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चंद्र ग्रहण 2021 : सात घंटे ग्रहण काल में चंद्रमा, संगम पर मोक्ष के लिए जतन
Fri, 19 Nov 2021 10:32 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 19 Nov 2021 10:32 PM IST
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चंद्रग्रहण
- फोटो : iStock
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शुक्रवार को इस साल के आखिरी चंद्रग्रहण के दौरान दुर्लभ खगोलीय घटना का नजारा लोग नहीं निहार सके। इस दौरान करीब सात घंटे तक चंद्रमा का ग्रहण काल रहा। चंद्रमा के मोक्ष के लिए संगम के अलावा गंगा, यमुना के तटों और मठ-मंदिरों में जतन किए जाते रहे। कार्तिक शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण वर्षों बाद सात घंटे तक चलता रहा। इस बार चंद्रग्रहण सुबह 11:34 बजे ही लग गया। शाम को 5:33 बजे तक ग्रहण चलता रहा।
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हालांकि दिन में ग्रहण लगने की वजह से यह उपछाया ग्रहण था। ऐसे में सूतक की मान्यता नहीं रही, लेकिन ग्रहण से चंद्रमा के मोक्ष के लिए जतन किए जाते रहे। पूर्णिमा के दिन लगने वाले चंद्रग्रहण के रूप में इस दुर्लभ खगोलीय घटना को लोग अपनी आंखों से नहीं निहार सके। इसलिए कि यह उपछाया ग्रहण दिन में लगा। इस दौरान सूतक काल की मान्यता भले नहीं रही,लेकिन सात राशियों के जातकों के लिए यह ग्रहण शुभदायी नहीं रहा। ग्रहण के दौरान लोगों ने भजन-कीर्तन और स्नान भी किया। मोक्ष काल के बाद जयकारे गूंजने लगे। लोगों ने मंदिरों में सविधि पूजा, आरती की। इसके बाद दीपदान किया।
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