थाने में दो साल पहले पांच करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने और भूमि पर कब्जा करने के मामले में प्रयागराज के माफिया डॉन अतीक अहमद के गैंग के सदस्य फहद उर्फ वसिउर्रहमान को रिहा करने से इन्कार कर दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि तथ्यों और परिस्थितियों को देखकर ऐसा लगता है कि याची आदतन अपराधी है और माफिया गैंग का सक्रिय सदस्य है। उसके खिलाफ नौ आपराधिक मामले हैं। वह अन्य अभियुक्तों के साथ नामित है। इस लिहाज से उसे जमानत देने का आधार नहीं बन रहा है।
अत: याची की जमानत अर्जी को खारिज किया जाता है। यह आदेश न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने फहद उर्फ वसिउर्रहमान की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।
याची करेली थाने में वर्ष 2021 में दर्ज आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 323, 504, 506, 307, 308, 386, 427 के तहत दर्ज प्राथमिकी में आरोपी है। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने तर्क दिया कि प्राथमिकी सही सूचना के आधार पर दर्ज कराई गई है। याची प्रयागराज के माफिया डान, खूंखार अपराधी और बाहुबली अतीक अहमद के गैंग का सक्रिय सदस्य है।
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कोर्ट ने कहा है कि तथ्यों और परिस्थितियों को देखकर ऐसा लगता है कि याची आदतन अपराधी है और माफिया गैंग का सक्रिय सदस्य है। उसके खिलाफ नौ आपराधिक मामले हैं। वह अन्य अभियुक्तों के साथ नामित है। इस लिहाज से उसे जमानत देने का आधार नहीं बन रहा है।
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अत: याची की जमानत अर्जी को खारिज किया जाता है। यह आदेश न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने फहद उर्फ वसिउर्रहमान की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।
याची करेली थाने में वर्ष 2021 में दर्ज आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 323, 504, 506, 307, 308, 386, 427 के तहत दर्ज प्राथमिकी में आरोपी है। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने तर्क दिया कि प्राथमिकी सही सूचना के आधार पर दर्ज कराई गई है। याची प्रयागराज के माफिया डान, खूंखार अपराधी और बाहुबली अतीक अहमद के गैंग का सक्रिय सदस्य है।
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उसने अतीक के बेटे अली के साथ मिलकर शिकायतकर्ता के सिर पर पिस्टल लगा दी। कहा कि उसके पिता अतीक अहमद से बात करे। जब उसने अतीक से बात करने से मना कर दिया तो शिकायतकर्ता को मारा पीटा और पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगते हुए उसकी जमीन को अतीक की पत्नी शाइस्ता के नाम बैनामा करने को कहा। शिकायतकर्ता की तरफ से अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने पक्ष रखा।
याची की ओर से तर्क दिया गया है कि वह बेकसूर है। पुलिस द्वारा उसका नाम जांच में जानबूझकर मामले में लाया गया है, ताकि उसे फंसाया जा सके। वह एक जनवरी 2022 से जेल में बंद है। लिहाजा, उसे जमानत पर छोड़ दिया जाए। लेकिन, कोर्ट ने आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए जमानत पर रिहा करने से इन्कार कर दिया।
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