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Prayagraj News: नहीं रहे धार्मिक चैनलों की नींव रखने वाले माधवकांत, प्रयागराज से था ऐसा गहरा नाता
Mon, 14 Sep 2020 11:07 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 14 Sep 2020 11:07 AM IST
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संगम तट
- फोटो : अमर उजाला
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हिंदी अखबारों की पत्रकारिता से निकलकर देश में धार्मिक चैनलों की नींव रखने और फिर सब कुछ त्याग कर संन्यास रमाने वाले माधव कांत मिश्र उर्फ महामंडलेश्वर मार्तंड पुरी महाराज के निधन की खबर से प्रयागराज में शोक छा गया है। कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद शनिवार की रात उन्होंने अंतिम सांस ली थी। पढ़ाई से लेकर पत्रकारिता के सफर की शुरुआत तक को लेकर प्रयागराज से उनका गहरा नाता रहा है। वह पिछले सात अगस्त को अपने रिश्तेदार के शांति हवन में हिस्सा लेने प्रयागराज आए थे।
माधव कांत ने इसी संगमनगरी में पढ़ाई की और हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा। वह कुबेर टाइम्स, राष्ट्रीय सहारा, विश्व मानव, पाटलीपुत्र टाइम्स और सूर्या इंडिया में संपादक व संपादकीय सलाहकार भी रहे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में उन्होंने नाम कमाया। प्रिंट मीडिया के बाद धार्मिक चैनलों की भी उन्होंने शुरुआत की। उनके करीबी रिश्तेदार विभु श्रीवास्तव ने बताया कि कात्यायनी टीवी, दिशा, सनातन, आस्था, प्रयाग चैनलों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया।
देश में धार्मिक चैनलों की शुरुआत उन्होंने ही की थी। इसके बाद माया मोह को त्यागकर वह पत्रकार से संन्यासी बन गए थे। 66 वर्ष की उम्र में उन्होंने पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े में संन्यास ग्रहण कर लिया था। दीक्षा देने के बाद उनके गुरु स्वामी विश्वदेवानंद महाराज ने उन्हें मार्तंडपुरी नाम दिया था। माधवकांत उर्फ मार्तंडपुरी पिछले सात आगस्त को कलाविद् डॉ अभिनव गुप्त के शांति हवन में शामिल होने प्रयागराज आए थे। अभिनव उनके साले थे। उल्लेखनीय है कि पढ़ाई के दौरान ही साहित्यकार जगदीश गुप्त की पुत्री से उन्होंने प्रेम विवाह किया था।
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माधव कांत ने इसी संगमनगरी में पढ़ाई की और हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा। वह कुबेर टाइम्स, राष्ट्रीय सहारा, विश्व मानव, पाटलीपुत्र टाइम्स और सूर्या इंडिया में संपादक व संपादकीय सलाहकार भी रहे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में उन्होंने नाम कमाया। प्रिंट मीडिया के बाद धार्मिक चैनलों की भी उन्होंने शुरुआत की। उनके करीबी रिश्तेदार विभु श्रीवास्तव ने बताया कि कात्यायनी टीवी, दिशा, सनातन, आस्था, प्रयाग चैनलों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया।
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देश में धार्मिक चैनलों की शुरुआत उन्होंने ही की थी। इसके बाद माया मोह को त्यागकर वह पत्रकार से संन्यासी बन गए थे। 66 वर्ष की उम्र में उन्होंने पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े में संन्यास ग्रहण कर लिया था। दीक्षा देने के बाद उनके गुरु स्वामी विश्वदेवानंद महाराज ने उन्हें मार्तंडपुरी नाम दिया था। माधवकांत उर्फ मार्तंडपुरी पिछले सात आगस्त को कलाविद् डॉ अभिनव गुप्त के शांति हवन में शामिल होने प्रयागराज आए थे। अभिनव उनके साले थे। उल्लेखनीय है कि पढ़ाई के दौरान ही साहित्यकार जगदीश गुप्त की पुत्री से उन्होंने प्रेम विवाह किया था।
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