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भोले के द्वार लगी लंबी कतार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 26 Jul 2016 01:52 AM IST
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इलाहाबाद
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इलाहाबाद। सावन के पहले सोमवार को शिवार्चन को मनकामेश्वर मंदिर समेत शहर के प्रमुख शिवालयों में लोगों की भीड़ उमड़ी रही। लोग भोर से ही मंदिरों में जमा हुए और यह सिलसिला दोपहर तक चलता रहा। शाम को भी शिव दर्शन के लिए कतारें लगीं।भक्तोें की भीड़ को देखते हुए मंदिरों में भी विशेष व्यवस्था की गई थी। सुहागिनों ने अखंड सौभाग्य और युवतियों ने मनोवांछित वर की कामना से व्रत रखा। घरों और महिला मंडलियों में भी पूजन-अर्चना का क्रम चला।
सरस्वती घाट स्थित मनकामेश्वर मंदिर में भोर से पहले ही श्रद्धालुओं का जुटना आरंभ हो गया था। व्यवस्थापक स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी की ओर से घंटा घड़ियाल शंखनाद के बीच मंगला आरती के बाद जलाभिषेक का क्रम शुरू हुआ। भक्तों ने बेल पत्र, दूध, गंगाजल, धूप दीप नैवेद्य से शिवार्चन किया। दोपहर के पहले तक भीड़ का दबाव अधिक रहा। नए पुल तक कतारें लगी। आचार्य पुरोहितों की ओर से शिव पुराण, महामृत्यंजय मंत्र जाप किया गया। रात में मनकामेश्वर महादेव का गुलाब के फूलों से शृंगार हुआ। भजन कीर्तन से भक्तों ने शिवमहिमा बखानी।
इसी तरह आदि शंकर विमान मंडपम, नागवासुकि, कोटेश्वर महादेव, पंचमुखी महादेव, शिवकचहरी हाटकेश्वर महादेव, पीला शिवाला, कमौरी महादेव, मीरापुर स्थित ललिताधाम, कल्याणी देवी मंदिर आदि मंदिरों में रुद्राभिषेक सहित अनेक अनुष्ठान पूजन हुए। मंदिरों के आसपास सजी फूल, दूध, बेल पत्ती व पूजन सामग्री की दुकानों पर खासी भीड़ रही।
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दशाश्वमेध में कांवड़ियों का तांता
दशाश्वमेध घाट के समीप स्थित दशाश्वमेध महादेव मंदिर में कांवड़ियों का तांता लगा। सावन के पहले सोमवार को गंगाजल एकत्र करने से पहले कांवड़ियों ने गंगा पूजन कर दशाश्वमेध महादेव का पूजन अर्चन किया। बम भोले के जयकारों से दशाश्वमेध घाट गुंजायमान था। जलाभिषेक का क्रम देर रात तक चला। पुजारी शिवशंकर की देखरेख में महाआरती हुई।
तक्षकेश्वर में हुए विशेष अनुष्ठान
दरियाबाद स्थित तक्षकेश्वर महादेव मंदिर में मंगलाआरती के बाद जलाभिषेक का क्रम आरंभ हुआ। पीठाधीश्वर रविशंकर की देखरेख में महामृत्यंजय मंत्र, दस महाविद्या की विशेष पूजा हुई। देर रात तांत्रिक पद्धति से विशेष अनुष्ठान हुआ। पीठाधीश्वर रविशंकर के मुताबिक पूरे सावन दर्शन करने वालों को चांदी का ॐ निशान वाला शिव लाकेट, रुद्राभिषेक करने वालों को चांदी का महामृत्युंजय यंत्र, प्रदोष को शृंगार कराने वालों को चांदी का स्वस्तिक दिया जाएगा।
सफेद चंदन से सजे भोलेनाथ
काली देवी मंदिर नयापुरा भावापुर स्थित भोलेनाथ का सफेद चंदन से विशेष शृंगार किया गया। मंदिर में पूजा अर्चना जलाभिषेक को सुबह से भक्तों की भीड़ रही। शाम को महाआरती हुई। प्रबंधक हनुमान प्रसाद, प्रधान सेवक सुशील कुमार पंडा, कलावती, सुमित श्रीवास्तव ने घंटा, घड़ियाल शंखनाद के साथ आरती उतारी। हर-हर महादेव के घोष से मंदिर परिसर गूंजता रहा।
शृंगार दर्शन कर हुए भावविभोर
कटघर स्थित भोलेगिरि महादेव मंदिर में शृंगार दर्शन करने को भक्तों का तांता लगा। पुजारी रामलाल एवं प्रभारी राजेश केसरवानी ने महाआरती की। सुबह दुग्धाभिषेक किया गया। शृंगार का संयोजन चंदन त्रिपाठी, लालकृष्ण उपाध्याय ने किया। व्यवस्था में अभिलाष केसरवानी, अशोक केसरवानी, अनिल सिंह, राजू सिंह, प्यारेलाल जायसवाल आदि लगे रहे।
आश्रमों में शिवार्चन की धूम
सावन के पहले सोमवार को शहर के विभिन्न आश्रमों, मठों में शिवार्चन की धूम रही।बाघम्बरी मठ गद्दी में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के सानिध्य में स्वामी आनंद गिरि ने बाघम्बरेश्वर महादेव का विधिविधान से रुद्राभिषेक किया। महंत नरेंद्र गिरि ने कहा, सावन मास में शिवार्चन करने से सारे कष्ट दूर होते हैं। इस अवसर पर वेदपाठी बटुक और आश्रम के संत महात्मा उपस्थित रहे।
शंकराचार्य आश्रम अलोपीबाग में जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के सानिध्य में रूद्राभिषेक हुआ। आचार्य छोटेलाल मिश्रा के आचार्यत्व में वेद पाठी बटुकों ने शिवपुराण का पाठ किया। शाम को प्रवचन सत्संग के बाद भजन कीर्तन हुए। दारागंज स्थित महानिर्वाणी अखाड़ा आश्रम में सचिव रामसेवक गिरि के सानिध्य में शिवार्चन हुआ। झूंसी स्थित टीकरमाफी आश्रम, निम्बार्क आश्रम आदि में शिवार्चन की धूम रही।
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सरस्वती घाट स्थित मनकामेश्वर मंदिर में भोर से पहले ही श्रद्धालुओं का जुटना आरंभ हो गया था। व्यवस्थापक स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी की ओर से घंटा घड़ियाल शंखनाद के बीच मंगला आरती के बाद जलाभिषेक का क्रम शुरू हुआ। भक्तों ने बेल पत्र, दूध, गंगाजल, धूप दीप नैवेद्य से शिवार्चन किया। दोपहर के पहले तक भीड़ का दबाव अधिक रहा। नए पुल तक कतारें लगी। आचार्य पुरोहितों की ओर से शिव पुराण, महामृत्यंजय मंत्र जाप किया गया। रात में मनकामेश्वर महादेव का गुलाब के फूलों से शृंगार हुआ। भजन कीर्तन से भक्तों ने शिवमहिमा बखानी।
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इसी तरह आदि शंकर विमान मंडपम, नागवासुकि, कोटेश्वर महादेव, पंचमुखी महादेव, शिवकचहरी हाटकेश्वर महादेव, पीला शिवाला, कमौरी महादेव, मीरापुर स्थित ललिताधाम, कल्याणी देवी मंदिर आदि मंदिरों में रुद्राभिषेक सहित अनेक अनुष्ठान पूजन हुए। मंदिरों के आसपास सजी फूल, दूध, बेल पत्ती व पूजन सामग्री की दुकानों पर खासी भीड़ रही।
