फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   LT grade teachers recruitment case

एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती धांधली में अफसरों की भूमिका पर शक

Sat, 03 Aug 2019 12:39 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2019 12:39 AM IST
विज्ञापन
LT grade teachers recruitment case
LT grade teachers recruitment case
प्रयागराज। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने वर्ष-2014 की एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में हुई व्यापक धांधली की जांच के आदेश दिए हैं। अपर निदेशक की अध्यक्षता में गठित कमेटी अब इस मामले की जांच करेगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव नीना श्रीवास्तव ने एडी स्तर की जांच कमेटी के गठन के लिए निदेशक (माध्यमिक शिक्षा)को पत्रावली भेज दी है। माना जा रहा है कि भर्ती घोटाले में कई बड़े अफसरों की गर्दन फंस सकती है। इसे यूपी के सबसे बड़े शिक्षक भर्ती घोटाले के रूप में देखा जा रहा है।
विज्ञापन

राजकीय इंटर कॉलेजों में हुई इस शिक्षक भर्ती में जेडई कार्यालय से लेकर यूपी बोर्ड के सत्यापन अनुभाग के तत्कालीन अधिकारियों-कर्मचारियों की संलिप्तता का पता चला है। शिक्षक भर्ती में भ्रष्टाचार का यह खेल संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडई) कार्यालय से खेला गया। उस समय जेडई के पद पर महेंद्र कुमार सिंह तैनात थे। मौजूदा समय वह शिक्षा निदेशालय में उप सचिव तृतीय के पद पर तैनात हैं। तब जेडई कार्यालय में फर्जी शिक्षक भर्ती का बड़ा रैकेट काम कर रहा था। इसमें लिपिकों से लेकर कुछ अफसर तक शामिल थे। इसमें मेरिट को ताक पर रखकर भर्तियां कराई गईं और आनन-फानन में नियुक्ति पत्र थमा दिए गए थे। कहा जा रहा है कि जेडई कार्यालय के इशारे पर ही यूपी बोर्ड के सत्यापन अनुभाग के टेबलेशन रजिस्टर में छेड़छाड़ की जाती थी और बड़े अफसरों की संलिप्तता के बिना ऐसा संभव नहीं था।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि एलटी ग्रेड की इस शिक्षक भर्ती में तब मेरिट स्नातक, परास्नातक के अंकों के साथ हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के भी अंकों के आधार पर बनती थी। ऐसे में अपात्रों को मेरिट में लाने के लिए यूपी बोर्ड के टेबलेशन रजिस्टर के पन्ने ही बदल दिए गए थे। हद तो तब हो गई जब प्रयागराज समेत यूपी के अन्य मंडलों में भी अफसरों ने बिना सत्यापन के ही आनन-फानन में नियुक्ति पत्र थमा दिए गए। उन दिनों शिकायत के बाद प्रयागराज, वाराणसी, मुरादाबाद मंडलों में जांच के नाम पर खानापूर्ति भी कराई गई। बरेली व मिर्जापुर मंडलों में भी हड़बड़ी में हुई नियुक्तियों में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं, लेकिन सपा राज में अनसुना कर दबा दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

पखवाड़े भीतर पूरी हो जाएगी जांच
प्रयागराज। पांच वर्ष पुराने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में धांधली के आरोप में एफआईआर की संस्तुति के बाद प्रशासनिक अधिकारी समेत कई अधिकारी कर्मचारी सकते में है। इनमें से कुछ कर्मियों ने राहत के लिए डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा से मुलाकात की थी। इसके बाद ही डिप्टी सीएम ने एडी स्तर पर कमेटी बनाकर इस मामले की जांच कराने के लिए कहा है। यूपी बोर्ड व माध्यमिक शिक्षा परिषद से जुड़े अफसरों का कहना है कि इस मामले की पखवाड़े भर के भीतर जांच पूरी करा ली जाएगी।
तब दो लिपिकों को निलंबित कर दबा दी गई थी फाइल
प्रयागराज। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में धांधली के इस मामले में जेडई कार्यालय के दो लिपिकों को निलंबित भी किया गया था। अब उसमें से एक लिपिक को डीआईओएस दफ्तर में तैनाती मिल गई है। इसके बाद इस मामले को अफसरों ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था।
वासुदेव यादव के कार्यकाल में हुई थी गड़बड़ी
प्रयागराज। पांच वर्ष पूर्व सपा राज में हुई एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के समय निदेशालय से लेकर जेडई कार्यालय तक के अधिकतर अधिकारी कर्मचारी यहीं तैनात हैं, जबकि कुछ सेवा निवृत्त हो चुके हैं। उस समय निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) के पद पर वासुदेव यादव तैनात थे। वह फिलहाल सेवा निवृत्त हो चुकेहैं। इसी तरह यूपी बोर्ड कार्यालय के प्रमोद तिवारी समेत दो लिपिक हाल में ही सेवा निवृत्त हुए हैं। अब इस भर्ती से जुड़े रिकार्ड ढूंढे नहीं मि रहे हैं।

एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में टेबलेशन रजिस्टर के पन्ने बदलकर की गई गड़बड़ी की जांच अब अपर निदेशक स्तर की कमेटी करेगी। डिप्टी सीएम के निर्देश पर कमेटी गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नीना श्रीवास्तव-सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed