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Loksabha Chunav : बहारों फूल बरसाओ गाने पर भड़क गए थे चौधरी चरण सिंह, वजह जानने के बाद हुए सहज

Mon, 06 May 2024 05:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 06 May 2024 05:05 PM IST
सार

सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष केके श्रीवास्तव बताते हैं कि उस दौरान प्रचार रिक्शे आदि पर लाउडस्पीकर बांध कर होता था। लोकदल प्रत्याशी महबूब अहमद ने पांचों विधानसभा में दो-दो रिक्शे एवं दो-तीन जीप पर लाउडस्पीकर बंधवा कर प्रचार शुरू किया। महबूब आलम के प्रचार वाहन पर 1966 में रिलीज हुई फिल्म सूरज का चर्चित गीत ‘बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है’ ही बजता था।

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Loksabha Chunav: Chaudhary Charan Singh got angry on the song Baharon Phool Barsao, became comfortable
चौधरी चरण सिंह। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

वर्ष 1981 में हुए लोकसभा उप चुनाव के दौरान इलाहाबाद (अब प्रयागराज ) के करछना में आयोजित एक सभा में ‘बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है’ गाना सुनकर पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह भड़क गए थे। वह यहां लोकदल प्रत्याशी महबूब अहमद के समर्थन में एक चुनावी सभा को संबोधित करने आए थे। उस दौरान जब मंच पर उन्होंने यह गाना सुना तो उनका पारा चढ़ गया। कहा कि चुनावी सभा में फिल्मी गाना क्यों चल रहा है। उनकी इस नाराजगी पर समर्थक भी असहज हो गए थे।

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1980 में लोकसभा चुनाव में इलाहाबाद से कांग्रेस के टिकट पर वीपी सिंह निर्वाचित हुए। बाद में उन्हें पीएम इंदिरा गांधी के निर्देश पर यूपी का सीएम बना दिया गया। सीएम बनने के बाद वीपी सिंह को लोकसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देना पड़ा। त्यागपत्र देने के बाद इलाहाबाद के लिए 1981 में उपुचनाव हुआ। तब कांग्रेस आई के प्रत्याशी के रूप में केपी तिवारी चुनाव लड़ रहे थे। वहीं, लोकदल ने करेली निवासी महबूब अहमद को अपना प्रत्याशी बनाया। भाजपा के टिकट पर इलाहाबाद से पहली बार डॉ.मुरली मनोहर जोशी चुनाव लड़ रहे थे। तब जनता पार्टी से अलग हुए लोकदल और भाजपा के पास संसाधन के अभाव थे। तब प्रचार का तरीका अलग था।

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सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष केके श्रीवास्तव बताते हैं कि उस दौरान प्रचार रिक्शे आदि पर लाउडस्पीकर बांध कर होता था। लोकदल प्रत्याशी महबूब अहमद ने पांचों विधानसभा में दो-दो रिक्शे एवं दो-तीन जीप पर लाउडस्पीकर बंधवा कर प्रचार शुरू किया। महबूब आलम के प्रचार वाहन पर 1966 में रिलीज हुई फिल्म सूरज का चर्चित गीत ‘बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है’ ही बजता था।

उस चुनाव में चौधरी चरण सिंह की तब करछना बाजार में सभा थी। सभा में चरण सिंह को सुनने के लिए भीड़ थी। महबूब अहमद पूर्व पीएम को लेकर सभा में पहुंचे। महबूब अहमद को देखते ही गाना बजने लगा बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है। यह गाना सुनते ही चौधरी चरण सिंह भड़क गए। मेरी सभा में फिल्मी गाने क्यों बज रहे हैं।

संचालक ने समझाया कि प्रत्याशी का नाम महबूब अहमद है। इसी वजह से इस गाने को बजाया जा रहा है। इसके बाद ही चौधरी चरण सिंह संतुष्ट हुए। उन्होंने चुनावी सभा को तकरीबन एक घंटे संबोधित किया। हालांकि, यह चुनाव महबूब अहमद हार गए और कांग्रेस प्रत्याशी केपी तिवारी विजयी हुए। चुनाव में महबूब अहमद दूसरे और डॉ.जोशी को तीसरे स्थान पर रहे।

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