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दशाश्वमेध में कांवड़ियों का तांता
दशाश्वमेध घाट के समीप स्थित दशाश्वमेध महादेव मंदिर में कांवड़ियों का तांता लगा। सावन के पहले सोमवार को गंगाजल एकत्र करने से पहले कांवड़ियों ने गंगा पूजन कर दशाश्वमेध महादेव का पूजन अर्चन किया। बम भोले के जयकारों से दशाश्वमेध घाट गुंजायमान था। जलाभिषेक का क्रम देर रात तक चला। पुजारी शिवशंकर की देखरेख में महाआरती हुई।
तक्षकेश्वर में हुए विशेष अनुष्ठान
दरियाबाद स्थित तक्षकेश्वर महादेव मंदिर में मंगलाआरती के बाद जलाभिषेक का क्रम आरंभ हुआ। पीठाधीश्वर रविशंकर की देखरेख में महामृत्यंजय मंत्र, दस महाविद्या की विशेष पूजा हुई। देर रात तांत्रिक पद्धति से विशेष अनुष्ठान हुआ। पीठाधीश्वर रविशंकर के मुताबिक पूरे सावन दर्शन करने वालों को चांदी का ॐ निशान वाला शिव लाकेट, रुद्राभिषेक करने वालों को चांदी का महामृत्युंजय यंत्र, प्रदोष को शृंगार कराने वालों को चांदी का स्वस्तिक दिया जाएगा।
सफेद चंदन से सजे भोलेनाथ
काली देवी मंदिर नयापुरा भावापुर स्थित भोलेनाथ का सफेद चंदन से विशेष शृंगार किया गया। मंदिर में पूजा अर्चना जलाभिषेक को सुबह से भक्तों की भीड़ रही। शाम को महाआरती हुई। प्रबंधक हनुमान प्रसाद, प्रधान सेवक सुशील कुमार पंडा, कलावती, सुमित श्रीवास्तव ने घंटा, घड़ियाल शंखनाद के साथ आरती उतारी। हर-हर महादेव के घोष से मंदिर परिसर गूंजता रहा।
शृंगार दर्शन कर हुए भावविभोर
कटघर स्थित भोलेगिरि महादेव मंदिर में शृंगार दर्शन करने को भक्तों का तांता लगा। पुजारी रामलाल एवं प्रभारी राजेश केसरवानी ने महाआरती की। सुबह दुग्धाभिषेक किया गया। शृंगार का संयोजन चंदन त्रिपाठी, लालकृष्ण उपाध्याय ने किया। व्यवस्था में अभिलाष केसरवानी, अशोक केसरवानी, अनिल सिंह, राजू सिंह, प्यारेलाल जायसवाल आदि लगे रहे।
आश्रमों में शिवार्चन की धूम
सावन के पहले सोमवार को शहर के विभिन्न आश्रमों, मठों में शिवार्चन की धूम रही।बाघम्बरी मठ गद्दी में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के सानिध्य में स्वामी आनंद गिरि ने बाघम्बरेश्वर महादेव का विधिविधान से रुद्राभिषेक किया। महंत नरेंद्र गिरि ने कहा, सावन मास में शिवार्चन करने से सारे कष्ट दूर होते हैं। इस अवसर पर वेदपाठी बटुक और आश्रम के संत महात्मा उपस्थित रहे।
शंकराचार्य आश्रम अलोपीबाग में जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के सानिध्य में रूद्राभिषेक हुआ। आचार्य छोटेलाल मिश्रा के आचार्यत्व में वेद पाठी बटुकों ने शिवपुराण का पाठ किया। शाम को प्रवचन सत्संग के बाद भजन कीर्तन हुए। दारागंज स्थित महानिर्वाणी अखाड़ा आश्रम में सचिव रामसेवक गिरि के सानिध्य में शिवार्चन हुआ। झूंसी स्थित टीकरमाफी आश्रम, निम्बार्क आश्रम आदि में शिवार्चन की धूम रही।